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Ambala News: एनक्वास प्रमाणता को टूटे फर्श और फुटपाथ करना होगा दुरुस्त
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नागरिक अस्पताल में मरीजों के आने- जाने के लिए बनाई गई फुटपाथ की खस्ता हालात। संवाद
अंबाला सिटी। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग एनक्वास प्रमाणता के लिए तैयारियों में जुटा है। नागरिक अस्पताल में वर्तमान में ओपीडी वार्ड में रोशनी की कमी है। ट्राॅमा सेंटर को देखें तो कमरों के फर्श भी पानी के कारण बैठे हैं। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था भी कुछ खास नहीं है। इसके साथ ही अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग भी कई जगहों से टूट रही है। वहीं फुटपाथ के रास्ते भी खराब हालत में हैं। बारिश आने के बाद यहां पर पानी भर जाता है।
वर्ष 2022 में हुई थी जांच
इससे पहले वर्ष 2022 में एनक्वास प्रमाणता के लिए अस्पताल की जांच हुई थी। इसमें अस्पताल को 70 फीसदी से अधिक प्राप्त हुए थे और तीन वर्ष के लिए प्रमाणता मिल गई थी। अब अगस्त महीने में एक बार फिर से एनक्वास की प्रमाणता के लिए जांच होगी। इसलिए विभाग इससे पहले ही अस्पताल की कमियों को दूर करने में जुटा हुआ है।
तीन वर्ष के लिए मिलती है मदद
एनक्वास प्रमाणता मिलने के बाद अस्पताल को केंद्र की ओर से व्यवस्थाओं को अधिक बेहतर बनाने के लिए प्रति बेड आर्थिक मदद मिलती है। इससे नागरिकों को अच्छी गुणवत्ता वाली जांच मिलती है। प्रत्येक तीन वर्ष के बाद अस्पताल की ओर से एनक्वास के लिए आवेदन किया जाता है।
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सब सेंटर भी होंगे प्रमाणित
अस्पताल के साथ- साथ जिले के सभी सब सेंटर भी एनक्वास के तहत प्रमाणित होंगे। जिसके लिए भी विभाग की ओर से तैयारियां जारी हैं। अभी तक विभाग अपने 94 सब सेंटरों में से 23 को प्रमाणित करवा चुका है। इसके साथ ही 12 केंद्रों के नतीजे अभी आना बाकी है। वहीं तीन केंद्रों के लिए आवेदन कर दिए गए हैं। जिले में कई सब सेंटर ऐसे हैं जहां पर अव्यवस्थाएं हैं। कई केंद्र तो ऐसे हैं जहां पर चिकित्सक ही नहीं है। उनके स्थान पर फार्मासिस्ट ही दवाएं देते हैं।
कमियां ढूंढ रही विशेष टीम
पीजीआई की ओर से चलाए जा रहे पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत स्वास्थ्य विभाग के तहत आने वाले सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। यह टीम केंद्रों में जांच की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता, मरीजों की संतुष्टि सहित अन्य कारकों का अध्ययन कर रही है। इसके साथ- साथ यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है।
वर्जन
हमारी ओर से एनक्वास प्रमाणता को लेकर प्रयास जारी है। नागरिक अस्पताल में जो भी कमियां उनकी सूची बनाकर उनमें सुधार करवाया जा रहा है। सब सेंटरों में भी धीरे- धीरे व्यवस्थाओं को सुधारने के प्रयास जारी हैं।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, जिला नोडल अधिकारी, एनक्वास।
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वर्ष 2022 में हुई थी जांच
इससे पहले वर्ष 2022 में एनक्वास प्रमाणता के लिए अस्पताल की जांच हुई थी। इसमें अस्पताल को 70 फीसदी से अधिक प्राप्त हुए थे और तीन वर्ष के लिए प्रमाणता मिल गई थी। अब अगस्त महीने में एक बार फिर से एनक्वास की प्रमाणता के लिए जांच होगी। इसलिए विभाग इससे पहले ही अस्पताल की कमियों को दूर करने में जुटा हुआ है।
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तीन वर्ष के लिए मिलती है मदद
एनक्वास प्रमाणता मिलने के बाद अस्पताल को केंद्र की ओर से व्यवस्थाओं को अधिक बेहतर बनाने के लिए प्रति बेड आर्थिक मदद मिलती है। इससे नागरिकों को अच्छी गुणवत्ता वाली जांच मिलती है। प्रत्येक तीन वर्ष के बाद अस्पताल की ओर से एनक्वास के लिए आवेदन किया जाता है।
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सब सेंटर भी होंगे प्रमाणित
अस्पताल के साथ- साथ जिले के सभी सब सेंटर भी एनक्वास के तहत प्रमाणित होंगे। जिसके लिए भी विभाग की ओर से तैयारियां जारी हैं। अभी तक विभाग अपने 94 सब सेंटरों में से 23 को प्रमाणित करवा चुका है। इसके साथ ही 12 केंद्रों के नतीजे अभी आना बाकी है। वहीं तीन केंद्रों के लिए आवेदन कर दिए गए हैं। जिले में कई सब सेंटर ऐसे हैं जहां पर अव्यवस्थाएं हैं। कई केंद्र तो ऐसे हैं जहां पर चिकित्सक ही नहीं है। उनके स्थान पर फार्मासिस्ट ही दवाएं देते हैं।
कमियां ढूंढ रही विशेष टीम
पीजीआई की ओर से चलाए जा रहे पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत स्वास्थ्य विभाग के तहत आने वाले सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। यह टीम केंद्रों में जांच की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता, मरीजों की संतुष्टि सहित अन्य कारकों का अध्ययन कर रही है। इसके साथ- साथ यह रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है।
वर्जन
हमारी ओर से एनक्वास प्रमाणता को लेकर प्रयास जारी है। नागरिक अस्पताल में जो भी कमियां उनकी सूची बनाकर उनमें सुधार करवाया जा रहा है। सब सेंटरों में भी धीरे- धीरे व्यवस्थाओं को सुधारने के प्रयास जारी हैं।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, जिला नोडल अधिकारी, एनक्वास।