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Ambala News: नहीं चलीं बसें, फंसे यात्रियों को अब ट्रेन का सहारा
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शिव मोहन,
अंबाला। किसान आंदोलन के चलते हरियाणा-पंजाब शंभू बॉर्डर पर प्रशासन और पुलिस की ओर से पंजाब जाने के रास्ते बंद कर दिए हैं। इसके चलते राजपुरा, संगरूर, बठिंडा, पटियाला, लुधियाना और अमृतसर जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं।
इन रूटों पर शनिवार दोपहर के बाद अंबाला डिपो की एक रविवार को एक भी बस नहीं चली। जबकि पीआरटीसी की सात बसें पटियाला से अंबाला और अंबाला से पटियाला के लिए चलीं। निजी बस चालक छावनी से राजपुरा और लुधियाना की सवारियों को बस में भरकर ले गए। लोगों को बसों के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा। मजबूरी में लोग ट्रेनों में धक्के खाते पंजाब जा रहे हैं। सरकारी बसों के चालक पंजाब में जाने के लिए जोखिम नहीं लेना चाहते, क्योंकि किसी गांव से बस निकालते समय हादसे का डर है। जबकि प्राइवेट बसों के चालक इस जोखिम के लिए सवारियों को क्षमता से अधिक भरकर ले जा रहे हैं।
इन रूटों पर नहीं चलीं पीआरटीसी
पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (पीआरटीसी) की बसें रविवार को दोपहर तक नहीं चली। इसके बाद शाम तक पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट काॅर्पोरेशन की सात बसें छावनी बस अड्डा से यात्रियों को लेकर अंबाला शहर, सराला, कपूरी और गनौर होते हुए पटियाला गए। इसके बाद किसी तरह पटियाला से छावनी पहुंचे। वहीं पीआरटीसी की अंबाला से अमृतसर के लिए एक बस चलाई गई।
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निजी बस चालक ठूंस ठूंस ले गए यात्री
छावनी अड्डा से निजी बस चालक राजपुरा, लुधियाना और जालंधर की सवारियों को आवाज लगाते नजर आए। इसके बाद उन्होंने बस में यात्रियों को ठूंस ठूंस कर भरा। वहीं एक बस में करीब 80 से 90 सवारी लेकर रवाना हो गए।
इन रूटों पर नहीं चलेंगी अंबाला से बसें
अंबाला से पंजाब के लिए करीब 50 बसें रोजाना रवाना होती हैं, लेकिन रविवार को छावनी बस अड्डा से पटियाला की 20 बसें, लुधियाना की 20, जालंधर की चार, जम्मू पठानकोट की एक और अमृतसर की तीन बसों में से कोई नहीं चली। वहीं नारायागढ़ बस अड्डा से चार बसें शहजादपुर, साहा, मुलाना, दोसड़का, यमुनानगर बाईपास लाडवा, इंद्री होते हुए दिल्ली पहुंची। पहले एक बस नारायणगढ़ से वाया बराड़ा होते हुए दिल्ली जा रहीं थी। जबकि तीन बसें नारायणगढ़ से वाया अंबाला छावनी अड्डा होते हुए दिल्ली जा रही थी। इसी तरह से पांच बसें जिसमें एक जालंधर, दो पटियाला, दो लुधियाना के लिए चलाई जाती थी, लेकिन उन बसों को दूसरे रूट पर चलाया गया।
फोटो-37 व 38
बढ़ी यात्रियों की संख्या, दस्ता भी तैनात
बसें नहीं चलने से अब रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। रविवार को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के यूटीएस काउंटर पर यात्रियों की भरमार रही। टिकट के लिए लंबी लाइनें नजर आईं। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के कमांडो दस्ते की तैनाती की। टीम ने स्टेशन पर जांच अभियान लगाया। सभी प्लेटफार्मों पर भीड़ नजर आई। जीआरपी के उपनिरीक्षक सत्यवीर ने बताया कि सुरक्षा के लिए स्टेशन पर गश्त चल रही है। इसके अलावा आरपीएफ ने भी रेल पटरियों की निगरानी बढ़ा दी है। इसके अलावा रेलवे की एजेंसियां भी मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर नजर जमाए हुए है।
