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बाजारों की भीड़ और उनकी सुरक्षा सिर्फ ‘रामभरोसे’
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
Updated Sat, 29 Oct 2016 11:47 PM IST
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अंबाला। कैंट और सिटी दोनों शहरों में त्यौहारों के मद्देनजर भीड़ संभल नहीं रही है। बाजारों में वाहनों की आवाजाही तो दूर पैदल चलना भी दूभर बना हुआ है। लेकिन जिस हिसाब से कैंट और सिटी के बाजारों में भीड़ उमड़ी हुई है, उस लिहाज से पुलिस के जवानों की नफरी बाजारों से नदारद है। इस रश मैनेजमेंट के लिए बाजारों में पुलिस के जवान जहां अपर्याप्त दिखाई दिए, वहीं बेतरतीब पार्किंग की वजह से बाजारों में लग रहे जाम को खुलवाने में भी पुलिस बेबस ही रही।
इसी के चलते ‘अमर उजाला’ ने बाजारों में सुरक्षा का रियलिटी चैक किया। नतीता यह रहा कि भीड़ से सटे बाजारों में स्थिति यह रही कि किसी भी संदिग्ध के लिए यहां आसानी से अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देना मुश्किल नहीं दिखा। मुख्य बाजारों तक में भी पुलिस कर्मचारियों की संख्या बहुत ही कम दिखाई दी। संदिग्ध लोगों की निगरानी तक के इंतजाम भी कहीं नजर नहीं आए।
ये रहा रियलिटी चैक, सुरक्षा थी गायब
-सदर बाजार चौक -
अंबाला का सबसे मुख्य और व्यस्त बाजार। इन दिनों भीड़ इतनी की पांव रखने तक को जगह नहीं। काफी संख्या में दुकानें और फेस्टिवल सीजन पर ढेरों अस्थायी दुकानें। लोगों की खासी चहलकदमी और दुकानों पर ग्राहकों की भरमार। ‘अमर उजाला’ टीम ने यहां रियलिटी चैक के तहत चौक पर लगाए गए पुलिस नाके पर एक टीफिन 11 बजे रख दिया। इस टीफिन में हालांकि खाना था। लेकिन आलम यह रहा कि किसी भी पुलिस कर्मी या अन्य व्यक्ति ने न तो टीफिन को उठाया और न ही इस ओर ध्यान दिया। चूंकि पुलिस के जवान भी यहां से नदारद दिखे और भीड़ में ही कहीं गुम रहे, लिहाजा उन्होंने भी इस नाके पर पड़े इस टीफिन की ओर ध्यान ही नहीं दिया। 11.55 बजे तक ये टीफिन यहीं पड़ा रहा।
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-चौड़ा बाजार व सब्जी मंडी चौक-
अंबाला का मुख्य और व्यस्तम बाजारों में से एक। कपड़े, दुप्पटे, सब्जी व फलों की ढेरों दुकानें। अन्य सामान के कारोबारी भी यहां मौजूद है। इसी वजह से इस बाजार में भी बहुत ज्यादा भीड़ जुटी रही। अस्थायी दुकान फडिय़ां व जमीनों पर बैठकर सामान बेचने में व्यस्त रहे। अमर उजाला टीम ने यहां 12.15 मिनट पर चौराहे पर स्थित बोर्ड पर रिएलिटी चैक के तहत वहीं टीफिन टांग दिया। टीफिन दोपहर 1 बजकर 10 मिनट तक वहीं टंगा रहा। लेकिन यहां भी किसी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। हालांकि यहां पुलिस की नफरी जरूर दिखाई दी, लेकिन बोर्ड पर टंगे इस टीफिन की ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
-बजाजा बाजार व कपड़ा बाजार चौक-
ये बाजार भी सौंदर्य प्रसाधानों, कपड़ों, राशन, पगडिय़ों व अन्य सामान की दुकानों से गुलजार है। त्यौहारी सीजन में यहां भी जबरदस्त हुजूम उमड़ा रहता है। टीम ने रियलिटी चैक के तहत चौराहे के साथ खड़ी एक बाइक पर वहीं टीफिन बैग टांग दिया। बाजार गुलजार रहा, लोग आते-जाते रहे, पुलिस के जवान भी बीच में यहां से गुजरे, लेकिन बाइक पर टंगे इस बैग की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यहां भी ये बैग करीबन एक घंटा टंगा रहा।
