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Ambala News: अंबाला में 10 साल बाद बनेंगे कांग्रेस जिलाध्यक्ष, हुड्डा और सैलजा गुट दिखे एक मंच पर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jun 2025 02:15 AM IST
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Congress district president will be elected in Ambala after 10 years, Hooda and Selja factions were seen on one platform
अंबाला। जिला में कांग्रेस एक माह के भीतर अपने जिलाध्यक्ष बनाएगी। 10 साल बाद अंबाला में तीन जिलाध्यक्ष बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। इसमें एक छावनी, दूसरा सिटी और एक जिला ग्रामीण क्षेत्र को देखेगा। इच्छुक आवेदकों को आवेदन फार्म दे दिए हैं।
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सोमवार को आवेदन जमा होंगे। इसके साथ ही 35 से 55 वर्ष के जिलाध्यक्ष को कांग्रेस खोज रही है। दरअसल, शनिवार को छावनी के कांग्रेस कार्यालय में एआईसीसी की ओर से नियुक्त तीन पर्यवेक्षकों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। पर्यवेक्षकों में पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला, पीसीसी पर्यवेक्षक गौरव संपत सिंह आदि शामिल रहे।
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खास बात यह है कि पर्यवेक्षकों के साथ सैलजा और हुड्डा गुट दोनों के कांग्रेस कार्यकर्ता एक मंच पर दिखाई दिए। इस दौरान सांसद वरुण मुलाना, विधायक निर्मल सिंह, विधायक शैली चौधरी, पूर्व प्रत्याशी और पर्यवेक्षक परविंदर सिंह परी और एआईसीसी सदस्य चेतन चौहान उपस्थित रहे।
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एक महीने में जिलाध्यक्ष बनाने का दावा
पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला ने बताया कि एक महीने में जिलाध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसमें सबसे पहले तो इस बार उम्र की पार्टी ने सीमा तय की है। 35 वर्ष से 55 वर्ष तक के व्यक्ति को ही जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिलाध्यक्ष का चयन आवेदक का पार्टी के साथ वफादारी, पार्टी में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी और लोकसभा व विधानसभा के चुनावों में भूमिका पर आधारित रहेगा।

जिलाध्यक्ष के बाद संगठन को होगा विस्तार



पर्यवेक्षकों ने बताया कि एक महीने में जिलाध्यक्ष इसके बाद ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक की कमेटी, राजनैतिक अफेयर्स कमेटी, एग्जीक्यूटिव कमेटी और इसके बाद मंडल व बूथ स्तर की कमेटी की नियुक्ति की जाएगी। 10 साल बीतने के बाद अब अंबाला कांग्रेस को जिलाध्यक्ष मिलेंगे। वर्ष 2005 के समय सिटी में किरण बाला जैन तो कैंट में नरेंद्र सिंह शेरा जिलाध्यक्ष होते थे। इसके बाद से जिलाध्यक्ष नहीं बन सके। वहीं भले ही मंच पर कांग्रेस के सभी गुटों ने एकजुटता दिखाई हो मगर सभी गुटों की नेताओं की जिलाध्यक्ष की चयन प्रक्रिया पर नजर रहेगी। अगर चुनाव में किसी का वर्चस्व चला तो विरोध भी सामने आ सकता है।


कांग्रेस को समझ आई गुटबाजी से हारे चुनाव



प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला से जब पूछा गया कि चुनाव में गुटबाजी से कांग्रेस हार गई तो इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अगर गुटबाजी के कारण हार गई, हम कमजोर हो गए सभी को यह बात समझ आ गई। इसीलिए हम सभी मिलकर संगठन बनाएंगे तो पार्टी काे आगे बढ़ाएंगे।
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