ये यात्री रहे परेशान
फोटो: 20
डेढ़ घंटे से कर रहा इंतजार
लखनऊ स्थित निहालगढ़ निवासी शिव मोहन ने बताया कि 10 दिन पहले वह अपनी बीमार माता को देखने घर गया था। अब वह ट्रेन से अंबाला छावनी बस अड्डा पर आया है और खन्ना जाने वाली बस का पिछले डेढ़ घंटे से इंतजार कर रहा है।
फोटो: 21
पटियाला जाना था, बस नहीं मिली
उत्तर प्रदेश के बनारस निवासी सुनील ने बताया कि वह घर से अंबाला छावनी आया है उसे पटियाला में अपने जीजा के पास जाना था। एक घंटे से वह पटियाला जाने वाली बस का इंतजार कर रहा है, लेकिन बस का कोई पता नहीं है।
फोटो: 22
मलेरकोटला काम पर जाना है
करनाल निवासी भोला महताे ने बताया कि उसे पंजाब में मलेरकोटला ईंट के भट्टे पर जाना है। उसे दो घंटे होने वाले है, लेकिन मलेर कोटला की बस नहीं आ रही है। प्राइवेट बस चालक ठीक से बता नहीं रहे हैं कि बस कब आएगी।
फोटो: 23
बस नहीं मिली तो ट्रेन से जाएंगे
सहारनपुर निवासी अंकित ने बताया कि वह पटियाला में पेंटर का काम करता है। पटियाला जाना था, मगर अंबाला छावनी बस अड्डे पर करीब डेढ़ घंटा हो गया बस नहीं मिली। अब वह ट्रेन ही एक सहारा है।
फोटो : 25
बुजुर्ग को नहीं मिली बस
नागपुर निवासी अमरजीत कौर ने बताया कि वह अपने घर से ट्रेन से आई है और उसे अपने बेटे के पास पटियाला में जाना है लेकिन उसे नहीं पता था कि किसान आंदोलन के चलते पंजाब को जाने के लिए उसे साधन नहीं मिलेगा। करीब डेढ़ घंट से वह बस का इंतजार कर रही है।
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इन रूटों पर शनिवार दोपहर के बाद अंबाला डिपो की एक रविवार को एक भी बस नहीं चली। जबकि पीआरटीसी की सात बसें पटियाला से अंबाला और अंबाला से पटियाला के लिए चलीं। निजी बस चालक छावनी से राजपुरा और लुधियाना की सवारियों को बस में भरकर ले गए। लोगों को बसों के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा। मजबूरी में लोग ट्रेनों में धक्के खाते पंजाब जा रहे हैं। सरकारी बसों के चालक पंजाब में जाने के लिए जोखिम नहीं लेना चाहते, क्योंकि किसी गांव से बस निकालते समय हादसे का डर है। जबकि प्राइवेट बसों के चालक इस जोखिम के लिए सवारियों को क्षमता से अधिक भरकर ले जा रहे हैं।
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इन रूटों पर नहीं चलीं पीआरटीसी
पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (पीआरटीसी) की बसें रविवार को दोपहर तक नहीं चली। इसके बाद शाम तक पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट काॅर्पोरेशन की सात बसें छावनी बस अड्डा से यात्रियों को लेकर अंबाला शहर, सराला, कपूरी और गनौर होते हुए पटियाला गए। इसके बाद किसी तरह पटियाला से छावनी पहुंचे। वहीं पीआरटीसी की अंबाला से अमृतसर के लिए एक बस चलाई गई।
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निजी बस चालक ठूंस ठूंस ले गए यात्री
