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कैंट भाजपा में फूट, बढ़ सकती हैं विज की मुश्किलें
ब्ूयरो/अमर उजाला/ अंबाला
Updated Mon, 21 Jul 2014 12:42 AM IST
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विधानसभा चुनाव से पहले अंबाला कैंट भाजपा में बगावत के सुर फूट पड़े हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व पार्षदों ने कैंट विधायक अनिल विज और प्रदेश के कुछ आला नेताओं पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया है। इन नेताओं का कहना है कि उन्होंने हमेशा पार्टी हाईकमान के आदेशों को सर्वोपरि मानकर काम किया है। लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने जी-जान से काम करके अंबाला के सांसद को जिताने में अपना सहयोग दिया लेकिन उसके बावजूद न तो स्थानीय स्तर पर विधायक के दरबार में और न ही सूबे के कुछ आला नेताओं के दरबार में उनकी तवज्जो है। इसी अनदेखी की वजह से भाजपा के इन नेताओं में रोष बढ़ गया है।
ये नेता हुए लामबंद
रविवार शाम को भाजपा के उन नेताओं ने एक चाय चर्चा का आयोजन किया जो सूबे के भाजपा नेताओं की अनदेखी से दुखी थे। बैठक में पूर्व पार्षद कमल किशोर जैन, पूर्व पार्षद सुरेश गर्ग, पूर्व पार्षद गगन ढांग, पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र धवन, पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद अग्रवाल, शीश पाल भोला, पूर्व पार्षद राजीव गुप्ता, पूर्व पार्षद नरेंद्र बंगाली, पूर्व जिला प्रवक्ता राज सिंह कोछड़, पूर्व जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा विजेंद्र चौहान, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष रघुनाथ धीमान, पूर्व मंडल सचिव भगवान दस सपरा इत्यादि नेताओं ने भाग लिया। इन नेताओं ने एक सुर में प्रदेश के पदाधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया। इन लोगों का कहना है कि पार्टी हाईकमान के कहने पर सभी नेता पूरी मेहनत के साथ काम करते हैं, लेकिन उसके बाद सूबे के पदाधिकारी उन्हें अनदेखा कर देते हैं जिस वजह से स्थानीय वरिष्ठ भाजपा नेता खासे नाराज हैं।
बढ़ सकती है विधायक की मुश्किल
विधानसभा चुनाव एकदम सिर पर हैं और अनिल विज कैंट से दोबारा टिकट के प्रबल दावेदार हैं लेकिन ‘अपनों’ की यह नाराजगी उन्हें महंगी पड़ सकती है। उधर स्थानीय वरिष्ठ नेताओं ने भी ऐन वक्त पर लामबंद होकर सूबे के भाजपा पदाधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की है। खैर, भाजपा की इस गुटबाजी से कांग्रेस को फायदा मिल सकता है, यह तो आने वाले वक्त ही बताएगा।
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ये नेता हुए लामबंद
रविवार शाम को भाजपा के उन नेताओं ने एक चाय चर्चा का आयोजन किया जो सूबे के भाजपा नेताओं की अनदेखी से दुखी थे। बैठक में पूर्व पार्षद कमल किशोर जैन, पूर्व पार्षद सुरेश गर्ग, पूर्व पार्षद गगन ढांग, पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र धवन, पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्ञानचंद अग्रवाल, शीश पाल भोला, पूर्व पार्षद राजीव गुप्ता, पूर्व पार्षद नरेंद्र बंगाली, पूर्व जिला प्रवक्ता राज सिंह कोछड़, पूर्व जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा विजेंद्र चौहान, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष रघुनाथ धीमान, पूर्व मंडल सचिव भगवान दस सपरा इत्यादि नेताओं ने भाग लिया। इन नेताओं ने एक सुर में प्रदेश के पदाधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया। इन लोगों का कहना है कि पार्टी हाईकमान के कहने पर सभी नेता पूरी मेहनत के साथ काम करते हैं, लेकिन उसके बाद सूबे के पदाधिकारी उन्हें अनदेखा कर देते हैं जिस वजह से स्थानीय वरिष्ठ भाजपा नेता खासे नाराज हैं।
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बढ़ सकती है विधायक की मुश्किल
विधानसभा चुनाव एकदम सिर पर हैं और अनिल विज कैंट से दोबारा टिकट के प्रबल दावेदार हैं लेकिन ‘अपनों’ की यह नाराजगी उन्हें महंगी पड़ सकती है। उधर स्थानीय वरिष्ठ नेताओं ने भी ऐन वक्त पर लामबंद होकर सूबे के भाजपा पदाधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की है। खैर, भाजपा की इस गुटबाजी से कांग्रेस को फायदा मिल सकता है, यह तो आने वाले वक्त ही बताएगा।
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