फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   civic

दहेज केस में इन्वेस्टिगेशन ज्वाइन करने आई ननद बेहोश, पुलिस के फूले हाथ-पांव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 01:15 AM IST
विज्ञापन
civic
महिला थाने में शहर वासी गीता की शिकायत पर दर्ज दहेज उत्पीड़न के केस में इनवेस्टिगेशन ज्वॉइन करने आई ननद बब्ली बेहोश होकर गिर गई। थाना एसएचओ सुनीता से मिलाने के बाद आरोपी पति व चारों ननदों को तस्दीक के लिए डीएसपी के पास लाया जा रहा था। दफ्तर के बाहर हुई इस घटना से पुलिस कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में उसे सरकारी अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। जून माह में दी गई शिकायत पर पहले वूमेन सेल में दोनों पक्षों की काउंसलिंग व आमने-सामने बातचीत कराई गई थी। विवाद का हल न निकलने पर 23 अक्टूबर को दहेज मांगने, मारपीट करने, अमानत में खयानत व धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। जानकारी के अनुसार सभी आरोपियों को नोटिस भेजकर पुलिस इन्वेस्टीगेशन में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। बृहस्पतिवार दिल्ली, शहादरा वासी पति प्रवीन कुमार, उत्तम नगर वासी ननद उमा, मधुनगर वासी अनीता, उप्र के मोदीनगर की सुनीता, पालम विहार की बबली पहुंच गए। सबसे पहले उन्हें एसएचओ सुनीता से मिलवाया गया। नियमानुसार उन्हें बाद में तस्दीक के लिए डीएसपी मदन लाल के पास ले जाना था। डीएसपी कार्यालय के बाहर बब्ली बेहोश हो गई।
विज्ञापन

यह है मामला
केस के अनुसार 2004 में गीता की शादी प्रवीन के साथ हुई थी। आरोप है कि कुछ समय तो सब कुछ ठीक रहा लेकिन बाद में दहेज की मांग करने लगे। मायके से 6 लाख रुपए लाने को कहा, इंकार करने पर मारपीट के साथ जान से मारने की धमकी दी गई। विवाह के बाद दो लड़के पैदा हुए। 2000 में सास का निधन हो चुका था। ससुर पेंशन से घर चलाते थे, आय का कोई और साधन नहीं था। 2011 में ससुर का भी निधन हो गया। प्रवीन ने कुछ समय बाद काम करना बंद कर दिया और शराब पीने लगा। घर में कलह रहने लगी। बच्चों की परवरिश के लिए मायके से सहायता ली। बाद में गीता को लकवा मार गया। वह लंबे समय तक बिस्तर पर रही। आरोप हैं कि प्रवीन के पड़ोस में एक महिला से अवैध संबंध बन गए। ननदों ने भी हमेशा भाई का ही पक्ष लिया। मायके आई तो एक बार दोबारा वापस ले गया। दोबारा फिर मारपीट कर घर से निकाल दिया। इसके बाद गीता ने कानून की शरण ली।
विज्ञापन

2011 से एक बार भी मायके नहीं आई ननदें
तफ्तीश सूत्रों के अनुसार 2011 में ससुर की मौत के बाद चारों में से एक भी ननद अपने मायके नहीं आई। कारण रहा कि गीता ने कोर्ट में एक शपथपत्र देकर मांग रखी थी कि ननदें उसके वैवाहिक जीवन में दखल देती हैं। वे उसके घर नहीं आएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनवेस्टिगेशन ज्वाइन के लिए बुलाई ननद बेहोश हुई
महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता व एएसआई हरदीप कौर के अनुसार दहेज के मामले में पति व ननदों को बुलाया गया था। इनमें से बबली तस्दीक के कारण बेहोश हो गई। ट्रामा सेंटर में उसका उपचार कराया गया है। मामले की तफ्तीश जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed