मनरेगा घोटाले पर भड़के सीएम, विजिलेंस डीएसपी को फटकार
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गांव रायवाली में करीबन 15.59 लाख रुपये के मनरेगा घोटाले की जांच रही विजिलेंस की लेटलतीफी पर बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भड़क गए। उन्होंने विजिलेंस के डीएसपी को जवाब देने को कहा और फिर उनकी बातें सुनकर उन्हें फटकार लगाई। सीएम बुधवार दोपहर को सिटी के पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की समस्याओं को सुन रहे थे। मनरेगा में घपले की शिकायत पर सुनवाई करते हुए सीएम ने विजिलेंस के डीएसपी से कहा कि शिकायतकर्ता महीनों पहले घपले की शिकायत करता है और विजिलेंस उस पर गंभीरता ही नहीं दिखा रही है। जांच को बिना वजह क्यों लटकाया जा रहा है? सीएम ने विजिलेंस के डीएसपी से पूछा कि वे बताएं कि कौन सी तारीख तक इस घपले की जांच पूरी हो जाएगी? डीएसपी विजिलेंस ने सीएम को आश्वस्त किया कि ठीक एक माह बाद 7 नवंबर तक जांच पूरी कर ली जाएगी।
ये थी शिकायत गांव रायवाली के ग्रामीण रमेश कुमार ने सीएम को बताया कि उन्होंने जुलाई 2015 को उनके गांव में मनरेगा के कामों में हुई घपले की शिकायत विजिलेंस को दी थी। उससे पहले भी वे अपनी शिकायतें लेकर विभिन्न महकमों में भटकता रहा, लेकिन उसकी किसी ने भी नहीं सुनी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनके गांव में मनरेगा में जो काम हुए हैं, उनके मस्टरोल में फर्जी मजदूरों की एंट्री दिखाकर उनकी मजदूरी को अफसरों व कर्मचारियों ने हड़प लिया है, जबकि मनरेगा में सौ-सौ गज के जिन प्लाटों में मिट्टी की भरत करवाने का काम दिखाया गया है, वे भी नहीं हुआ है। इस सारे काम में करीबन 15.59 लाख रुपये का घपला किया है।
सीएम के सामने ही उलझे डीएसपी-बीडीपीओ घपले की शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने डीएसपी विजिलेंस और बीडीपीओ शहजादपुर दोनों को सामने मंच पर आकर अपना-अपना पक्ष रखने को कहा। डीएसपी विजिलेंस ने सीएम को बताया कि उन्होंने पत्र भेजकर बाकायदा बीडीपीओ शहजादपुर से इसी घपले के मामले में कुछ जानकारियां मांगी थी, लेकिन अभी तक नहीं मिली, इसलिए ये जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई। बीडीपीओ ने तुरंत अपने बचाव में सीएम को बताया कि आज 7 अक्तूबर है और 6 अक्तूबर रात आठ बजे तक भी विजिलेंस की ओर से उन्हें कोई पत्र नहीं मिला, जिसमें उन्होंने इस घपले के बाबत जानकारियां मांगी हों। डीएसपी विजिलेंस ने बताया कि बीडीपीओ झूठ बोल रहे हैं, डीएसपी ने सीएम को बीडीपीओ को भेजे गए पत्र का नंबर और तारीख बताई। डीएसपी और बीडीपीओ सीएम के सामने ही उलझ गए और सीएम को अपनी-अपनी सफाई देते रहे।
सीएम की चेतावनी, बदल गई है सरकार, रवैये भी बदल लो उसके बाद सीएम ने दोनों अफसरों को शांत करवाते हुए चेतावनी दी कि अब सरकार बदल चुकी है, इसलिए अपना रवैया भी उन्हें बदलना होगा। सीएम ने कहा कि घपलेबाजियों की जांच में मुझे अनावश्यक देरी नहीं चाहिए। उन्होंने डीएसपी विजिलेंस और बीडीपीओ शहजादपुर को निर्देश दिए कि वे ठीक एक महीने बाद इस घपले की जांच पूरी करे। वहीं मौजूद सेहत मंत्री अनिल विज ने भी डीएसपी विजिलेंस से कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में विजिलेंस इतनी लेटलतीफी करती रहेगी, तो कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि विजिलेंस अपनी कार्यप्रणाली सुधारे और लोगों की शिकायतों को जल्द निपटाए।
वीडियो बनाकर ले आओ, फिर देखता हूं अफसरों को गांव ठरवा के सतपाल सिंह ने सीएम के समक्ष कहा कि उनके गांव में शराब का अवैध ठेका चल रहा है। वे कई बार आबकारी विभाग में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन मिलीभगत के चलते कोई शिकायत नहीं सुनता। सीएम ने आबकारी विभाग के अफसर से जवाब मांगा, तो उन्होंने शिकायतकर्ता की बात को झूठा बताया। शिकायतकर्ता ने कहा कि मैं झूठ नहीं बोल रहा हूं। सीएम ने शिकायतकर्ता से कहा कि वह मोबाइल में शराब अवैध के ठेके की फोटो, वीडियो ले आए, फिर मैं देखता हूं इन अफसरों को। शिकायतकर्ता इस बात पर राजी हो गया।
