{"_id":"66648d48f6d3be27d009d2d6","slug":"bjp-and-congress-are-in-the-fray-again-one-is-ready-to-contest-the-elections-while-the-other-is-exposing-the-truth-ambala-news-c-36-1-amb1002-124273-2024-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: भाजपा-कांग्रेस फिर मैदान में, एक चुनाव लड़ने को तैयार तो दूसरा खोल रहा पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: भाजपा-कांग्रेस फिर मैदान में, एक चुनाव लड़ने को तैयार तो दूसरा खोल रहा पोल
विज्ञापन
अंबाला सिटी। लोकसभा चुनाव के परिणामों ने राजनीतिक दलों में खलबली मचा दी है। एक तरफ तो भाजपा का आत्ममंथन शुरू हुआ है कि किस प्रकार से चुनाव भाजपा प्रत्याशी हार गईं तो दूसरी तरफ कांग्रेस में विधानसभा चुनाव की तैयारी करने वाले राजनेताओं ने अब अपने लिए पसीना बहाना शुरू कर दिया है।
इसके साथ ही लोकसभा सीट गंवाने के बाद भाजपा नेता भी आक्रामक दिख रहे हैं। वह अब कांग्रेस की ओर से किए वादों को पूरा करने और लोगों के बीच झूठी बातों को लेकर पहुंचने का आरोप लगा रहे हैं। बहरहाल किसी भी पार्टी के लिए आने वाले समय में विधानसभा की राह आसान नहीं होगी।
भाजपा में पहले ही भितरघात के लिए चिंता शुरू हो गई है तो कांग्रेस में कई नेताओं के आने से सियासी गलियारों में चर्चा है कि आलाकमान टिकट किसे देगा। बहरहाल सभी अपने-अपने लोगों के साथ क्षेत्र में दम भर रहे हैं।
विज्ञापन
भाजपा में भी बढ़ रही अंतर्कलह
लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां नेतृत्व के लिए स्थानीय नेताओं पर भरोसा करना और भी कठिन इसलिए हो रहा है क्योंकि इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहली बार प्रत्याशी के प्रचार के लिए लाया गया था। इसके बावजूद अंबाला सिटी विधानसभा से बंतो कटारिया पांच हजार से अधिक मतों से हार गईं। जबकि शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा की अच्छी पकड़ का दावा किया जाता रहा है।
यही कारण है कि शुक्रवार को एसए जैन कॉलेज में भाजपा की आत्म निरीक्षण बैठक में भाजपा नेता और परिवहन मंत्री असीम गोयल आमने सामने आ गए थे। बताया जाता है कि इस बैठक में आरोप प्रत्यारोप होते दिखाई दे रहे थे। वहीं, भाजपा नेताओं में स्थानीय वरिष्ठ नेताओं का विरोध भी भीतर से बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि यह बात अलग है कि कोई खुलकर इस मसले पर बोल नहीं रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण इस बार के चुनाव परिणाम हैं।
संविधान बदलेंगे की बात पर कांग्रेस के पीछे भाजपा
शनिवार को भाजपा से मनोनीत पार्षद और राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट संदीप सचदेवा और प्रदेश अध्यक्ष गुरु रविदास विश्व महापीठ एडवोकेट हितेंद्र चौधरी ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता की। इसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वरुण मुलाना को कहा कि कांग्रेस गरीबों, वंचितों, महिलाओं, मजदूर का मजाक उड़ाते हुए जो हर महीने 8500 रुपये खटाखट डालने, एक लाख रुपये सालाना प्रत्येक महिला को देने और प्रत्येक मनरेगा मजदूर को प्रतिदिन 400 रुपये की मजदूरी देने का वादा किया था उसे जल्दी पूरा करें, क्योंकि कांग्रेस ने चुनाव में झूठे वादा, भ्रम का प्रचार किया। कांग्रेस ने संविधान को बदलने का महापाप 1976 में संविधान के 42 में संविधान संशोधन में किया था। इसमें उसने लोकसभा और विधानसभा का कार्यकाल छह साल करने समेत लगभग 40 संशोधन एक साथ करके पूरा संविधान को बदलने का महापाप किया था, जिसको बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता हर गली चौराहे पर उनके झूठ की पोल खोलेगा और उनके खिलाफ धरने प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
कांग्रेस में शहर से टिकट के कई दावेदार
अंबाला सिटी विधानसभा चुनाव से पहले अच्छा चुनावी मैदान बनती दिख रही है। यहां पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा, दोनों के गुटों से नेताओं ने मैदान में ताल ठोक दी है। एक तरफ तो चौधरी निर्मल सिंह ने अपना धन्यवाद दौरा शुरू कर दिया है और जुलाई में एक बड़ा कार्यक्रम करने का ऐलान किया है तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व में कांग्रेस से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हिम्मत सिंह भी मैदान में उतर गए हैं। वह भी अपनी टीम के साथ कार्यक्रम कर अपने आप को टिकट के सही दावेदार बता रहे हैं। वहीं इस चुनावी जंग में कुमारी सैलजा का गुट भी पीछे नहीं है। वह जरूर खुलकर चुनाव लड़ने की बात न कह रहे हों मगर बैठकें, मंथन तो इस गुट के नेताओं का भी शुरू हो गया है। ऐसे में अब कांग्रेस आलाकमान के सामने किसका पलड़ा भारी रहेगा यह देखने वाली बात रहेगी। सैलजा गुट भी यहां पर हावी हो सकता है, क्याेंकि इस बार कुमारी सैलजा ने एक अच्छे मार्जन के साथ अपनी सीट दी है तो निश्चित तौर आलाकमान उनकी भी सुनेगा।
