न अपराधी, न कोई जुर्म फिर भी 12 साल से हाथों में हथकड़ी, वजह बताने में घरवाले भी रोने लगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के अंबाला के एक गांव में रहने वाले युवक को उसके परिजन हर वक्त हथकड़ी की बंदिश में रखते हैं। ऐसा नहीं है कि यह युवक कोई अपराधी है या किसी जुर्म की सजा काट रहा है। हथकड़ी की यह बंदिश इस युवक के लिए एक विडंबना बन चुकी है। इसका जिक्र करते हुए इस युवक के परिजनों तक की आंखें नम हो जाती हैं, मगर युवक को इसी हालत में रखना परिवार की मजबूरी है।
बुधवार को अंबाला सिटी के सिविल अस्पताल में दिव्यांगों के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए लगाए गए विशेष शिविर में जब यह युवक हथकड़ी में बंधा पहुंचा, तो वहां मौजूद लोगों में चर्चा का विषय बन गया। लोग चिकित्सक तक से युवक की इस बंदिशों का कारण जानने को बेताब दिखाई दिए। युवक के साथ उसका बड़ा भाई, पत्नी व अन्य परिजन मौजूद थे।
युवक के बड़े भाई ने बताया कि उसका भाई करीब दस-बारह साल से इस हालात में है। उन्होंने बताया कि उनका छोटा भाई एक प्रकार का मानसिक रोगी है, जो अचानक बेकाबू हो जाता है और फिर उसे संभालना बेहद मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि वह किसी पर भी हमला कर देता है।
युवक के भाई ने बताया कि कई बार जब उसका छोटा भाई बेकाबू होकर दूसरों पर हमलावर हुआ, तब मजबूरी में उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा। भाई के अनुसार युवक फिलहाल उपचाराधीन है। युवक की मौजूदा हालात को देखते हुए शिविर में चिकित्सकों ने भी मानसिक रोगी युवक का मेडिकल करने से फिलहाल इंकार करते हुए उसे मनोविशेषज्ञ के पास रेफर कर दिया गया।