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Ambala News: नौकरी के नाम पर जीजा से ठगे 20.51 लाख
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नारायणगढ़। दिल्ली पुलिस में नौकरी लगाने के नाम पर 20 लाख 51 हजार रुपये की धोखाधड़ी हो गई। भूरेवाल गांव निवासी महेंद्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में तीन व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। इनमें मनोज पवार, सीमा ढाका और राजेश कुमार पर मामला दर्ज किया है।
महेंद्र सिंह ने बताया कि उसने अपने बेटे मोहित प्रधान का दिल्ली पुलिस का फार्म ऑनलाइन भरा था। इसका एडमिट कार्ड भी उसे प्राप्त हो गया था। इस दौरान उसका साला मनोज ने बेटे मोहित प्रधान का एडमिट कार्ड देखकर बताया कि दिल्ली पुलिस में उसके बड़े अधिकारी जानकार हैं। उसने वहां के कमिश्नर आलोक कुमार वर्मा के सहायक राजेश कुमार का जिक्र किया और उसे फोन पर बात करने की जानकारी दी।
इसके बाद मनोज दोबारा उनके घर आया और बोला कि राजेश कुमार से बात हो गई है और वह मोहित प्रधान को नौकरी लगवा देगा। उसने शुरुआत में उससे छह लाख रुपये की डिमांड की। उन्होंने शुरू में मनोज को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके 15 दिन बाद फिर वो 50 हजार रुपये ले गया। ऐसा करते हुए उसने पूरे छह लाख रुपये ले लिए। इसके बाद राजेश कुमार ने फोन पर गुमराह करना शुरु कर दिया और उनसे 15 लाख रुपये ले लिए।
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इसके बाद उनके पास सीमा डाका का फोन आया कि वजीराबाद में प्रशिक्षण स्कूल से बोल रही है। उसने कहा कि मोहित प्रधान की फाइल उनके पास आई है और उसने प्रशिक्षण के पैसे मांगे। इस दौरान कभी इंटरव्यू के नाम पर तो कभी वर्दी और आईडी आदि के नाम पर उनसे कुल 20 लाख 51 हजार 620 रुपये ले लिए गए। बावजूद इसके न तो बेटे को नौकरी पर लगवाया और न ही पैसे लौटाए।
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महेंद्र सिंह ने बताया कि उसने अपने बेटे मोहित प्रधान का दिल्ली पुलिस का फार्म ऑनलाइन भरा था। इसका एडमिट कार्ड भी उसे प्राप्त हो गया था। इस दौरान उसका साला मनोज ने बेटे मोहित प्रधान का एडमिट कार्ड देखकर बताया कि दिल्ली पुलिस में उसके बड़े अधिकारी जानकार हैं। उसने वहां के कमिश्नर आलोक कुमार वर्मा के सहायक राजेश कुमार का जिक्र किया और उसे फोन पर बात करने की जानकारी दी।
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इसके बाद मनोज दोबारा उनके घर आया और बोला कि राजेश कुमार से बात हो गई है और वह मोहित प्रधान को नौकरी लगवा देगा। उसने शुरुआत में उससे छह लाख रुपये की डिमांड की। उन्होंने शुरू में मनोज को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके 15 दिन बाद फिर वो 50 हजार रुपये ले गया। ऐसा करते हुए उसने पूरे छह लाख रुपये ले लिए। इसके बाद राजेश कुमार ने फोन पर गुमराह करना शुरु कर दिया और उनसे 15 लाख रुपये ले लिए।
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इसके बाद उनके पास सीमा डाका का फोन आया कि वजीराबाद में प्रशिक्षण स्कूल से बोल रही है। उसने कहा कि मोहित प्रधान की फाइल उनके पास आई है और उसने प्रशिक्षण के पैसे मांगे। इस दौरान कभी इंटरव्यू के नाम पर तो कभी वर्दी और आईडी आदि के नाम पर उनसे कुल 20 लाख 51 हजार 620 रुपये ले लिए गए। बावजूद इसके न तो बेटे को नौकरी पर लगवाया और न ही पैसे लौटाए।