-हलवाई व सराफा बाजार चौक-
हलवाइयों, सराफो, बर्तन व अन्य तरह के सामान की काफी संख्या में दुकानें। इसलिए इन बाजारों में भी जबरदस्त भीड़। फल वाले भी यहां खड़े रहते हैं। टीम ने इसी रियलिटी चैक के तहत यहां एक फल वाले की दुकान के पास पड़े सामान पर वही टीफिन रख दिया और वहां से चली गई। विक्रेता यहा फल वाले की दुकान पर आते रहे, खरीददारी चलती रही। फल विक्रेता भी अपने काम में मशगूल रहा और बाजार में भीड़ बढ़ती गई। लेकिन किसी ने इस टीफिन बैग की सुध नहीं ली। अंतत: टीम अपने टीफिन बैग समेत कार्यालय को लौट गई। लेकिन बाजारों की भीड़ और उनकी सुरक्षा के प्रति कितनी सजगता? ये बड़ा सवाल बाजार में आज भी लोगों के पहरेदारों यानी पुलिस के समक्ष यक्ष खड़ा है?
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फेस्टिवल सीजन में पुलिस क्यों नहीं लेती अतिरिक्त फोर्स
ठीक है पुलिस महकमे में जवानों की कमी चल रही है। लेकिन कम से कम फेस्टिवल सीजन में तो पुलिस अपनी नफरी बढ़ा ले। मधुबन में काफी संख्या में जवान लाइन में तैनात रहते हैं। उनकी टुकडिय़ों को ऐसे दिनों में बाजारों में तैनात किया जा सकता है। रश मैनेजमेंट के लिए अलग और संदिग्ध लोगों व संदिग्ध सामानों पर नजर रखने के लिए जवानों की अलग टीमें होनी चाहिए। फेस्टिवल सीजन में इस काम के लिए तो टीमों से शिफ्टों में सुबह से देररात तक काम लिया जाना चाहिए। आज देश के हालात ठीक नहीं है, इसलिए पुलिस को भी सर्तकता बढ़ाने की जरूरत है।
-रघुबीर यादव, रिटायर्ड डीएसपी-
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बाजारों में रश मैनेजमेंट के लिए पुलिस तैनात है। संदिग्धों की मदद के लिए पीसीआर भी हर वक्त गश्त पर है। कंट्रोल रूम नंबर 100 पर स्टाफ बढ़ा दिया गया है। ताकि इस नंबर की लाइन बिल्कुल बिजी न रहे। पुलिस फोर्स की थोड़ी दिक्तत है, लेकिन फिर भी सभी थाने व चौकियों के प्रभारी व जवान बाजारों में ही ड्यूटी दे रहे हैं। मैं खुद गत रात्रि सवा बारह बजे तक मार्केट में था और फिर से गश्त पर निकल रहे हैं। लोगों से भी अपील है कि यदि उन्हे कुछ संदिग्ध दिखता है, वे तुरंत 100 नंबर पर फोन करें। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों व वस्तुओं को लेकर सजग है, लेकिन जनता भी इस ओर जागरूक बने। क्योंकि जनता की सजगता ही पुलिस की ताकत है।
-अभिषेक जोरवाल, पुलिस अधीक्षक, अंबाला-
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उधर, स्टेशन और बस अड्डों को खंगाला
दिवाली के मद्देनजर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड को सिविल पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने पूरी तरह से खंगाला। जम्मू व पंजाब की ओर से आने वाली सभी ट्रेनों को खासकर खंगाला गया। जबकि ट्रेनों, बसों, प्लेटफार्मों व बस स्टैंड परिसरों में संदिग्ध दिखाई देने वाले लोगों व उनके सामानों की चैकिंग भी की गई। इस दौरान जीआरपी पुलिस के जवान व अफसर भी स्टेशन पर चैकिंग के दौरान मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि अभी तक हालात सामान्य है, न ही कुछ संदिग्ध हाथ लगा है।
