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Ambala News: सपरिवार रावण का दहन, भक्त बोले जय श्रीराम
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अंबाला। जिला में विभिन्न स्थानों पर शनिवार को दशहरा मनाया। इस दौरान छावनी, सिटी में लोग आयोजन स्थलों पर भारी तादाद में पहुंचे और परिवार के साथ रावण के परिवार को जलते हुए देखा। सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बराड़ा में 120 फुट का रावण रहा। यह रावण का पुतला काफी भारी और कई कारीगरों की ओर से तैयार किया था। इसे तैयार करने में कई दिन लगे। सभी स्थानों पर श्रीराम का किरदार निभा रहे कलाकारों ने बाण से रावण, मेघनाद और कुंभकरण का वध किया। बराड़ा में रिमोट का बटन दबाकर रावण का दहन किया।
गांधी ग्राउंड में मना दशहरा महोत्सव
छावनी में श्री राम लीला कमेटी अनाज मंडी की ओर से दशहरा महोत्सव धूमधाम से मनाया। शनिवार को अनाज मंडी से शोभायात्रा निकाली। इस शोभायात्रा में श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना के साथ पैदल और रावण अपनी बग्गी में सवार होकर, कुंभकरण और मेघनाद घोड़ों पर सवार होकर सेना के साथ पैदल, बैंडबाजे, ढोल नगाड़े के साथ छावनी के गुड़ बाजार, दाल, बाजार, सदर बाजार, विजय रतन चौक, राय मार्केट से होते हुए जगाधरी रोड पहुंचे। इसके बाद यह शोभायात्रा गांधी मैदान पहुंची। यहां पहुंचने के बाद राम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना ने पहले पंडाल में परिक्रमा की। इसके बाद बग्गी पर सवार रावण और घोड़ों पर सवार कुंभकरण ओर मेघनाद अपनी राक्षसी सेना के साथ गांधी मैदान में पंडाल में पहुंचे। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। श्याम नगर के कलाकारों की ओर से राम और रावण का युद्ध दिखाया। इसके बाद मेरठ के सरधाना निवासी वकील अहमद की ओर से आतिशबाजी की गई। युद्ध में कुंभकरण और मेघनाद का वध किया। इसके बाद श्रीराम ने रावण पर बाण चलाकर उसका वध कर दिया। सूर्यास्त के समय रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया। इस अवसर पर सुरेंद्र राणा, अजय अग्रवाल पप्पू, सतीश कुमार , अनिल गुप्ता, अजय अग्रवाल, ऋषि गुप्ता, गिरीश अग्रवाल, यतीन बंसल, अमोल जैन, अरविंद शर्मा और युधिष्ठिर मौजूद रहे।
दशहरा मैदान :
अंबाला। छावनी के खुखरैन भवन में श्रीराम लीला कमेटी बजाजा बाजार की ओर से श्रीरामलीला दशहरा महोत्सव मनाया जा रहा है। वृंदावन के श्रीधाम से पधारे नीलांचल मंंडल के पंडित देवदत्त वशिष्ठ और प्रेम चंद वशिष्ठ ने बताया कि इस महोत्सव के 11वें दिन शनिवार को खुखरैन भवन से बैंडबाजाें के साथ शोभायात्रा निकाली। इस शोभायात्रा में एक रथ पर श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना, वहीं दूसरे रथ पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ अपनी सेना के साथ सवार हुए। इसके बाद यह शोभायात्रा बैंडबाजाें के साथ अनाज मंडी, गुड़ बाजार, दाल बाजार, पुराना डीसी रोड से माया वाला चौक होते हुए रामबाग रोड स्थित दशहरा मैदान में पहुंची। यहां पहुंचने के बाद कलाकारों की ओर से रामलीला का मंचन शुरू किया। इसके बाद दशहरा महोत्सव में पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। रामलीला मंचन के दौरान कलाकारों की ओर से एक तरफ राम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना और दूसरी तरफ रावण, कुंभकरण और मेघनाद और राक्षसी सेना के बीच युद्ध हुआ। यह युद्ध काफी देर तक चला। इस दौरान एक-एक करके राक्षस मरते रहे। संध्या होने पर मैदान में आतिशबाजी शुरू की। आतिशबाजी के दौरान ही राम और रावण का युद्ध चलता रहा। युद्ध में कुंभकरण और मेघनाद मारे गए। इसके बाद हनुमान जी की ओर से लंका दहन किया गया। लंका में आग लगाने के बाद श्रीराम ने बाण चलाकर रावण का वध किया। इसके कुछ समय बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान लोग धू-धू कर जल रहे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। इसके बाद पंडित प्रेम चंद वशिष्ठ और नगरवासियों की ओर से श्रीराम का राजतिलक किया।
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इन जगहों पर धू-धू कर जला रावण का परिवार
इस दौरान छावनी और शहर जगह-जगह रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाए। छावनी के गांधी मैदान में 65 फीट रावण, 60 फीट कुंभकरण और 55 फीट मेघनाद, छावनी के रामबाग रोड दशहरा मैदान में 55 फीट रावण, 45 फीट कुंभकरण, 35 फीट मेघनाद, रेलवे काॅलोनी स्थित नाचघर में 50 फीट रावण, 40 कुंभकरण 40 फीट मेघनाद, सिटी में रामबाग में 60 फीट रावण, 55 फीट कुंभकरण, 55 फीट मेघनाद, शहर के सेक्टर नौ स्थित हुड्डा मैदान में 60 फीट रावण, 55 फीट कुंभकरण और मेघनाद, शहर के सेक्टर सात में 45 फीट रावण, 40 फीट कुंभकरण और 40 फीट मेघनाद, शहर के जंडली में 45 फीट रावण, 40 फीट कुंभकरण, 40 फीट मेघनाद के पुतले शामिल हैं।
