फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Ancestors were conscious and serious about environmental protection

पर्यावरण संरक्षण के लिए सचेत और संजीदा थे पूर्वज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 01:09 AM IST
विज्ञापन
Ancestors were conscious and serious about environmental protection
अंबाला। हमारे पूर्वज वैदिक काल से ही पर्यावरण संरक्षण के लिए सचेत और संजीदा थे। यजुर्वेद में पृथ्वी के साथ मनुष्य का नाता माता और पुत्र का माना गया है। हमारे देवी देवताओं के साथ वृक्षों का और तीर्थस्थलों के साथ सरोवरों का अटूट संबंध प्रकृति के साथ मानव अस्तित्व की गहरी भारतीय समझ का प्रमाण है। आज भी यदि हमें अपने पर्यावरण को अपने वर्तमान और भविष्य के लिए बचाना है तो अपने पूर्वजों के ज्ञान और अनुभव की नींव पर ही भविष्य की यह इमारत खड़ी हो सकती है।
विज्ञापन

यह विचार हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने व्यक्त किए। वे डीएवी कॉलेज में एक विचार गोष्ठी को संबोधित करने पहुंचे थे। कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सलिल दोसाज, डॉ. आर.एस.परमार (विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग) और डॉ. नरेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
विज्ञापन

कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर सलिल दोसांझ ने कहा कि प्रकृति मां की तरह हमारे लालन-पालन के लिए संसाधन उपलब्ध कराती है। हमें भी पुत्र के समान उसकी देखभाल करनी होगी। ऐसा न किया तो अगली पीढ़ी को गंभीर समस्याओं का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी जीवन शैली अपनानी चाहिए जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। कॉलेज के भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर आर.एस. परमार ने कहा कि नियमित दिनचर्या में अनेक प्रकार के छोटे-छोटे बदलाव कर हम पृथ्वी और प्रकृति के निरंतर बिगड़ते स्वरूप को अपने व्यवहार से ठीक कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक से बनी चीजों का कम से कम प्रयोग करने का आह्वान किया और कपड़े के थैलों का प्रयोग कर खरीदारी को पॉलीथिन मुक्त बनाने की प्रतिज्ञा ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

भौगोलिक एसोसिएशन की ओर से पर्यावरण विषय पर आयोजित मॉडल और चार्ट प्रतियोगिता में विजेता रहे प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में प्रो. नीलम बत्रा, डॉ. मंजू मल्होत्रा, प्रोफेसर शांत कौशिक, डॉ. सुभाष शर्मा, डॉ. सुखदेव सिंह, डॉ. पूनम तलवार, प्रोफेसर किरण पूनिया और डॉ. गरिमा सुमरान मौजूद रहे। इस दौरान विद्यार्थियों को वातावरण बदलाव पर जागरूक करने के लिए एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई और पौधारोपण कार्यक्रम भी किया गया।

एक पौधे को गोद लेने का लिया संकल्प
कॉलेज परिसर में भूगोल विभाग द्वारा स्थापित आक्सीजोन को हरा भरा रखने में सहयोग देने के साथ विद्यार्थियों व शिक्षकों ने कॉलेज परिसर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने और कम से कम एक पौधे को गोद लेकर उसका पालन करने का संकल्प लिया। खेती से जुड़े ग्रामीण छात्रों ने इस अवसर पर अपने-अपने परिजनों को कम से कम एक एकड़ जहर मुक्त खेती शुरू करने के लिए मनाने का संकल्प दिलाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed