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दाल-रोटी योजना पर मच रहा वबाल
Ambala
Updated Wed, 11 Sep 2013 05:38 AM IST
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अंबाला। केंद्र सरकार की दाल-रोटी योजना अभी पूरी तरह से क्रियान्वित भी नहीं हुई है कि योजना के पात्रों को लेकर रोज हंगामा हो रहा है। इन योजना के पात्रों की जो फेहरिस्त तैयार की गई थी, उसमें अधिकतर लोगों के नाम ही नहीं है। बहुत से बीपीएल कार्ड धारकों के नाम भी इसमें से उड़ा दिए गए हैं।
अब ऐसे लोगों के नाम फेहरिस्तों में शामिल करवाने के लिए प्रशासन पिछले कुछ दिनों से लोगों से एक क्लेम फार्म भरवा रहा है। जिसमें लोगों को यह भरकर देना है कि ‘मैं इस योजना के लिए योग्य पात्र हूं, इसलिए मुझे पात्रों की फेहरिस्त में शामिल किया जाए।’ मगर जन सेंटरों पर ये फार्म देने थे, उन सभी सेंटरों पर जमकर हंगामा हो रहा है। अब ये फार्म लेने का काम बंद कर दिया गया है।
कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं
महेंद्र सोनकर, शीशपाल चौहान, राजन राणा, चंदो देवी, बाला देवी, सुलोचना, बिमला रानी, शांति देवी, सुरेंद्र कुमार, राजू, कमलेश और मदनलाल के अनुसार इस दाल रोटी योजना ने तो पहले ही इतना परेशान कर दिया है, पता नहीं जब ये योजना पूरी तरह से क्रियान्वित हो जाएगी तो क्या होगा। उनके अनुसार पहले तो लोगों से क्लेम फार्म मांग लिए। अब जब लोग इस योजना के लाभपात्रों की फेहरिस्त में अपना नाम शामिल करवाने के लिए क्लेम फार्म लेकर भटक रहे हैं, तो उनकी कोई सुनने वाला ही नहीं है। सेंटरों पर यह कहकर फटकार लगाई जा रही है कि ‘बस, अब फार्म लेने का काम बंद हो गया।
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बीपीएल कार्ड धारकों का कोटा कम हुआ
उधर, इस योजना के तहत अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है। जिसके चलते इस माह से उन बीपीएल कार्ड धारकों का गेहूं का कोटा कम कर दिया गया है। इन कार्ड धारकों को पहले 35 किलो गेहूं मिलता था। मगर इस माह से उन्हे केवल परिजनों के हिसाब से प्रति परिजन 5 किलो गेहूं दिया जा रहा है। इसी को लेकर इन लोगों में बहुत गुस्सा है। बीपीएल कार्ड धारकों का कहना है कि एक आदमी एक माह में पांच किलो से ज्यादा आटा खा जाता है। ये सरकार को अनुचित कदम है। उनके अनुसार उन्हे कहा गया था कि उन्हे दाल व चीनी भी मिलेगी। मगर यहां न तो दाल का पता है और न ही चीनी का।
इस बारे में शिकायतें आई है। क्लेम फार्म लेने की तारीख तो खत्म हो गई है। लेकिन हम क्लेम फार्म लेने के लिए अपने स्तर पर कुछ दिन और बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे सेंटरों पर लोगों से आराम से पेश आएं।
-केएम पांडुरंग, डीसी अंबाला-
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अब ऐसे लोगों के नाम फेहरिस्तों में शामिल करवाने के लिए प्रशासन पिछले कुछ दिनों से लोगों से एक क्लेम फार्म भरवा रहा है। जिसमें लोगों को यह भरकर देना है कि ‘मैं इस योजना के लिए योग्य पात्र हूं, इसलिए मुझे पात्रों की फेहरिस्त में शामिल किया जाए।’ मगर जन सेंटरों पर ये फार्म देने थे, उन सभी सेंटरों पर जमकर हंगामा हो रहा है। अब ये फार्म लेने का काम बंद कर दिया गया है।
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कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं
महेंद्र सोनकर, शीशपाल चौहान, राजन राणा, चंदो देवी, बाला देवी, सुलोचना, बिमला रानी, शांति देवी, सुरेंद्र कुमार, राजू, कमलेश और मदनलाल के अनुसार इस दाल रोटी योजना ने तो पहले ही इतना परेशान कर दिया है, पता नहीं जब ये योजना पूरी तरह से क्रियान्वित हो जाएगी तो क्या होगा। उनके अनुसार पहले तो लोगों से क्लेम फार्म मांग लिए। अब जब लोग इस योजना के लाभपात्रों की फेहरिस्त में अपना नाम शामिल करवाने के लिए क्लेम फार्म लेकर भटक रहे हैं, तो उनकी कोई सुनने वाला ही नहीं है। सेंटरों पर यह कहकर फटकार लगाई जा रही है कि ‘बस, अब फार्म लेने का काम बंद हो गया।
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बीपीएल कार्ड धारकों का कोटा कम हुआ
उधर, इस योजना के तहत अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है। जिसके चलते इस माह से उन बीपीएल कार्ड धारकों का गेहूं का कोटा कम कर दिया गया है। इन कार्ड धारकों को पहले 35 किलो गेहूं मिलता था। मगर इस माह से उन्हे केवल परिजनों के हिसाब से प्रति परिजन 5 किलो गेहूं दिया जा रहा है। इसी को लेकर इन लोगों में बहुत गुस्सा है। बीपीएल कार्ड धारकों का कहना है कि एक आदमी एक माह में पांच किलो से ज्यादा आटा खा जाता है। ये सरकार को अनुचित कदम है। उनके अनुसार उन्हे कहा गया था कि उन्हे दाल व चीनी भी मिलेगी। मगर यहां न तो दाल का पता है और न ही चीनी का।
इस बारे में शिकायतें आई है। क्लेम फार्म लेने की तारीख तो खत्म हो गई है। लेकिन हम क्लेम फार्म लेने के लिए अपने स्तर पर कुछ दिन और बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे सेंटरों पर लोगों से आराम से पेश आएं।
-केएम पांडुरंग, डीसी अंबाला-