{"_id":"65c2b68dc021cd23490e36ed","slug":"ayushman-cards-will-be-made-on-the-beds-of-patients-in-the-emergency-ward-ambala-news-c-36-1-sknl1017-117972-2024-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के बेड पर ही बनेंगे आयुष्मान कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के बेड पर ही बनेंगे आयुष्मान कार्ड
विज्ञापन
छावनी नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बैड पर ही मरीज का आयुष्मान कार्ड अप्लाई करवाती हुई क
अंबाला। नागरिक अस्पतालों की इमरजेंसी और वार्ड में दाखिल मरीजों को अब कार्ड बनाने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। अस्पताल के बेड पर ही आयुष्मान विभाग का कर्मी आएगा और पूरी जानकारी लेने के बाद लिस्ट में नाम पाया जाता है तो अंगूठा लगवाकर कार्ड अप्लाई कर देगा।
इस बीच जब तक वह अस्पताल में दाखिल है तो उसका उपचार कार्ड पर ही निशुल्क होगा। इस तरह से मरीज का कार्ड भी बन जाएगा और भविष्य में उसे कहीं आयुष्मान कार्ड की जरूरत होती है तो वो कार्ड का लाभ उठा सकते हैं। यह वह मरीज होंगे जिनकी आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम होगी और आयुष्मान कार्ड बनने की लिस्ट में उसका नाम होगा।
बता दें कि अक्सर देखा जाता है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को कहीं बार जानकारी नहीं होती है कि उसका लिस्ट में नाम है कि नहीं। अगर नाम होता था तो पहले अस्पताल में ही एक कमरे में बैठे कर्मी के पास जाकर वो कार्ड बनवाना पड़ता था। अब मरीजों को दी जाने वाली इस सुविधा के लिए आयुष्मान विभाग की तरफ से अतिरिक्त स्टाफ लगाया है। इनका काम केवल अस्पताल और अन्य वार्ड में दाखिल मरीज है तो जांच के बाद उनका कार्ड बनाना। बता दें कि जिलाभर में कुल 21 आयुष्मान मित्रा है।
विज्ञापन
वर्जन
इमरजेंसी में दाखिल मरीज के बैड पर ही दस्तावेज के जरिए जांच कर पता लगाया जाता है कि लिस्ट में नाम है कि नहीं। अगर नाम पाया जाता है तो मरीज का अंगूठा लगवाकर मौके से अप्लाई किया जाता है, जिससे कि उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अमरीक, आयुष्मान मित्रा, छावनी नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
इस बीच जब तक वह अस्पताल में दाखिल है तो उसका उपचार कार्ड पर ही निशुल्क होगा। इस तरह से मरीज का कार्ड भी बन जाएगा और भविष्य में उसे कहीं आयुष्मान कार्ड की जरूरत होती है तो वो कार्ड का लाभ उठा सकते हैं। यह वह मरीज होंगे जिनकी आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम होगी और आयुष्मान कार्ड बनने की लिस्ट में उसका नाम होगा।
विज्ञापन
बता दें कि अक्सर देखा जाता है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को कहीं बार जानकारी नहीं होती है कि उसका लिस्ट में नाम है कि नहीं। अगर नाम होता था तो पहले अस्पताल में ही एक कमरे में बैठे कर्मी के पास जाकर वो कार्ड बनवाना पड़ता था। अब मरीजों को दी जाने वाली इस सुविधा के लिए आयुष्मान विभाग की तरफ से अतिरिक्त स्टाफ लगाया है। इनका काम केवल अस्पताल और अन्य वार्ड में दाखिल मरीज है तो जांच के बाद उनका कार्ड बनाना। बता दें कि जिलाभर में कुल 21 आयुष्मान मित्रा है।
विज्ञापन
वर्जन
इमरजेंसी में दाखिल मरीज के बैड पर ही दस्तावेज के जरिए जांच कर पता लगाया जाता है कि लिस्ट में नाम है कि नहीं। अगर नाम पाया जाता है तो मरीज का अंगूठा लगवाकर मौके से अप्लाई किया जाता है, जिससे कि उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अमरीक, आयुष्मान मित्रा, छावनी नागरिक अस्पताल