अंबाला। खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध का प्रभाव अब केवल सरहदों तक सीमित नहीं रहा है बल्कि इसका सीधा असर आपके बेडरूम तक पहुंच गया है।
वैश्विक आपूर्ति शृंखला बाधित होने से कच्चे तेल के दामों में जो उछाल आया है उसने गद्दा उद्योग की कमर तोड़ दी है। अंबाला के थोक और रिटेल बाजार में गद्दों की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम आदमी की नींद उड़ गई है।
महंगाई का मुख्य कारण : फोम और रसायन का संकट इसका मुख्य कारण है। गद्दे बनाने में इस्तेमाल होने वाला मुख्य कच्चा माल पॉलीयुरेथेन फोम है, जो पूरी तरह पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भर है। कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से फोम और रसायनों की लागत आसमान छू रही है। दूसरी बड़ी समस्या समुद्री भाड़े को लेकर है। मध्य पूर्व में अशांति के कारण शिपिंग कंटेनरों को लंबे रास्तों से घूमकर आना पड़ रहा है, इससे माल ढुलाई का भाड़ा कई गुना बढ़ गया है, यही कारण है कि इनकी कीमतें बढ़ गई हैं। हालात यह हैं कि पांच हजार वाला गद्दा अब लोगों को सात हजार रुपये में मिल रहा है। फोम के दाम भी बढ़ गए हैं।