सीएम के सामने भाजपाइयों ने अफसरों पर निकाली भड़ास सीएम के सामने भाजपाइयों ने अफसरों पर जमकर भड़ास निकाली। सीएम ने सभी को शांत कराकर इशारे में अफसरों को भी चेतावनी दे डाली। सबसे पहले जिला महामंत्री एवं भाजपा निगरानी समिति सिटी संयोजक जगमोहन कुमार सीएम के सामने आए और उन्होंने म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के एक्सईएन पर भ्रष्टाचार के खुलेआम आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये अफसर 18 साल से अंबाला में हैं और लोगों को नाजायज तंग करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। इस पर सीएम ने कारपोरेशन के ईओ से जवाब भी मांगा। उसके बाद भाजपा नेता सतीश मेहता ने नायब तहसीलदार पर रजिस्ट्री करने को लेकर नजायज तंग करने का खुलेआम आरोप लगाया। सीएम ने उनसे भी जवाब मांगा। भाजपा नेता सोम चोपड़ा ने बताया कि कैंट में सरकारी जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं और अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं। सीएम ने एमसीए कमिश्नर और ईओ को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे वालों को तुरंत पकड़ लो उन्हें सात दिन का नोटिस देने की जरूरत नहीं। भाजपा नेत्री एडवोकेट नम्रता गौड़ ने सीएम से कहा कि कार्यालयों में लगी बायोमैट्रिक मशीन का भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। कई अफसर व कर्मचारी सुबह व शाम को आकर बायोमैट्रिक हाजिरी तो लगा लेंते हैं, मगर बाद में सीटों पर बैठते नहीं हैं और जनता काम को लेकर भटकती रहती है। भाजपा नेत्री नीता खेड़ा ने सीएम के पास जाकर कहा कि सर, हम ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य हैं, लेकिन हमें यहां कुर्सी तक नहीं मिलती। बताइये क्या इज्जत करते हैं अफसर हमारी ? सीएम ने इस पर नाराजगी जताई। नगर परिषद के पूर्व प्रधान रमेश सिंगला ने सीएम से कहा कि डीसी कार्यालय के बाबुओं का भी बहुत बुरा हाल है। यदि डीसी साहब दफ्तर में न हो तो कोई पब्लिक की शिकायत लेने को ही तैयार नहीं होता। लोगों को धक्के खाने पड़ते हैं। भाजपा नेता अवधेश पांडेय ने सीएम ये कहा कि सेक्टर नौ में महीनों से गंदा पानी आ रहा है और हुडा अफसर आपके सामने खड़े होकर झूठ बोल रहे हैं। इस पर सीएम ने सख्ती दिखाते हुए एक दिन के भीतर समस्या का समाधान करने के आदेश दिए। इनेलो नेता एडवोकेट दिलबाग सिंह दानी ने भी सीएम को बताया कि सेक्टर सात, आठ और नौ में बहुत गंदा पानी आ रहा है, लेकिन हुडा अफसर कोई सुनवाई नहीं करता। सीएम ने अफसरों से कहा कि याद रहे कि हर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेताओं की 11 सदस्यीय कमेटी बनी हुई है। जिन्हें सरकार ने अफसरों से लेकर मंत्रियों तक के कामों की निगरानी करने और उनकी रिपोर्ट सीधे सीएम को देने तक की पावर दे रखी है। इसलिए अफसर सभी लोगों के जायज काम को न लटकाएं।
सीएम साहब ! सामूहिक शिकायतें तो आपके सामने आने ही नहीं देते अफसर भाजपाइयों ने सीएम से कहा कि ये अफसर आपके सामने असली सामूहिक शिकायतें तो आपके सामने आने ही नहीं देते। ये लोग एजेंडे मेें अधिकतर व्यक्तिगत शिकायतें ही शामिल करते हैं। भाजपाइयों ने सीएम को बताया कि बुधवार को भी अधिकतर लोग सामूहिक शिकायतेें लेकर यहां आएं हैं, मगर उन्हं पंचायत भवन की छत पर अफसरों ने बिठा रखा है। भाजपाइयों ने आरोप लगाया कि लोग यदि सामूहिक शिकायतें आपके सामने रख दें, तो प्रशासनिक अफसरों की कार्यप्रणाली की पोल खोलती है। इसलिए वे एजेंडे में कम से कम और व्यक्तिगत शिकायतें ही रखते हैं। इस पर भी सीएम ने संज्ञान लिया और सभी लोगों को छत से बुलवाकर एक-एक व्यक्ति का शिकायत पत्र लिया।
दरबार में आई सिर्फ 13 शिकायतें सीएम के समक्ष सिर्फ 13 शिकायतों को ही एजेंडे में पेश किया गया। डीसी अंबाला मनदीप सिंह बराड़ा ने बताया कि अधिकतर शिकायतों का निपटारा हो चुका है। लोग भी निपटान से पूरी तरह संतुष्ट है। बैठक मेें स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया के अलावा पुलिस आयुक्त ओपी सिंह, उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़, पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र पाल सिंह व विजय प्रताप सिंह, अंबाला, नारायणगढ़ व बराड़ा के एसडीएम कैप्टन शक्ति सिंह, रूचि सिंह व गगनदीप सिंह, नगराधीश अमित पांचाल सहित जिलें के तमाम उच्च अधिकारी व जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति के गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।