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गांधी ग्राउंड में मना दशहरा महोत्सव
छावनी में श्री राम लीला कमेटी अनाज मंडी की ओर से दशहरा महोत्सव धूमधाम से मनाया। शनिवार को अनाज मंडी से शोभायात्रा निकाली। इस शोभायात्रा में श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना के साथ पैदल और रावण अपनी बग्गी में सवार होकर, कुंभकरण और मेघनाद घोड़ों पर सवार होकर सेना के साथ पैदल, बैंडबाजे, ढोल नगाड़े के साथ छावनी के गुड़ बाजार, दाल, बाजार, सदर बाजार, विजय रतन चौक, राय मार्केट से होते हुए जगाधरी रोड पहुंचे। इसके बाद यह शोभायात्रा गांधी मैदान पहुंची। यहां पहुंचने के बाद राम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना ने पहले पंडाल में परिक्रमा की। इसके बाद बग्गी पर सवार रावण और घोड़ों पर सवार कुंभकरण ओर मेघनाद अपनी राक्षसी सेना के साथ गांधी मैदान में पंडाल में पहुंचे। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। श्याम नगर के कलाकारों की ओर से राम और रावण का युद्ध दिखाया। इसके बाद मेरठ के सरधाना निवासी वकील अहमद की ओर से आतिशबाजी की गई। युद्ध में कुंभकरण और मेघनाद का वध किया। इसके बाद श्रीराम ने रावण पर बाण चलाकर उसका वध कर दिया। सूर्यास्त के समय रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया। इस अवसर पर सुरेंद्र राणा, अजय अग्रवाल पप्पू, सतीश कुमार , अनिल गुप्ता, अजय अग्रवाल, ऋषि गुप्ता, गिरीश अग्रवाल, यतीन बंसल, अमोल जैन, अरविंद शर्मा और युधिष्ठिर मौजूद रहे।
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दशहरा मैदान :
अंबाला। छावनी के खुखरैन भवन में श्रीराम लीला कमेटी बजाजा बाजार की ओर से श्रीरामलीला दशहरा महोत्सव मनाया जा रहा है। वृंदावन के श्रीधाम से पधारे नीलांचल मंंडल के पंडित देवदत्त वशिष्ठ और प्रेम चंद वशिष्ठ ने बताया कि इस महोत्सव के 11वें दिन शनिवार को खुखरैन भवन से बैंडबाजाें के साथ शोभायात्रा निकाली। इस शोभायात्रा में एक रथ पर श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना, वहीं दूसरे रथ पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ अपनी सेना के साथ सवार हुए। इसके बाद यह शोभायात्रा बैंडबाजाें के साथ अनाज मंडी, गुड़ बाजार, दाल बाजार, पुराना डीसी रोड से माया वाला चौक होते हुए रामबाग रोड स्थित दशहरा मैदान में पहुंची। यहां पहुंचने के बाद कलाकारों की ओर से रामलीला का मंचन शुरू किया। इसके बाद दशहरा महोत्सव में पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। रामलीला मंचन के दौरान कलाकारों की ओर से एक तरफ राम, लक्ष्मण, हनुमान और वानर सेना और दूसरी तरफ रावण, कुंभकरण और मेघनाद और राक्षसी सेना के बीच युद्ध हुआ। यह युद्ध काफी देर तक चला। इस दौरान एक-एक करके राक्षस मरते रहे। संध्या होने पर मैदान में आतिशबाजी शुरू की। आतिशबाजी के दौरान ही राम और रावण का युद्ध चलता रहा। युद्ध में कुंभकरण और मेघनाद मारे गए। इसके बाद हनुमान जी की ओर से लंका दहन किया गया। लंका में आग लगाने के बाद श्रीराम ने बाण चलाकर रावण का वध किया। इसके कुछ समय बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान लोग धू-धू कर जल रहे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। इसके बाद पंडित प्रेम चंद वशिष्ठ और नगरवासियों की ओर से श्रीराम का राजतिलक किया।
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इन जगहों पर धू-धू कर जला रावण का परिवार
इस दौरान छावनी और शहर जगह-जगह रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाए। छावनी के गांधी मैदान में 65 फीट रावण, 60 फीट कुंभकरण और 55 फीट मेघनाद, छावनी के रामबाग रोड दशहरा मैदान में 55 फीट रावण, 45 फीट कुंभकरण, 35 फीट मेघनाद, रेलवे काॅलोनी स्थित नाचघर में 50 फीट रावण, 40 कुंभकरण 40 फीट मेघनाद, सिटी में रामबाग में 60 फीट रावण, 55 फीट कुंभकरण, 55 फीट मेघनाद, शहर के सेक्टर नौ स्थित हुड्डा मैदान में 60 फीट रावण, 55 फीट कुंभकरण और मेघनाद, शहर के सेक्टर सात में 45 फीट रावण, 40 फीट कुंभकरण और 40 फीट मेघनाद, शहर के जंडली में 45 फीट रावण, 40 फीट कुंभकरण, 40 फीट मेघनाद के पुतले शामिल हैं।