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Ambala News: एचएसजीपीसी के चुनावों में देरी कर रहे मुख्यमंत्री, सिख समाज जल्द लेगा फैसला-नलवी
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अंबाला। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के चुनावों में जानबूझकर देरी की जा रही है जबकि मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हो चुका है और अब न कोई प्रधान है और न ही सदस्य। इसलिए मुख्यमंत्री जल्द चुनाव की घोषणा करें।
ये बात हरियाणा सिख समाज के प्रधान दीदार सिंह नलवी ने कही। वे शनिवार को कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब पहुंचे थे और गुरु चरणों में अरदास के बाद कार्यकारिणी से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए वे हरियाणा के मुख्यमंत्री को चार-पांच बार पत्र लिख चुके हैं कि मिलने का समय दें, लेकिन वे नहीं दे रहे।
ऐसे ही जब हरियाणा की प्रबंधक कमेटी अलग की गई तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह समय नहीं देते थे। फिर उन्हें पत्र लिखा कि हरियाणा के सिख आपसे मिलना चाहते हैं। तीन महीने में जब उन्हें 20 पत्र लिखे तो उन्हें बुलावा आ गया। हमारा एक ही मुद्दा है कि मुख्यमंत्री हमें मिलने का समय दें, वो हमें अपनी संगत नहीं समझते। वो सिर्फ उन्हें संगत समझते हैं, जिन्हें उन्होंने नामित किया है ।
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कमेटी को हो गए 10 साल, कार्यकाल खत्म
नलवी ने बताया कि हरियाणा कमेटी जुलाई 2014 में बनी थी और आज 2024 है, दस साल के बीच चुनाव नहीं हुए। मुख्यमंत्री संविधान की तरफ देखें, लेकिन वो ऐसा नहीं कर रहे। मुख्यमंत्री को सता संभालने के लिए थोड़ा समय मिला है और वे सिख समाज के साथ अमन की बात करें। मुख्यमंत्री जानबूझकर मिलना नहीं चाहते, उन्हें पता है कि हम चुनाव चाहते हैं।
एक्ट की बढ़ोतरी के तहत जो उन्होंने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी बनाई थी वो 31 मई 2024 को खत्म हो चुकी है और यहां कोई काम करने वाला नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री से ये ही आग्रह करना था कि कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हो चुका है और सरकार ने इसे एक्स्टेंशन भी नहीं दी। 15 दिन पहले तरावड़ी बैठक में भी फैसला लिया था और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था कि वो 14 अगस्त से पहले एचएसजीपीसी के चुनाव कराएं, अन्यथा खालसा पंथ मनमानी करने पर उतर आएगा। अगर मुख्यमंत्री ने कोई फैसला न लिया तो सिख संगत फैसला लेगी और गुरु घर में 40 सदस्यीय कमेटी और 11 कार्यकारी सदस्यों की नियुक्ति गुरु चरणों में अरदास करके करेगी। उन्होंने कहा कि डीसी को मांगपत्र सौंपेंगे। इसके बाद चेतना मार्च निकालेंगे, गांव-गांव, शहर-शहर जाएंगे और पुतले फूकेंगे।
वर्जन
हमारा 40 सदस्यों का हाउस हैं। 40 सदस्यों में से 27 सदस्य आगामी चुनाव के लिए चुने गए हैं। बाकी 9 लोग अभी पाइप लाइन में हैं, जिनके साथ चुनाव को लेकर बातचीत चल रही है और जल्द ही अन्य सदस्य भी चुन लिए जाएंगे। हम सिख संगत को ऐसी बढि़या कमेटी देना चाहते हैं जो एसजीपीसी से भी काफी अच्छी होगी और पंथ व समाज की सेवा में बढ़-चढ़कर काम करेगी। जो भी राजनैतिक पार्टी उनका मुद्दा उठाएगी और साथ देगी तो वो भी उसे सहयोग करेंगे।
दीदार सिंह नलवी, प्रधान, हरियाणा सिख समाज।
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ये बात हरियाणा सिख समाज के प्रधान दीदार सिंह नलवी ने कही। वे शनिवार को कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब पहुंचे थे और गुरु चरणों में अरदास के बाद कार्यकारिणी से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए वे हरियाणा के मुख्यमंत्री को चार-पांच बार पत्र लिख चुके हैं कि मिलने का समय दें, लेकिन वे नहीं दे रहे।
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ऐसे ही जब हरियाणा की प्रबंधक कमेटी अलग की गई तब तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह समय नहीं देते थे। फिर उन्हें पत्र लिखा कि हरियाणा के सिख आपसे मिलना चाहते हैं। तीन महीने में जब उन्हें 20 पत्र लिखे तो उन्हें बुलावा आ गया। हमारा एक ही मुद्दा है कि मुख्यमंत्री हमें मिलने का समय दें, वो हमें अपनी संगत नहीं समझते। वो सिर्फ उन्हें संगत समझते हैं, जिन्हें उन्होंने नामित किया है ।
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कमेटी को हो गए 10 साल, कार्यकाल खत्म
नलवी ने बताया कि हरियाणा कमेटी जुलाई 2014 में बनी थी और आज 2024 है, दस साल के बीच चुनाव नहीं हुए। मुख्यमंत्री संविधान की तरफ देखें, लेकिन वो ऐसा नहीं कर रहे। मुख्यमंत्री को सता संभालने के लिए थोड़ा समय मिला है और वे सिख समाज के साथ अमन की बात करें। मुख्यमंत्री जानबूझकर मिलना नहीं चाहते, उन्हें पता है कि हम चुनाव चाहते हैं।
एक्ट की बढ़ोतरी के तहत जो उन्होंने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी बनाई थी वो 31 मई 2024 को खत्म हो चुकी है और यहां कोई काम करने वाला नहीं है। इसलिए मुख्यमंत्री से ये ही आग्रह करना था कि कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हो चुका है और सरकार ने इसे एक्स्टेंशन भी नहीं दी। 15 दिन पहले तरावड़ी बैठक में भी फैसला लिया था और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था कि वो 14 अगस्त से पहले एचएसजीपीसी के चुनाव कराएं, अन्यथा खालसा पंथ मनमानी करने पर उतर आएगा। अगर मुख्यमंत्री ने कोई फैसला न लिया तो सिख संगत फैसला लेगी और गुरु घर में 40 सदस्यीय कमेटी और 11 कार्यकारी सदस्यों की नियुक्ति गुरु चरणों में अरदास करके करेगी। उन्होंने कहा कि डीसी को मांगपत्र सौंपेंगे। इसके बाद चेतना मार्च निकालेंगे, गांव-गांव, शहर-शहर जाएंगे और पुतले फूकेंगे।
वर्जन
हमारा 40 सदस्यों का हाउस हैं। 40 सदस्यों में से 27 सदस्य आगामी चुनाव के लिए चुने गए हैं। बाकी 9 लोग अभी पाइप लाइन में हैं, जिनके साथ चुनाव को लेकर बातचीत चल रही है और जल्द ही अन्य सदस्य भी चुन लिए जाएंगे। हम सिख संगत को ऐसी बढि़या कमेटी देना चाहते हैं जो एसजीपीसी से भी काफी अच्छी होगी और पंथ व समाज की सेवा में बढ़-चढ़कर काम करेगी। जो भी राजनैतिक पार्टी उनका मुद्दा उठाएगी और साथ देगी तो वो भी उसे सहयोग करेंगे।
दीदार सिंह नलवी, प्रधान, हरियाणा सिख समाज।