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Ambala News: श्रीमद्भागवत कथा सुनने से नहीं रहता कलयुग का दुष्प्रभाव

Mon, 14 Jul 2025 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Mon, 14 Jul 2025 02:20 AM IST
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By listening to Shrimad Bhagwat Katha, the ill effects of Kalyug are avoided
अंबाला सिटी। कथावाचक साक्षी गोपाल ने अग्रवाल भवन सेक्टर- 9 में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धुालुओं को श्रीमद्भागवत कथा श्रवण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कलयुग के दुष्प्रभाव को दूर करती है। भगवान श्री कृष्ण के चरण कमल में प्रीति को जाग्रत करती है। भक्ति महारानी के दोनों पुत्रों ज्ञान और वैराग्य को भी वृद्ध अवस्था से मुक्ति श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से ही प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि सभी जीवों के पास भोग बुद्धि होती हैं।
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उन्हाेंने कहा कि मनुष्य के पास ही व्यासयितमिका बुद्धि होती है जिससे वह जीवन में भगवत धाम वापस जा सकता है। कश्यप मुनि की दो पत्नियां थी, अदिति के पुत्र देवता कहलाए और दिती के पुत्र दैत्य कहलाए। दिती के मन में भावना आई कि उसे ऐसा पुत्र चाहिए जो कि इंद्र का वध कर सके। कश्यप मुनि ने उसे मुसवन व्रत करने का परामर्श दिया। दिती ने जब यह भक्ति युक्त व्रत किया तो उसका हृदय परिवर्तन हो गया। दिती के पुत्र इंद्र के शत्रु न होकर उसके सहायक बने। भक्तिमय सेवा जीव को शुद्ध कर देती है। कथा में महेंद्र अग्रवाल, कृष्णा शक्ति दास, अनिल कपूर मौजूद रहे।
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