छावनी अड्डा से निजी बस चालक राजपुरा, लुधियाना और जालंधर की सवारियों को आवाज लगाते नजर आए। इसके बाद उन्होंने बस में यात्रियों को ठूंस ठूंस कर भरा। वहीं एक बस में करीब 80 से 90 सवारी लेकर रवाना हो गए।
इन रूटों पर नहीं चलेंगी अंबाला से बसें
अंबाला से पंजाब के लिए करीब 50 बसें रोजाना रवाना होती हैं, लेकिन रविवार को छावनी बस अड्डा से पटियाला की 20 बसें, लुधियाना की 20, जालंधर की चार, जम्मू पठानकोट की एक और अमृतसर की तीन बसों में से कोई नहीं चली। वहीं नारायागढ़ बस अड्डा से चार बसें शहजादपुर, साहा, मुलाना, दोसड़का, यमुनानगर बाईपास लाडवा, इंद्री होते हुए दिल्ली पहुंची। पहले एक बस नारायणगढ़ से वाया बराड़ा होते हुए दिल्ली जा रहीं थी। जबकि तीन बसें नारायणगढ़ से वाया अंबाला छावनी अड्डा होते हुए दिल्ली जा रही थी। इसी तरह से पांच बसें जिसमें एक जालंधर, दो पटियाला, दो लुधियाना के लिए चलाई जाती थी, लेकिन उन बसों को दूसरे रूट पर चलाया गया।
फोटो-37 व 38
बढ़ी यात्रियों की संख्या, दस्ता भी तैनात
बसें नहीं चलने से अब रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। रविवार को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के यूटीएस काउंटर पर यात्रियों की भरमार रही। टिकट के लिए लंबी लाइनें नजर आईं। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के कमांडो दस्ते की तैनाती की। टीम ने स्टेशन पर जांच अभियान लगाया। सभी प्लेटफार्मों पर भीड़ नजर आई। जीआरपी के उपनिरीक्षक सत्यवीर ने बताया कि सुरक्षा के लिए स्टेशन पर गश्त चल रही है। इसके अलावा आरपीएफ ने भी रेल पटरियों की निगरानी बढ़ा दी है। इसके अलावा रेलवे की एजेंसियां भी मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर नजर जमाए हुए है।
ये यात्री रहे परेशान
फोटो: 20
डेढ़ घंटे से कर रहा इंतजार
लखनऊ स्थित निहालगढ़ निवासी शिव मोहन ने बताया कि 10 दिन पहले वह अपनी बीमार माता को देखने घर गया था। अब वह ट्रेन से अंबाला छावनी बस अड्डा पर आया है और खन्ना जाने वाली बस का पिछले डेढ़ घंटे से इंतजार कर रहा है।
फोटो: 21
पटियाला जाना था, बस नहीं मिली
उत्तर प्रदेश के बनारस निवासी सुनील ने बताया कि वह घर से अंबाला छावनी आया है उसे पटियाला में अपने जीजा के पास जाना था। एक घंटे से वह पटियाला जाने वाली बस का इंतजार कर रहा है, लेकिन बस का कोई पता नहीं है।
फोटो: 22
मलेरकोटला काम पर जाना है
करनाल निवासी भोला महताे ने बताया कि उसे पंजाब में मलेरकोटला ईंट के भट्टे पर जाना है। उसे दो घंटे होने वाले है, लेकिन मलेर कोटला की बस नहीं आ रही है। प्राइवेट बस चालक ठीक से बता नहीं रहे हैं कि बस कब आएगी।
फोटो: 23
बस नहीं मिली तो ट्रेन से जाएंगे
सहारनपुर निवासी अंकित ने बताया कि वह पटियाला में पेंटर का काम करता है। पटियाला जाना था, मगर अंबाला छावनी बस अड्डे पर करीब डेढ़ घंटा हो गया बस नहीं मिली। अब वह ट्रेन ही एक सहारा है।
फोटो : 25
बुजुर्ग को नहीं मिली बस
नागपुर निवासी अमरजीत कौर ने बताया कि वह अपने घर से ट्रेन से आई है और उसे अपने बेटे के पास पटियाला में जाना है लेकिन उसे नहीं पता था कि किसान आंदोलन के चलते पंजाब को जाने के लिए उसे साधन नहीं मिलेगा। करीब डेढ़ घंट से वह बस का इंतजार कर रही है।

शिव मोहन,