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इसी के चलते ‘अमर उजाला’ ने बाजारों में सुरक्षा का रियलिटी चैक किया। नतीता यह रहा कि भीड़ से सटे बाजारों में स्थिति यह रही कि किसी भी संदिग्ध के लिए यहां आसानी से अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देना मुश्किल नहीं दिखा। मुख्य बाजारों तक में भी पुलिस कर्मचारियों की संख्या बहुत ही कम दिखाई दी। संदिग्ध लोगों की निगरानी तक के इंतजाम भी कहीं नजर नहीं आए।
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-सदर बाजार चौक -
अंबाला का सबसे मुख्य और व्यस्त बाजार। इन दिनों भीड़ इतनी की पांव रखने तक को जगह नहीं। काफी संख्या में दुकानें और फेस्टिवल सीजन पर ढेरों अस्थायी दुकानें। लोगों की खासी चहलकदमी और दुकानों पर ग्राहकों की भरमार। ‘अमर उजाला’ टीम ने यहां रियलिटी चैक के तहत चौक पर लगाए गए पुलिस नाके पर एक टीफिन 11 बजे रख दिया। इस टीफिन में हालांकि खाना था। लेकिन आलम यह रहा कि किसी भी पुलिस कर्मी या अन्य व्यक्ति ने न तो टीफिन को उठाया और न ही इस ओर ध्यान दिया। चूंकि पुलिस के जवान भी यहां से नदारद दिखे और भीड़ में ही कहीं गुम रहे, लिहाजा उन्होंने भी इस नाके पर पड़े इस टीफिन की ओर ध्यान ही नहीं दिया। 11.55 बजे तक ये टीफिन यहीं पड़ा रहा।
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-चौड़ा बाजार व सब्जी मंडी चौक-
अंबाला का मुख्य और व्यस्तम बाजारों में से एक। कपड़े, दुप्पटे, सब्जी व फलों की ढेरों दुकानें। अन्य सामान के कारोबारी भी यहां मौजूद है। इसी वजह से इस बाजार में भी बहुत ज्यादा भीड़ जुटी रही। अस्थायी दुकान फडिय़ां व जमीनों पर बैठकर सामान बेचने में व्यस्त रहे। अमर उजाला टीम ने यहां 12.15 मिनट पर चौराहे पर स्थित बोर्ड पर रिएलिटी चैक के तहत वहीं टीफिन टांग दिया। टीफिन दोपहर 1 बजकर 10 मिनट तक वहीं टंगा रहा। लेकिन यहां भी किसी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। हालांकि यहां पुलिस की नफरी जरूर दिखाई दी, लेकिन बोर्ड पर टंगे इस टीफिन की ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
-बजाजा बाजार व कपड़ा बाजार चौक-
ये बाजार भी सौंदर्य प्रसाधानों, कपड़ों, राशन, पगडिय़ों व अन्य सामान की दुकानों से गुलजार है। त्यौहारी सीजन में यहां भी जबरदस्त हुजूम उमड़ा रहता है। टीम ने रियलिटी चैक के तहत चौराहे के साथ खड़ी एक बाइक पर वहीं टीफिन बैग टांग दिया। बाजार गुलजार रहा, लोग आते-जाते रहे, पुलिस के जवान भी बीच में यहां से गुजरे, लेकिन बाइक पर टंगे इस बैग की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यहां भी ये बैग करीबन एक घंटा टंगा रहा।
-हलवाई व सराफा बाजार चौक-
हलवाइयों, सराफो, बर्तन व अन्य तरह के सामान की काफी संख्या में दुकानें। इसलिए इन बाजारों में भी जबरदस्त भीड़। फल वाले भी यहां खड़े रहते हैं। टीम ने इसी रियलिटी चैक के तहत यहां एक फल वाले की दुकान के पास पड़े सामान पर वही टीफिन रख दिया और वहां से चली गई। विक्रेता यहा फल वाले की दुकान पर आते रहे, खरीददारी चलती रही। फल विक्रेता भी अपने काम में मशगूल रहा और बाजार में भीड़ बढ़ती गई। लेकिन किसी ने इस टीफिन बैग की सुध नहीं ली। अंतत: टीम अपने टीफिन बैग समेत कार्यालय को लौट गई। लेकिन बाजारों की भीड़ और उनकी सुरक्षा के प्रति कितनी सजगता? ये बड़ा सवाल बाजार में आज भी लोगों के पहरेदारों यानी पुलिस के समक्ष यक्ष खड़ा है?
