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वैक्सीन लगवाने के 10 दिन बाद बुजुर्ग की कोरोना से मौत, परिजनों ने खुद किया संस्कार
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वैक्सीन लगवाने के दस दिन बाद ही छावनी के नन्हेड़ा निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग रवि कुमार की कोरोना से मौत हो गई। छावनी नागरिक अस्पताल से रेफर करने के बाद जीएमसीएच-32 अस्पताल चंडीगढ़ में 22 मार्च सुबह 5 बजे बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। मरने के बाद दोनों जगह की रिपोर्ट आई तो मृतक बुजुर्ग कोरोना संक्रमित पाया गया। हैरानी की बात यह है कि चंडीगढ़ से सरकारी एंबुलेंस ही शव लेकर नन्हेड़ा पहुंची और परिजनों ने खुद ही शव का संस्कार भी कर दिया, लेकिन इस पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी चाहे वो सीएमओ हों या फिर कोविड नोडल अधिकारी, पूरी तरह से बेेखबर रहे।
बता दें कि कोरोना से मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपनी मौजूदगी में पूरी एहतियात बरतते हुए शव का संस्कार करवाएं। परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग को सांस लेने में लंबे समय से काफी दिक्कत थी और 11 दिन पहले ही नन्हेड़ा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए कैंप में ही कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी। -संवाद
मौत के 34 घंटे बाद बिना पीपीई किट के सौंप दिया शव
जीएमसीएच-32 में सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ने के बाद डॉक्टरों ने कोविड का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया। करीब 34 घंटे के बाद कोरोना की संक्रमित रिपोर्ट आई तो अस्पताल से बिना पीपीई किट के ही शव परिजनों को सौंप दिया। गनीमत यह रही कि दो परिजनों ने पीपीई किट डाल रखी थी। हालांकि अंबाला 108 नंबर पर फोन करने के बाद सरकारी एंबुलेंस तो पहुंची थी और उसमें ही शव को नन्हेड़ा श्मशान घाट तक लाया गया, लेकिन एंबुलेंस चालक गेट पर ही शव छोड़कर चले गए। काफी देर तक स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया तो परिजनों ने खुद ही दोपहर बाद संस्कार करवा दिया।
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छावनी नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट में पुरुष को दिखाया महिला
दरअसल, 19 मार्च को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजनों ने बुजुर्ग को छावनी नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया था। 21 तारीख को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया था। इस दौरान कोविड-19 का सैंपल ले लिया गया था। 22 मार्च को बुजुर्ग की मौत के बाद अंबाला में कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट परिजनों को भेजी तो वह भी हैरान थे। रिपोर्ट में बुजुर्ग को पुरुष की जगह महिला बता रखा था। परिजन भी असमंजस में थी कि यह रिपोर्ट सही है या फिर गलत। चंडीगढ़ की रिपोर्ट आने के बाद उन्हें पुष्टि हुई कि पहली रिपोर्ट सही थी, क्योंकि चंडीगढ़ से मिली रिपोर्ट में भी बुजुर्ग कोरोना संक्रमित पाए गए थे।
छावनी नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट में पुरुष की जगह महिला दिखाया गया था। मौत के करीब 34 घंटे के बाद कोरोना संक्रमित रिपोर्ट के साथ पिता का शव बिना पीपीई किट के ही चंडीगढ़ से सौंप दिया। एंबुलेंस भी नन्हेड़ा श्मशान घाट के बाहर छोड़कर चली गई और खुद ही संस्कार करना पड़ा। 12 मार्च को नन्हेड़ा में पिता को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई थी।
- परमजीत निवासी नन्हेड़ा, मृतक बुजुर्ग का बेटा
नन्हेड़ा निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना से मौत की कोई जानकारी नहीं है। जीएमसीएच-32 की तरफ से भी कोई सूचना नहीं मिली है। छावनी नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट में पुरुष की जगह महिला लिखा गया है तो वो रिपोर्ट की एंट्री करते हुए गलती हो सकती है।
-डॉ. कुलदीप, सीएमओ अंबाला छावनी
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बता दें कि कोरोना से मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपनी मौजूदगी में पूरी एहतियात बरतते हुए शव का संस्कार करवाएं। परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग को सांस लेने में लंबे समय से काफी दिक्कत थी और 11 दिन पहले ही नन्हेड़ा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए कैंप में ही कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी। -संवाद
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मौत के 34 घंटे बाद बिना पीपीई किट के सौंप दिया शव
जीएमसीएच-32 में सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ने के बाद डॉक्टरों ने कोविड का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया। करीब 34 घंटे के बाद कोरोना की संक्रमित रिपोर्ट आई तो अस्पताल से बिना पीपीई किट के ही शव परिजनों को सौंप दिया। गनीमत यह रही कि दो परिजनों ने पीपीई किट डाल रखी थी। हालांकि अंबाला 108 नंबर पर फोन करने के बाद सरकारी एंबुलेंस तो पहुंची थी और उसमें ही शव को नन्हेड़ा श्मशान घाट तक लाया गया, लेकिन एंबुलेंस चालक गेट पर ही शव छोड़कर चले गए। काफी देर तक स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया तो परिजनों ने खुद ही दोपहर बाद संस्कार करवा दिया।
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छावनी नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट में पुरुष को दिखाया महिला
दरअसल, 19 मार्च को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने पर परिजनों ने बुजुर्ग को छावनी नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया था। 21 तारीख को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया था। इस दौरान कोविड-19 का सैंपल ले लिया गया था। 22 मार्च को बुजुर्ग की मौत के बाद अंबाला में कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट परिजनों को भेजी तो वह भी हैरान थे। रिपोर्ट में बुजुर्ग को पुरुष की जगह महिला बता रखा था। परिजन भी असमंजस में थी कि यह रिपोर्ट सही है या फिर गलत। चंडीगढ़ की रिपोर्ट आने के बाद उन्हें पुष्टि हुई कि पहली रिपोर्ट सही थी, क्योंकि चंडीगढ़ से मिली रिपोर्ट में भी बुजुर्ग कोरोना संक्रमित पाए गए थे।
छावनी नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट में पुरुष की जगह महिला दिखाया गया था। मौत के करीब 34 घंटे के बाद कोरोना संक्रमित रिपोर्ट के साथ पिता का शव बिना पीपीई किट के ही चंडीगढ़ से सौंप दिया। एंबुलेंस भी नन्हेड़ा श्मशान घाट के बाहर छोड़कर चली गई और खुद ही संस्कार करना पड़ा। 12 मार्च को नन्हेड़ा में पिता को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई थी।
- परमजीत निवासी नन्हेड़ा, मृतक बुजुर्ग का बेटा
नन्हेड़ा निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना से मौत की कोई जानकारी नहीं है। जीएमसीएच-32 की तरफ से भी कोई सूचना नहीं मिली है। छावनी नागरिक अस्पताल की रिपोर्ट में पुरुष की जगह महिला लिखा गया है तो वो रिपोर्ट की एंट्री करते हुए गलती हो सकती है।
-डॉ. कुलदीप, सीएमओ अंबाला छावनी