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Ambala News: मंत्री से गुहार, ठीक कराएं प्रॉपर्टी आईडी
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अंबाला सिटी। हम खून के आंसू रो रहे हैं, हमारे हाथ-पैर जुड़ गए, इतना परेशान हैं कि सब मरने के लिए बैठे हैं। निगम अधिकारी इतने लापरवाह कि क्या बोले, हम भागते रहते हैं इधर-उधर पर कोई बात नहीं सुनता। कोई नई आईडी नहीं बनती, फोन नंबर भी नहीं डालते। ये शब्द उनके हैं जो नगर निकाय की एनडीसी सहित दूसरी समस्याओं से परेशान हैं।
शहर के किंगफिशर में सोमवार को निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता पहुंचे तो लोगों का सब्र टूट गया। वे इन्हीं शब्दों में निकाय मंत्री के सामने बिफरते रहे। आक्रोश भी ऐसा कि खुद निकाय मंत्री को 20 मिनट तक लोगों समझाने में लगे। इस दौरान लोगों ने निगम के अफसरों की लचर प्रणाली की पोल खोल दी। पीड़ित एक के बाद एक बात निकाय मंत्री के समक्ष रख रहे थे। यहां तक कि खुद विधायक असीम गोयल को बीच में बात संभालनी पड़ी। लोगों के सवालों के आगे मंत्री केवल लिखित में शिकायत देने की बात कहते रहे।
बता दें कि स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता अंबाला नगर निगम की बेहतरी के लिए अंबाला में अधिकारियों की बैठक लेने पहुंचे थे। किंगफिशर में आयोजित बैठक में एनडीसी के मुद्दे को लेकर पहुंचने लोगों ने अपनी समस्याओं का दुखड़ा मंत्री के समक्ष रोया और सभी मुद्दों को गिनाया।
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ब्लैक बुक की भी रखी बात
इस दौरान बताया कि एक व्यक्ति की रजिस्ट्री हो गई थी, परंतु ब्लैक बुक में से 50 नंबर हटा दिए। कमिश्नर की ओर से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे गलत हैं, यह ब्लैक बुक गलत बनाई और हाथ से बनाई है। वहीं, इस दौरान लोगों ने कहा कि वह भी किन-किन मुद्दों को मंत्री के समक्ष रखें, क्योंकि निगम से जुड़े हर कार्य से वह पूरी तरह से परेशान हैं।
मंत्री बोले मैं हां-हां करूं तो सही नहीं
लोगों की ओर से जब मंत्री के सामने समस्याएं रखी तो मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि अगर वह हां-हां करते चले जाएंगे तो वह ठीक नहीं होगा। इसीलिए वह इस बारे में लिखित में शिकायतें दें, जिससे कि वे कागज पर लिख सकें कि इस समस्या का हल 12 दिन में करें, 15 दिन करें या 16 दिन में करें। जुबानी तो बात नहीं बनेगी। आप जो भी चाहते हैं वह लिखकर दें।
मंत्री से पूछा क्या हुई कार्रवाई
लोगों की ओर से दागे जा रहे सवालों पर विधायक ने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने सबसे पहले मुद्दे को सदन में उठाया था। उन्होंने ही कहा था कि अकेला शहर का एरिया है। इसकी नोटिफिकेशन न यहां है और न ही हेड ऑफिस में। इस एरिया को फ्रीज करने के लिए एजेंसी लगी है। इसके बाद जो पेंडेंसी की समस्या है। उसका हल इससे हो जाएगा। वहीं, प्रॉपर्टी आईडी की समस्या के निदान के लिए भी 30 अप्रैल तक समय अधिकारियों को दिया है। वहीं, इस दौरान लोगों ने पूछा कि जब विधायक ने सदन में अपनी बात रखीं तो तो इसपर क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि इसी के बाद ही एजेंसी बनाई है। वहीं, अब जब सरकार काम करने पर आई तो उसे पूरा करेगी।
ये समस्याएं रखीं निकाय मंत्री के सामने
1. पहला मुद्दा प्रॉपर्टी आईडी का ही है, इसमें करेक्शन, नई आईडी, पुरानी आईडी और नई आईडी का मिलान है। यह सब बातें इसी मुद्दे पर चर्चा की गई है।
2. स्वामित्व योजना में जिन दुकानों को 20 साल हो गए हैं, उन्हें दुकानें देने का काम किया है। प्रदेश से सात हजार आवेदन आए, इसमें से चार हजार की दुकानें सही तो मिली। परंतु वह नगर निगम एरिया में नहीं थी। अब इस पर विचार हो रहा है।
3. अधिकृत कालोनियों से जुड़े मामले में 2022 आवेदन आए। 1138 आवेदन रह गए। इसमें से भी केवल 190 में से केवल 59 अधिकृत किया है। वहीं, इसके बाद इसे नियमों में फेरबदल कर इस संख्या को बढ़ाया है।
4. नगर दर्शन पोर्टल भी लोगों की सुविधाओं के लिए बनाया है। जहां समस्या को बता सकते हैं। जो भी यहां पर डाटा डाला जाएगा वह अधिकारियों के लिए मुसीबत बन जाएगा और उन्हें पूरा करना ही पड़ेगा।
5. सफाई के बिंदु पर चर्चा हुई कि कितने घरों से कूड़ा उठ रहा है। सफाई के लिए क्या कुछ किया जा रहा है। इसपर अधिकारियों से चर्चा की।