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फेस्टिवल सीजन में पुलिस क्यों नहीं लेती अतिरिक्त फोर्स
ठीक है पुलिस महकमे में जवानों की कमी चल रही है। लेकिन कम से कम फेस्टिवल सीजन में तो पुलिस अपनी नफरी बढ़ा ले। मधुबन में काफी संख्या में जवान लाइन में तैनात रहते हैं। उनकी टुकडिय़ों को ऐसे दिनों में बाजारों में तैनात किया जा सकता है। रश मैनेजमेंट के लिए अलग और संदिग्ध लोगों व संदिग्ध सामानों पर नजर रखने के लिए जवानों की अलग टीमें होनी चाहिए। फेस्टिवल सीजन में इस काम के लिए तो टीमों से शिफ्टों में सुबह से देररात तक काम लिया जाना चाहिए। आज देश के हालात ठीक नहीं है, इसलिए पुलिस को भी सर्तकता बढ़ाने की जरूरत है।
-रघुबीर यादव, रिटायर्ड डीएसपी-
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बाजारों में रश मैनेजमेंट के लिए पुलिस तैनात है। संदिग्धों की मदद के लिए पीसीआर भी हर वक्त गश्त पर है। कंट्रोल रूम नंबर 100 पर स्टाफ बढ़ा दिया गया है। ताकि इस नंबर की लाइन बिल्कुल बिजी न रहे। पुलिस फोर्स की थोड़ी दिक्तत है, लेकिन फिर भी सभी थाने व चौकियों के प्रभारी व जवान बाजारों में ही ड्यूटी दे रहे हैं। मैं खुद गत रात्रि सवा बारह बजे तक मार्केट में था और फिर से गश्त पर निकल रहे हैं। लोगों से भी अपील है कि यदि उन्हे कुछ संदिग्ध दिखता है, वे तुरंत 100 नंबर पर फोन करें। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों व वस्तुओं को लेकर सजग है, लेकिन जनता भी इस ओर जागरूक बने। क्योंकि जनता की सजगता ही पुलिस की ताकत है।
-अभिषेक जोरवाल, पुलिस अधीक्षक, अंबाला-
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उधर, स्टेशन और बस अड्डों को खंगाला
दिवाली के मद्देनजर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड को सिविल पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने पूरी तरह से खंगाला। जम्मू व पंजाब की ओर से आने वाली सभी ट्रेनों को खासकर खंगाला गया। जबकि ट्रेनों, बसों, प्लेटफार्मों व बस स्टैंड परिसरों में संदिग्ध दिखाई देने वाले लोगों व उनके सामानों की चैकिंग भी की गई। इस दौरान जीआरपी पुलिस के जवान व अफसर भी स्टेशन पर चैकिंग के दौरान मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि अभी तक हालात सामान्य है, न ही कुछ संदिग्ध हाथ लगा है।