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Ambala News: पिछड़ा अंबाला का साइंस व्यापार, प्रोत्साहन की दरकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Sep 2023 02:05 AM IST
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Ambala's science business is backward, needs encouragement
अंबाला के साइंस उद्योग में लगी मशीनें।
अंबाला। अंबाला का साइंस उद्योग छह साल पिछड़ गया है। हालात यह हैं कि जो प्रतिष्ठान देशभर के ग्राहकों की जरूरतों को एक बार में पूरा कर दिया करते थे। उन्हें ग्राहकों को इंतजार कराना पड़ रहा है।
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यही कारण है कि ग्राहक अब कम रुक रहे हैं और गुजरात या दूसरे राज्यों से माल मंगा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही में अंबाला में बाढ़ आई थी, जिसके कारण इंडस्ट्रियल एरिया पूरी तरह से डूब गया था। इसमें उद्योगों की मशीनें खराब हुईं, कच्चा माल और तैयार माल सहित अन्य संसाधन भी खराब हो गए।
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अब एक तरफ तो नुकसान के मुआवजे के लिए उद्योग संचालक संघर्ष कर रहे हैं तो दूसरी और जिन उद्योगों ने बीमा कराया था उन्हें भी कागजी फेल में उलझाया जा रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि कोविड में भी उन्हें इतना नुकसान नहीं हुआ था जितना बाढ़ देकर गई है। अंबाला के साइंस उद्योग को कोविड के बाद काफी उछाल मिला था। मगर अब ऑर्डर में भी कमी देखी जा रही है।
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मुआवजे के लिए कागजों के फेल में उलझे

उद्योगपतियों का कहना है कि जब बाढ़ से नुकसान के लिए पूर्व में फार्म भरवाए थे। कई उद्योगपतियों ने वह फॉर्म भरे और अपने टूर के लिए देश में विभिन्न स्थानों पर चले गए। क्योंकि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद उद्योगपति टूर पर चले जाते हैं ताकि ऑर्डर ला सकें। ऐसे में सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर मुआवजे के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए। ऐसे में कई उद्योगों के फार्म क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अभी तक अपलोड ही नहीं हुए हैं। ऐसे में टूर जब तक उद्योगपति वापस लौटेंगे तो मुआवजे के फार्म ऑनलाइन कर सकेंगे। ऐसे में साइंस उद्योग का एक प्रतिनिधि मंडल मांग कर रहा है कि उनके ऑफलाइन आवेदनों को वरीयता दी जाए।

मशीनों काे सही कराने के लिए भी लग रहा समय

साइंस उद्योगों के पिछड़ने का एक कारण यह भी है कि बाढ़ के पानी में डूबने से जो मशीनें खराब हुईं वह अभी तक सही नहीं हो पा रही हैं। उन्हें सही होने में भी समय लगेगा। इसके साथ ही एक साथ मशीनों को सही कराने में भी मोटी धनराशि खर्च होगी। यह समस्या भी उद्योगों के सामने दिक्कत दे रही है।

बीमा कंपनियों के कागजी जाल में उलझे

जिन उद्योगों ने अपने यहां संसाधनों का बीमा कराया हुआ था मगर बीमा कंपनी अब उनसे देय देने के लिए इतने कागज मांग रहे हैं कि उद्योग संचालक उसी में उलझ कर रह गए हैं। ऐसे में हर तरह से मुआवजा मिलने में उद्योग संचालकों को देरी हो रही है।



5000 करोड़ से अधिक का है साइंस उद्योग

अंबाला का साइंस उद्योग अपने उत्पादों की गुणवत्ता के लिए देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी प्रचलित है। 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अंबाला का साइंस उद्योग व्यापार करता है। पिछले दिनों उद्योग को गति देने के लिए उद्योगपति कई एक्सपो आदि में जा रहे थे ताकि नई तकनीक को लेकर अंबाला आएं मगर अब लगता है कि इस काम में भी देरी होने की संभावना है।






वर्जन

अंबाला का साइंस उद्योग करीब छह साल पीछे चला गया है। बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। अब मुआवजे के फेल में उलझे हैं। कागजी कार्रवाई ऑनलाइन क्षतिपूर्ति पोर्टल भी उलझा रहा है। सरकार उद्योगों की जल्द से जल्द मदद करे इसके लिए सरकार तक अपनी बात उद्योग का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचाएगा।
-गौरव सोनी, महासचिव, अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन (असीमा)
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