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न आधार लिंक हो रहे, न फिंगर प्रिंट हो रहे मैच, डिपो संचालकों का हंगामा
ब्यूरो/अंबाला/अमर उजाला
Updated Tue, 02 May 2017 12:38 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राशन वितरण में आ रही दिक्कतों के बाद ट्विन सिटी के करीब 50 डिपो संचालकों ने डीएफएससी को चेतावनी है कि यदि हालात जल्द न सुधारे गए तो वे सभी इस्तीफा सौंप देंगे। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन चुके हैं कि वे मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि न तो विभाग ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली को ठीक ढंग से लागू कर पा रहा है, जबकि उपभोक्ता उन पर दबाव बना रहे हैं कि वे उनको राशन दें। इस दौरान डीएफएसी को उन्होंने यह त्यागपत्र सौंपा। इसे फिलहाल स्वीकार नहीं किया गया है। आश्वासन मिलने पर वे सभी लौट आए।
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मुसीबत बन गया राशन लेना और देना
डिपो संचालकों की मानें तो राशन लेना और वितरण करना मुसीबत बन चुका है। विभाग ने बायोमीट्रिक सिस्टम से आधार लिंक करने और फिंगर प्रिंट मैचिंग के बाद ही राशन वितरण की योजना बनाई है। लेकिन योजना के तहत न तो पूरा ग्राउंड वर्क किया गया है और न ही इसे पूरा किया गया। जब भी कोई उपभोक्ता राशन के लिए आता है तो फिंगर प्रिंट मैच करने की प्रक्रिया पूरी ही नहीं होती। कई बार तो प्रक्रिया को बार-बार दोहराना पड़ता है। ऐसे में उपभोक्ता भी इसका ठीकरा जहां डिपो संचालक पर फोड़ रहे हैं। इसके कारण रोजाना बहसबाजी हो रही है, जबकि डिपो संचालक मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं।
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अधूरी योजना जमीन पर उतारी
जिलेभर में करीब 1.52 लाख राशन कार्ड हैं। इनका डाटा ऑनलाइन अपलोड करना है। डिपो संचालकों की मानें तो अधिकतर उपभोक्ताओं के फिंगर प्रिंट मैच नहीं होते। इससे उन्हें राशन मिल नहीं रहा है। उपभोक्ता डिपो संचालकों से झगड़ते हैं और उनसे सवाल जवाब करते हैं। दिन भर यही स्थिति बनी रहती है, जबकि अधिकारी कुछ सुनते ही नहीं हैं। ऐसे में मैनुअली राशन वितरण सिस्टम को बंद कर दिया गया, जबकि ऑनलाइन वितरण में दिक्कतें हैं। कम से कम एक चैनल तो खोलकर रखना चाहिए, ताकि यदि ऑनलाइन सिस्टम से वितरण नहीं हो रहा तो कम से कम दूसरे सिस्टम से तो राशन वितरण किया जाए।
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तीन साल की कमीशन भी रुकी
डिपो संचालकों ने बताया कि तीन साल से डिपो होल्डरों की कमीशन तक रुकी पड़ी है, जबकि ऑनलाइन सिस्टम ने अलग से परेशान कर रखा है। कई बार अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए गए हैं, लेकिन कोई सुनता ही नहीं। जितना कमीशन देते हैं, उससे ज्यादा राशन रखने का खर्च पड़ जाता है। अब डिपो संचालक दोहरी मार झेल रहे हैं।
पहले कैंट फिर सिटी में किया हंगामा
ट्विन सिटी के करीब 50 डिपो होल्डर कैंट स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय पहुंचे। वहां पर उन्होंने हंगामा किया। यहां पर उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। इसके बाद सभी सिटी स्थित डीएफएससी कार्यालय में पहुंचे, जहां पर उन्होंने ऑनलाइन सिस्टम का विरोध जताया। इस दौरान अधिकारियों ने उनकी सुनी नहीं। डिपो संचालकों ने कहा कि उनके द्वारा दिया गया सामूहिक त्यागपत्र फिलहाल विभाग ने ले लिया है।
यह कहते हैं डिपो संचालक
डिपो संचालक सुनील कुमार, हैप्पी, तरनदीप, जतिंदर पाल सिंह, बालकृष्ण, संदीप कुमार, सुभाष चंद आदि ने बताया कि करीब 50 प्रतिशत ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके आधार कार्ड ही लिंक नहीं हुए हैं। विभाग ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाते हुए वितरण की बात कर रहा है, जबकि यह प्रक्रिया अधूरी है। दूसरी ओर तीन साल से डिपो संचालकों को कमीशन तक नहीं मिली। यही कारण है कि परेशान होकर करीब पचास डिपो संचालकों ने सामूहिक रूप से त्यागपत्र दिया, जबकि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। साथ ही अधिकारी ने जनता के साथ सहयोग करने की नसीहत भी दी है।
ऑनलाइन राशन वितरण के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। काफी संख्या में उपभोक्ताओं के राशन कार्ड व उनके आधार लिंक कर दिए गए हैं। कुछ ही दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा। इसके बाद यह परेशानी दूर हो जाएगी। अधिकारी व इस कार्य में जुटी एजेंसी यह काम तेजी से कर रही हैं। डिपो संचालकों ने इस्तीफा दिया था, लेकिन यह स्वीकार नहीं किया गया है। कुछ ही दिनों की दिक्कतें हैं, जिसके बाद यह सब सामान्य हो जाएगा।
- निशांत राठी, डीएफएससी, अंबाला