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Ambala News: नई दिल्ली पहुंचकर काटी थी 1520 रुपये की रसीद
Fri, 18 Oct 2024 04:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 18 Oct 2024 04:35 AM IST
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अंबाला। कालका शताब्दी में टीटीई के ऊपर लगे आरोपों की अभी जांच चल ही रही है, लेकिन एक नए तथ्य ने फिर मामले पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। जानकारी मिली है कि टीटीई ने यात्री से जो पैसे लिए थे वो सुबह सात और आठ के बीच में लिए थे, लेकिन टीटीई को जैसे ही शिकायत की भनक लगी तो उसने ट्रेन के नई दिल्ली पहुंचते ही रनिंग रुम में जाकर 1520 रुपये की ईएफटी यानी एक्सेस फेयर टिकट काट दी और वो भी सुबह 11 बजे के बाद। यहां भी टीटीई गलती कर गया क्योंकि उसने एक यात्री के भोजन से संबंधित ईएफटी काटी थी जबकि शताब्दी में चंडीगढ़ से बिना टिकट तीन यात्री सवार हुए थे।
ऐसे में अब टीटीई की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं कि उसने पहले तो यात्री से पैसे लिए और फिर अपनी गलती छिपाने के लिए नई दिल्ली पहुंचकर रसीद काट दी, हालांकि इस रसीद की जानकारी टीटीई ने अपने टैब में भी अपलोड नहीं की जोकि सफर के दौरान पानीपत रेलवे स्टेशन से पहले करनी पड़ती है। इसमें रसीद का समय व जानकारी दर्ज हो जाती है। जानकारी अनुसार अगर कोई यात्री चंडीगढ़ या अंबाला से बिना टिकट शताब्दी में सवार होता है तो उसकी टिकट उस स्टेशन से बनाई जाती है, जहां से ट्रेन रवाना होती है यानी कालका से अंबाला तक 1770 रुपये जुर्माना वसूल किया जाना चाहिए था जोकि नहीं किया गया।
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यह था मामला
मामला 16 अक्तूबर का ट्रेन नंबर 12006 कालका-नई दिल्ली शताब्दी से संबंधित है। इसकी शिकायत चंडीगढ़ में तैनात शूटिंग कोच आयुष ने डीआरएम सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से की थी। आयुष ने बताया था कि वो ट्रेन नंबर 12006 शताब्दी से नई दिल्ली जा रहे थे। उनके पास जो टिकट थी, वो पांच यात्रियों की थी, लेकिन इसमें से दो लोगों की टिकट ही कंफर्म थी। जब चंडीगढ़ से शताब्दी में सवार हुए तो उन्होंने टीटीई को बताया कि उनकी अंबाला कैंट से नई दिल्ली तक कंफर्म टिकट है न कि चंडीगढ़ से नई दिल्ली तक, जोकि टीटीई को दिखाई भी गई। इसके बाद टीटीई ने कुछ सुविधा शुल्क मांगा जोकि उन्होंने दे दिया, लेकिन इसके लिए उन्हें न तो टिकट बनाकर दी गई और न ही कोई रसीद।
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जिस टीटीई के खिलाफ शिकायत आई है, उसकी रिपोर्ट मांगी गई है ताकि तथ्यों के आधार पर ही इस मामले में जांच हो और आगामी कार्रवाई हो सके। विभागीय अधिकारी अपनी कार्रवाई में जुटे हुए हैं।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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ऐसे में अब टीटीई की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं कि उसने पहले तो यात्री से पैसे लिए और फिर अपनी गलती छिपाने के लिए नई दिल्ली पहुंचकर रसीद काट दी, हालांकि इस रसीद की जानकारी टीटीई ने अपने टैब में भी अपलोड नहीं की जोकि सफर के दौरान पानीपत रेलवे स्टेशन से पहले करनी पड़ती है। इसमें रसीद का समय व जानकारी दर्ज हो जाती है। जानकारी अनुसार अगर कोई यात्री चंडीगढ़ या अंबाला से बिना टिकट शताब्दी में सवार होता है तो उसकी टिकट उस स्टेशन से बनाई जाती है, जहां से ट्रेन रवाना होती है यानी कालका से अंबाला तक 1770 रुपये जुर्माना वसूल किया जाना चाहिए था जोकि नहीं किया गया।
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यह था मामला
मामला 16 अक्तूबर का ट्रेन नंबर 12006 कालका-नई दिल्ली शताब्दी से संबंधित है। इसकी शिकायत चंडीगढ़ में तैनात शूटिंग कोच आयुष ने डीआरएम सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से की थी। आयुष ने बताया था कि वो ट्रेन नंबर 12006 शताब्दी से नई दिल्ली जा रहे थे। उनके पास जो टिकट थी, वो पांच यात्रियों की थी, लेकिन इसमें से दो लोगों की टिकट ही कंफर्म थी। जब चंडीगढ़ से शताब्दी में सवार हुए तो उन्होंने टीटीई को बताया कि उनकी अंबाला कैंट से नई दिल्ली तक कंफर्म टिकट है न कि चंडीगढ़ से नई दिल्ली तक, जोकि टीटीई को दिखाई भी गई। इसके बाद टीटीई ने कुछ सुविधा शुल्क मांगा जोकि उन्होंने दे दिया, लेकिन इसके लिए उन्हें न तो टिकट बनाकर दी गई और न ही कोई रसीद।
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जिस टीटीई के खिलाफ शिकायत आई है, उसकी रिपोर्ट मांगी गई है ताकि तथ्यों के आधार पर ही इस मामले में जांच हो और आगामी कार्रवाई हो सके। विभागीय अधिकारी अपनी कार्रवाई में जुटे हुए हैं।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।