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Ambala News: कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ने का आह्वान
Fri, 21 Aug 2026 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 21 Aug 2026 02:16 AM IST
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अंबाला छावनी के। जीएमएन कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य। प्रवक्ता
- फोटो : Archive
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अंबाला। गांधी मेमोरियल नेशनल (जीएमएन) कॉलेज में युवा राष्ट्र निर्माण में विकसित भारत 2047 के लिए कौशल, नवाचार एवं नेतृत्व की प्रेरक भूमिका विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय बहुविषयक संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवा शक्ति सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. गुरदेव सिंह ने युवाओं को अनुशासन और नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता सुनील पाल ने युवाओं को कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि उच्चतर शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक डॉ. गौरव सैनी ने कहा कि उच्च शिक्षा में शोध और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि युवा नई तकनीकों और रोजगारोन्मुखी कौशल से जुड़ सकें।
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इस अवसर पर शोध-सार पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि आचार्य स्वामी राजेश्वरानंद ने युवाओं को ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया। प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों में विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। राष्ट्रगान के साथ प्रथम चरण का समापन हुआ।
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अंबाला। गांधी मेमोरियल नेशनल (जीएमएन) कॉलेज में युवा राष्ट्र निर्माण में विकसित भारत 2047 के लिए कौशल, नवाचार एवं नेतृत्व की प्रेरक भूमिका विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय बहुविषयक संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवा शक्ति सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. गुरदेव सिंह ने युवाओं को अनुशासन और नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
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मुख्य वक्ता सुनील पाल ने युवाओं को कौशल विकास और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि उच्चतर शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक डॉ. गौरव सैनी ने कहा कि उच्च शिक्षा में शोध और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि युवा नई तकनीकों और रोजगारोन्मुखी कौशल से जुड़ सकें।
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इस अवसर पर शोध-सार पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि आचार्य स्वामी राजेश्वरानंद ने युवाओं को ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया। प्रथम दिवस के तकनीकी सत्रों में विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। राष्ट्रगान के साथ प्रथम चरण का समापन हुआ।