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Ambala News: प्रशासक छुट्टी पर, अटकी विकास की फाइले
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नगर परिषद कार्यालय में बंद पड़ा प्रशासक का कमरा। संवाद
अंबाला। नगर परिषद की विकास से संबंधित परियोजनाएं और स्वामित्व योजना के तहत दुकानों के मालिकाना हक की प्रकिया अटक गई है। इसके साथ ही एनडीसी से जुड़ी फाइलें भी लंबित होने लगी हैं। नगर परिषद प्रशासक के छुट्टी पर जाने से यह समस्या हुई है। इसके अलावा ठेकेदारों का भुगतान भी रुका है।
इस कारण उन्हें काम पूरा कराने में भी परेशानी हो रही है। हालांकि लगभग एक हफ्ता पहले अंबाला छावनी के उपमंडल अधिकारी के तौर पर आईएएस लक्षित सरीन की तैनाती सरकार के निर्देश पर हो गई है। बावजूद इसके अपना पहला कार्यभार संभालने के दौरान उन्हें भी फाइलों के निपटान के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण ऑनलाइन हस्ताक्षर का अपडेट न होना सामने आया है। इसलिए वो भी जिन फाइलों को मान्यता दे रहे हैं, उनकी पूरी जांच पड़ताल की जा रही है, जिससे कि कहीं कोई खामी न रह जाए और आमजन से जुड़े काम पूरे हो सकें।
एक ही अधिकारी के पास थी जिम्मेदारी
पूर्व में अंबाला छावनी के उपमंडल अधिकारी, एक्साइज क्षेत्र प्रभारी और नगर परिषद के प्रशासक की जिम्मेदारी एचसीएस अधिकारी सतेंद्र सिवाच के पास थी, लेकिन चंडीगढ़ में हुई बैठक के दौरान उनकी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए सीएम ने उन्हें 15 दिन की छुट्टी पर जाने के निर्देश दे दिए। अचानक इस कार्रवाई से अंबाला छावनी के विकास कार्य प्रभावित हो गए। कैंट को उपमंडल अधिकारी और एक्साइज प्रभारी तो मिल गया, लेकिन नगर परिषद के प्रशासक के तौर पर अभी किसी भी अधिकारी की तैनाती नहीं हो पाई।
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नई योजनाओं पर विराम
नगर परिषद के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले 44 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले नालियों, गलियों और अन्य विकास कार्यों की योजना तैयार की थी, जिससे कि प्रशासक के साथ मंत्रणा के बाद इसे फाइनल किया जा सके, लेकिन अब यह कार्रवाई भी अटक गई है। भुगतान से संबंधित प्रक्रिया भी रुक गई है। कार्यकारी अधिकारी सहित अभियंता के हस्ताक्षर फाइलों पर हो गए हैं, लेकिन प्रशासक के हस्ताक्षर न होने के कारण भुगतान से जुड़ी फाइलें भी कार्यालय में धूल फांक रही हैं।
पहले भी मुश्किल से मिली थी गति
एचसीएस अधिकारी के पास तीनों विभागों की बागडोर आने से अंबाला कैंट के विकास कार्यों को गति मिली थी। बैंक स्कवेयर, बहुउद्देशीय कार पार्किंग, अग्निशमन इमारत, नाइट फूड स्ट्रीट, गांधी मैदान का साइकिल ट्रैक, चहारदीवारी और अन्य सभी सुविधाओं को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से आरंभ हो गया था। वहीं, स्वामित्व योजना के तहत दुकानों की बात करें तो 60 से 70 दुकानों की रजिस्ट्री और 150 दुकानों के दस्तावेज तैयार हो गए थे और इन पर प्रशासक के हस्ताक्षर होना ही बाकी थे।
वर्जन
नगर परिषद के प्रशासक अभी छुट्टी पर हैं। कब आएंगे अभी इसकी जानकारी नहीं है। हमने अपनी तरफ से विकास कार्यों से जुड़ी फाइलों जैसे की स्वामित्व योजना, ठेकेदारों का भुगतान, विकास कार्यों से जुड़ी फाइलाें पर हस्ताक्षर किए हैं। अब प्रशासक के हस्ताक्षर के लिए कुछ फाइलें अटकी हैं। उम्मीद है कि आगामी हफ्ते इस समस्या का समाधान हो जाएगा और सभी कार्य सुचारु रूप से होने लगेंगे।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर।
