{"_id":"6a2315d8ae026e0130079f95","slug":"ambala-tops-the-list-10991-elderly-people-become-neo-literates-in-the-ullas-exam-ambala-news-c-36-1-amb1001-164318-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंबाला बना अव्वल: उल्लास परीक्षा में 10,991 बुजुर्ग बने नवसाक्षर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंबाला बना अव्वल: उल्लास परीक्षा में 10,991 बुजुर्ग बने नवसाक्षर
विज्ञापन
अंबाला। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में अंबाला जिले ने पूरे प्रदेश में टॉप कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान द्वारा घोषित परिणामों में अंबाला 99.41 प्रतिशत रिजल्ट के साथ हरियाणा में पहले स्थान पर रहा है। हाल ही में 10वीं-12वीं के शानदार नतीजों के बाद अब जिले के बुजुर्गों (दादा-दादी, नाना-नानी) ने परीक्षा पास कर अंबाला का मान बढ़ाया है।
बॉक्स
भागीदारी और परिणाम दोनों में नंबर वन
जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि प्रदेशभर से इस परीक्षा में कुल 83,396 शिक्षार्थी बैठे थे। इनमें सर्वाधिक 11,056 परीक्षार्थी अंबाला से थे। इनमें से 10,991 शिक्षार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर नवसाक्षर होने का गौरव पाया है। दूसरे स्थान पर हिसार 6,680 और तीसरे पर सिरसा 6,357 रहा। उपायुक्त अजय सिंह तोमर के मार्गदर्शन और जिला नोडल अधिकारी सुशील अरोड़ा की देखरेख में उल्लास टीम ने गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाया। इससे यह सफलता मिली।
-- --
लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा जिला
लक्ष्य (मार्च 2027)
पंजीकरण (31 मई 2026)
लक्ष्य प्राप्ति
34,636 निरक्षर - 33,239 शिक्षार्थी - 31 जुलाई 2026 तक
-- --
सितंबर में मिल सकता है पूर्ण साक्षर जिला का दर्जा
डीईओ सुधीर कालड़ा ने विश्वास जताया कि आगामी 31 जुलाई तक जिले में शत-प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। सरकारी स्कूलों के बच्चों और शिक्षकों ने अपने स्तर पर निरक्षर लोगों को पढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाई है। यदि यही रफ्तार रही, तो सितंबर 2026 में होने वाली अगली परीक्षा के बाद अंबाला को हरियाणा का पहला पूर्ण साक्षर जिला घोषित किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बॉक्स
भागीदारी और परिणाम दोनों में नंबर वन
जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि प्रदेशभर से इस परीक्षा में कुल 83,396 शिक्षार्थी बैठे थे। इनमें सर्वाधिक 11,056 परीक्षार्थी अंबाला से थे। इनमें से 10,991 शिक्षार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर नवसाक्षर होने का गौरव पाया है। दूसरे स्थान पर हिसार 6,680 और तीसरे पर सिरसा 6,357 रहा। उपायुक्त अजय सिंह तोमर के मार्गदर्शन और जिला नोडल अधिकारी सुशील अरोड़ा की देखरेख में उल्लास टीम ने गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाया। इससे यह सफलता मिली।
विज्ञापन
लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा जिला
लक्ष्य (मार्च 2027)
पंजीकरण (31 मई 2026)
लक्ष्य प्राप्ति
34,636 निरक्षर - 33,239 शिक्षार्थी - 31 जुलाई 2026 तक
सितंबर में मिल सकता है पूर्ण साक्षर जिला का दर्जा
डीईओ सुधीर कालड़ा ने विश्वास जताया कि आगामी 31 जुलाई तक जिले में शत-प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। सरकारी स्कूलों के बच्चों और शिक्षकों ने अपने स्तर पर निरक्षर लोगों को पढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाई है। यदि यही रफ्तार रही, तो सितंबर 2026 में होने वाली अगली परीक्षा के बाद अंबाला को हरियाणा का पहला पूर्ण साक्षर जिला घोषित किया जा सकता है।
विज्ञापन