विज्ञापन
इसके साथ ही लोकसभा सीट गंवाने के बाद भाजपा नेता भी आक्रामक दिख रहे हैं। वह अब कांग्रेस की ओर से किए वादों को पूरा करने और लोगों के बीच झूठी बातों को लेकर पहुंचने का आरोप लगा रहे हैं। बहरहाल किसी भी पार्टी के लिए आने वाले समय में विधानसभा की राह आसान नहीं होगी।
विज्ञापन
भाजपा में पहले ही भितरघात के लिए चिंता शुरू हो गई है तो कांग्रेस में कई नेताओं के आने से सियासी गलियारों में चर्चा है कि आलाकमान टिकट किसे देगा। बहरहाल सभी अपने-अपने लोगों के साथ क्षेत्र में दम भर रहे हैं।
विज्ञापन
भाजपा में भी बढ़ रही अंतर्कलह
लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां नेतृत्व के लिए स्थानीय नेताओं पर भरोसा करना और भी कठिन इसलिए हो रहा है क्योंकि इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहली बार प्रत्याशी के प्रचार के लिए लाया गया था। इसके बावजूद अंबाला सिटी विधानसभा से बंतो कटारिया पांच हजार से अधिक मतों से हार गईं। जबकि शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा की अच्छी पकड़ का दावा किया जाता रहा है।
यही कारण है कि शुक्रवार को एसए जैन कॉलेज में भाजपा की आत्म निरीक्षण बैठक में भाजपा नेता और परिवहन मंत्री असीम गोयल आमने सामने आ गए थे। बताया जाता है कि इस बैठक में आरोप प्रत्यारोप होते दिखाई दे रहे थे। वहीं, भाजपा नेताओं में स्थानीय वरिष्ठ नेताओं का विरोध भी भीतर से बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि यह बात अलग है कि कोई खुलकर इस मसले पर बोल नहीं रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण इस बार के चुनाव परिणाम हैं।
संविधान बदलेंगे की बात पर कांग्रेस के पीछे भाजपा
शनिवार को भाजपा से मनोनीत पार्षद और राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट संदीप सचदेवा और प्रदेश अध्यक्ष गुरु रविदास विश्व महापीठ एडवोकेट हितेंद्र चौधरी ने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता की। इसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वरुण मुलाना को कहा कि कांग्रेस गरीबों, वंचितों, महिलाओं, मजदूर का मजाक उड़ाते हुए जो हर महीने 8500 रुपये खटाखट डालने, एक लाख रुपये सालाना प्रत्येक महिला को देने और प्रत्येक मनरेगा मजदूर को प्रतिदिन 400 रुपये की मजदूरी देने का वादा किया था उसे जल्दी पूरा करें, क्योंकि कांग्रेस ने चुनाव में झूठे वादा, भ्रम का प्रचार किया। कांग्रेस ने संविधान को बदलने का महापाप 1976 में संविधान के 42 में संविधान संशोधन में किया था। इसमें उसने लोकसभा और विधानसभा का कार्यकाल छह साल करने समेत लगभग 40 संशोधन एक साथ करके पूरा संविधान को बदलने का महापाप किया था, जिसको बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता हर गली चौराहे पर उनके झूठ की पोल खोलेगा और उनके खिलाफ धरने प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
कांग्रेस में शहर से टिकट के कई दावेदार
अंबाला सिटी विधानसभा चुनाव से पहले अच्छा चुनावी मैदान बनती दिख रही है। यहां पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा, दोनों के गुटों से नेताओं ने मैदान में ताल ठोक दी है। एक तरफ तो चौधरी निर्मल सिंह ने अपना धन्यवाद दौरा शुरू कर दिया है और जुलाई में एक बड़ा कार्यक्रम करने का ऐलान किया है तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व में कांग्रेस से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हिम्मत सिंह भी मैदान में उतर गए हैं। वह भी अपनी टीम के साथ कार्यक्रम कर अपने आप को टिकट के सही दावेदार बता रहे हैं। वहीं इस चुनावी जंग में कुमारी सैलजा का गुट भी पीछे नहीं है। वह जरूर खुलकर चुनाव लड़ने की बात न कह रहे हों मगर बैठकें, मंथन तो इस गुट के नेताओं का भी शुरू हो गया है। ऐसे में अब कांग्रेस आलाकमान के सामने किसका पलड़ा भारी रहेगा यह देखने वाली बात रहेगी। सैलजा गुट भी यहां पर हावी हो सकता है, क्याेंकि इस बार कुमारी सैलजा ने एक अच्छे मार्जन के साथ अपनी सीट दी है तो निश्चित तौर आलाकमान उनकी भी सुनेगा।