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इस कारण उन्हें काम पूरा कराने में भी परेशानी हो रही है। हालांकि लगभग एक हफ्ता पहले अंबाला छावनी के उपमंडल अधिकारी के तौर पर आईएएस लक्षित सरीन की तैनाती सरकार के निर्देश पर हो गई है। बावजूद इसके अपना पहला कार्यभार संभालने के दौरान उन्हें भी फाइलों के निपटान के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण ऑनलाइन हस्ताक्षर का अपडेट न होना सामने आया है। इसलिए वो भी जिन फाइलों को मान्यता दे रहे हैं, उनकी पूरी जांच पड़ताल की जा रही है, जिससे कि कहीं कोई खामी न रह जाए और आमजन से जुड़े काम पूरे हो सकें।
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एक ही अधिकारी के पास थी जिम्मेदारी
पूर्व में अंबाला छावनी के उपमंडल अधिकारी, एक्साइज क्षेत्र प्रभारी और नगर परिषद के प्रशासक की जिम्मेदारी एचसीएस अधिकारी सतेंद्र सिवाच के पास थी, लेकिन चंडीगढ़ में हुई बैठक के दौरान उनकी कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए सीएम ने उन्हें 15 दिन की छुट्टी पर जाने के निर्देश दे दिए। अचानक इस कार्रवाई से अंबाला छावनी के विकास कार्य प्रभावित हो गए। कैंट को उपमंडल अधिकारी और एक्साइज प्रभारी तो मिल गया, लेकिन नगर परिषद के प्रशासक के तौर पर अभी किसी भी अधिकारी की तैनाती नहीं हो पाई।
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नई योजनाओं पर विराम
नगर परिषद के अधिकारियों ने कुछ दिन पहले 44 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले नालियों, गलियों और अन्य विकास कार्यों की योजना तैयार की थी, जिससे कि प्रशासक के साथ मंत्रणा के बाद इसे फाइनल किया जा सके, लेकिन अब यह कार्रवाई भी अटक गई है। भुगतान से संबंधित प्रक्रिया भी रुक गई है। कार्यकारी अधिकारी सहित अभियंता के हस्ताक्षर फाइलों पर हो गए हैं, लेकिन प्रशासक के हस्ताक्षर न होने के कारण भुगतान से जुड़ी फाइलें भी कार्यालय में धूल फांक रही हैं।
पहले भी मुश्किल से मिली थी गति
एचसीएस अधिकारी के पास तीनों विभागों की बागडोर आने से अंबाला कैंट के विकास कार्यों को गति मिली थी। बैंक स्कवेयर, बहुउद्देशीय कार पार्किंग, अग्निशमन इमारत, नाइट फूड स्ट्रीट, गांधी मैदान का साइकिल ट्रैक, चहारदीवारी और अन्य सभी सुविधाओं को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से आरंभ हो गया था। वहीं, स्वामित्व योजना के तहत दुकानों की बात करें तो 60 से 70 दुकानों की रजिस्ट्री और 150 दुकानों के दस्तावेज तैयार हो गए थे और इन पर प्रशासक के हस्ताक्षर होना ही बाकी थे।
वर्जन
नगर परिषद के प्रशासक अभी छुट्टी पर हैं। कब आएंगे अभी इसकी जानकारी नहीं है। हमने अपनी तरफ से विकास कार्यों से जुड़ी फाइलों जैसे की स्वामित्व योजना, ठेकेदारों का भुगतान, विकास कार्यों से जुड़ी फाइलाें पर हस्ताक्षर किए हैं। अब प्रशासक के हस्ताक्षर के लिए कुछ फाइलें अटकी हैं। उम्मीद है कि आगामी हफ्ते इस समस्या का समाधान हो जाएगा और सभी कार्य सुचारु रूप से होने लगेंगे।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर।

नगर परिषद कार्यालय में बंद पड़ा प्रशासक का कमरा। संवाद