6. बजट पर भी चर्चा कि है कि कितना बजट आया था। कितना बजट खर्च हुआ और जो नहीं हुआ है वह क्यों नहीं हुआ।
7. शहर की सुंदरता को मुख्य तौर पर लिया है। इस दौरान बताया कि किस तरह से गलियों का चयन करना है और उनकी सुंदरता के लिए काम करना है।
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शहर के किंगफिशर में सोमवार को निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता पहुंचे तो लोगों का सब्र टूट गया। वे इन्हीं शब्दों में निकाय मंत्री के सामने बिफरते रहे। आक्रोश भी ऐसा कि खुद निकाय मंत्री को 20 मिनट तक लोगों समझाने में लगे। इस दौरान लोगों ने निगम के अफसरों की लचर प्रणाली की पोल खोल दी। पीड़ित एक के बाद एक बात निकाय मंत्री के समक्ष रख रहे थे। यहां तक कि खुद विधायक असीम गोयल को बीच में बात संभालनी पड़ी। लोगों के सवालों के आगे मंत्री केवल लिखित में शिकायत देने की बात कहते रहे।
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बता दें कि स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता अंबाला नगर निगम की बेहतरी के लिए अंबाला में अधिकारियों की बैठक लेने पहुंचे थे। किंगफिशर में आयोजित बैठक में एनडीसी के मुद्दे को लेकर पहुंचने लोगों ने अपनी समस्याओं का दुखड़ा मंत्री के समक्ष रोया और सभी मुद्दों को गिनाया।
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ब्लैक बुक की भी रखी बात
इस दौरान बताया कि एक व्यक्ति की रजिस्ट्री हो गई थी, परंतु ब्लैक बुक में से 50 नंबर हटा दिए। कमिश्नर की ओर से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे गलत हैं, यह ब्लैक बुक गलत बनाई और हाथ से बनाई है। वहीं, इस दौरान लोगों ने कहा कि वह भी किन-किन मुद्दों को मंत्री के समक्ष रखें, क्योंकि निगम से जुड़े हर कार्य से वह पूरी तरह से परेशान हैं।
मंत्री बोले मैं हां-हां करूं तो सही नहीं
लोगों की ओर से जब मंत्री के सामने समस्याएं रखी तो मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि अगर वह हां-हां करते चले जाएंगे तो वह ठीक नहीं होगा। इसीलिए वह इस बारे में लिखित में शिकायतें दें, जिससे कि वे कागज पर लिख सकें कि इस समस्या का हल 12 दिन में करें, 15 दिन करें या 16 दिन में करें। जुबानी तो बात नहीं बनेगी। आप जो भी चाहते हैं वह लिखकर दें।
मंत्री से पूछा क्या हुई कार्रवाई
लोगों की ओर से दागे जा रहे सवालों पर विधायक ने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने सबसे पहले मुद्दे को सदन में उठाया था। उन्होंने ही कहा था कि अकेला शहर का एरिया है। इसकी नोटिफिकेशन न यहां है और न ही हेड ऑफिस में। इस एरिया को फ्रीज करने के लिए एजेंसी लगी है। इसके बाद जो पेंडेंसी की समस्या है। उसका हल इससे हो जाएगा। वहीं, प्रॉपर्टी आईडी की समस्या के निदान के लिए भी 30 अप्रैल तक समय अधिकारियों को दिया है। वहीं, इस दौरान लोगों ने पूछा कि जब विधायक ने सदन में अपनी बात रखीं तो तो इसपर क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि इसी के बाद ही एजेंसी बनाई है। वहीं, अब जब सरकार काम करने पर आई तो उसे पूरा करेगी।
ये समस्याएं रखीं निकाय मंत्री के सामने
1. पहला मुद्दा प्रॉपर्टी आईडी का ही है, इसमें करेक्शन, नई आईडी, पुरानी आईडी और नई आईडी का मिलान है। यह सब बातें इसी मुद्दे पर चर्चा की गई है।
2. स्वामित्व योजना में जिन दुकानों को 20 साल हो गए हैं, उन्हें दुकानें देने का काम किया है। प्रदेश से सात हजार आवेदन आए, इसमें से चार हजार की दुकानें सही तो मिली। परंतु वह नगर निगम एरिया में नहीं थी। अब इस पर विचार हो रहा है।
3. अधिकृत कालोनियों से जुड़े मामले में 2022 आवेदन आए। 1138 आवेदन रह गए। इसमें से भी केवल 190 में से केवल 59 अधिकृत किया है। वहीं, इसके बाद इसे नियमों में फेरबदल कर इस संख्या को बढ़ाया है।
4. नगर दर्शन पोर्टल भी लोगों की सुविधाओं के लिए बनाया है। जहां समस्या को बता सकते हैं। जो भी यहां पर डाटा डाला जाएगा वह अधिकारियों के लिए मुसीबत बन जाएगा और उन्हें पूरा करना ही पड़ेगा।
5. सफाई के बिंदु पर चर्चा हुई कि कितने घरों से कूड़ा उठ रहा है। सफाई के लिए क्या कुछ किया जा रहा है। इसपर अधिकारियों से चर्चा की।
6. बजट पर भी चर्चा कि है कि कितना बजट आया था। कितना बजट खर्च हुआ और जो नहीं हुआ है वह क्यों नहीं हुआ।
7. शहर की सुंदरता को मुख्य तौर पर लिया है। इस दौरान बताया कि किस तरह से गलियों का चयन करना है और उनकी सुंदरता के लिए काम करना है।