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Ambala News: शंभू बॉर्डर पर कैंडल मार्च, चढूनी गुट अभी दूर, मगर एकजुट करने को अब उठाएंगे कदम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Feb 2024 01:26 AM IST
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Candle march on Shambhu border, Chaduni group still far away
अंबाला सिटी। हरियाणा-पंजाब को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर पर शनिवार को पंजाब की तरफ शुभकरण सिंह और अन्य किसानों की स्मृति में कैंडल मार्च निकाला। शाम को किसान अपने हाथों में मोमबत्तियां लेकर निकले और किसानों के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही रोष व्यक्त किया।
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इस दौरान किसानों ने फुटपाथ पर दोनों तरफ मोबत्तियां जलाईं और उसके पास ही खड़े होकर विरोध किया। किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि आज शहीदों को नमन कर हमने प्रण लिया है कि उन्होंने जिन कार्यों की पूर्ति के लिए अपनी कुर्बानी दी। जब तक वह कार्य पूरे नहीं हो जाते तब तक संघर्ष जारी रहेगा। एक दिन पहले यानी शुक्रवार को शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने देशभर के लोगों से अपील की थी कि कैंडल मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराएं।
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दूसरी तरफ हरियाणा में भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट ने इस कैंडल मार्च में भाग नहीं लिया। हालांकि चढूनी गुट अब किसान संगठनों को एकजुट करने का बीड़ा उठा रहा है। इसके लिए रविवार को चढूनी गुट के नेताओं की चंडीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेताओं के साथ बैठक होगी। इसमें सभी मोर्चों को एक साथ लाने पर जोर दिया जाएगा।
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हमने ही उठाया कदम : मलकीत सिंह

भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट, इस बार के किसान आंदोलन से दूर रहा है। हर बार चढूनी गुट के किसान नेताओं ने यह जवाब दिया है कि हमें बैठक में किसान आंदोलन कर रहे किसान नेताओं ने नहीं बुलाया। जबकि किसान आंदोलन करने वाले संगठन एसकेएम अराजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा हमेशा से ही यह कहता रहा है कि हमने सभी संगठनों के नेताओं को बुलाया था। ऐसे में किसानों पर जब पुलिस ने सख्ती की तो चढूनी गुट ने भी पंचायत कर अपने तरीके से विरोध जताया।
अब चढूनी गुट के नेताओं का कहना है कि उन्होंने सभी किसान संगठनों को एकजुट करने के लिए खुद ही कदम बढ़ा दिया है, क्योंकि सभी की मांगें समान हैं। चढूनी गुट के किसान नेता मलकीत सिंह बताते हैं कि सभी किसान संगठनों के लिए हम ही आगे आ गए हैं। इसके लिए हमने 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जो रविवार को चंडीगढ़ संयुक्त किसान मोर्चों से मिलने जाएगी।
इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा को मौजूदा समय में चल रहे किसान आंदोलन में साथ आने को मनाएगी। एसकेएम के मानने के बाद यह कमेटी एसकेएम अराजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं से बात करेगी और साथ आने के लिए तैयार करेगी। इसके बाद आंदोलन को मिलकर लड़ा जाएगा।


आज भी किसानों ने सिर पर बांधी काली पट्टी

शंभू बॉर्डर पर शनिवार को भी किसान रोष स्वरूप सिर पर काली पट्टी दिखाई दिए। किसानों का कहना था कि जब तक वह दिल्ली नहीं पहुंच जाते तब तक इसी प्रकार से सरकार की नीतियों और उनके साथ किए व्यवहार का विरोध करेंगे।
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