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Ambala News: महिलाओं के जीवन में मिठास घोल रहीं आंचल
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नारायणगढ़ के गांव नबीपुर की आंचल रानी ग्रुप की अन्य महिलाओं के साथ केंटीन में खाना बनाते हुए। स
नारायणगढ़। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं नए आयाम स्थापित कर रही हैं। इनमें से एक हैं नबीपुर गांव की आंचल रानी। जिन्होंने बीए तक पढ़ाई करने के बाद भी पति शिव कुमार से मिठाई बनानी सीखी।
इसके बाद महिलाओं को साथ जोड़कर होल सेलरों के ऑर्डर पर मिठाई सप्लाई करती हैं। इसके साथ ही वह अचार बनाती हैं और अटक कैंटीन भी संचालित करती हैं। उनके प्रत्येक कार्य में वह महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।
चार साल से कर रही व्यापार
आंचल रानी ने बताया कि 2021 से वह हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी। इसके बाद उसने अपने पति शिव कुमार से मिठाई बनानी सीखी। इसके बाद उसने पति की सहायता से रसगुल्ले, पेड़ा, बर्फी, खोया, बर्फी, जलेबी, घेवर, लड़्डू, सनेक्स, टिक्की चाट और फास्ट फूड सामान बनाना शुरू कर दिया। इसके लिए उसने ग्रुप की छह महिलाओं को लगाया और रोजगार दिया।
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ग्रुप से जुड़कर सुधर गई आर्थिक स्थिति
आंचल के अनुसार पति के हलवाई होने के कारण उनके पास विवाह और पार्टी का ऑर्डर आते हैं। मिठाई के आर्डर आने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी मिठाई सप्लाई करने में आती थी। कई बार व्यापारी बोलते थे। ऑर्डर लिया है तो सामान भी समय से पहुंचाओ। इसके बाद उन्होंने लोडिंग के लिए दो गाड़ियां खरीदी हैं। अब इनके माध्यम से वह मिठाई और अन्य सामान सप्लाई करती हैं।
होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर खोली कैंटीन
बीए के बाद आंचल रानी ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया। इसके बाद उसने नारायणगढ़ की अनाज मंडी में अटल कैंटीन खोली। इस कैंटीन में उसने अन्य ग्रुप की सात महिलाओं को रखा है। जो अपनी आजीविका चला रही हैं। इसी प्रकार उनके आचार बनाने के कार्य में छह महिलाएं कार्य करती हैं।
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इसके बाद महिलाओं को साथ जोड़कर होल सेलरों के ऑर्डर पर मिठाई सप्लाई करती हैं। इसके साथ ही वह अचार बनाती हैं और अटक कैंटीन भी संचालित करती हैं। उनके प्रत्येक कार्य में वह महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।
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चार साल से कर रही व्यापार
आंचल रानी ने बताया कि 2021 से वह हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी। इसके बाद उसने अपने पति शिव कुमार से मिठाई बनानी सीखी। इसके बाद उसने पति की सहायता से रसगुल्ले, पेड़ा, बर्फी, खोया, बर्फी, जलेबी, घेवर, लड़्डू, सनेक्स, टिक्की चाट और फास्ट फूड सामान बनाना शुरू कर दिया। इसके लिए उसने ग्रुप की छह महिलाओं को लगाया और रोजगार दिया।
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ग्रुप से जुड़कर सुधर गई आर्थिक स्थिति
आंचल के अनुसार पति के हलवाई होने के कारण उनके पास विवाह और पार्टी का ऑर्डर आते हैं। मिठाई के आर्डर आने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी मिठाई सप्लाई करने में आती थी। कई बार व्यापारी बोलते थे। ऑर्डर लिया है तो सामान भी समय से पहुंचाओ। इसके बाद उन्होंने लोडिंग के लिए दो गाड़ियां खरीदी हैं। अब इनके माध्यम से वह मिठाई और अन्य सामान सप्लाई करती हैं।
होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर खोली कैंटीन
बीए के बाद आंचल रानी ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया। इसके बाद उसने नारायणगढ़ की अनाज मंडी में अटल कैंटीन खोली। इस कैंटीन में उसने अन्य ग्रुप की सात महिलाओं को रखा है। जो अपनी आजीविका चला रही हैं। इसी प्रकार उनके आचार बनाने के कार्य में छह महिलाएं कार्य करती हैं।

नारायणगढ़ के गांव नबीपुर की आंचल रानी ग्रुप की अन्य महिलाओं के साथ केंटीन में खाना बनाते हुए। स