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प्राइवेट बस संचालकों में भी बढ़ेगा कंपटीशन
Ambala
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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अंबाला। नई ट्रांसपोर्ट पालिसी जिला में परिवहन समिति संचालकों में ही कंपटीशन को बढ़ाएगी। इतना ही नहीं एक रूट पर कई परमिट दिए जाने की तैयारी है, वहीं, यदि वर्तमान समिति संचालक आवेदन करता है और उसे नया रूट मिलता है, तो उसे पुराना रूट सरेंडर करना होगा। इसको लेकर समिति संचालक पसोपेश में है कि आखिर कैसे वे इस परेशानी से पार पाएं। इसको लेकर समिति संचालक अब लामबंद हो चुके हैं। नई ट्रांसपोर्ट पालिसी के तहत जिले में 198 नए परमिट जारी किए जाने हैं। इनमें अधिकतर रूट अंबाला से ही दिए गए हैं, जबकि काफी कम संख्या में रूट अंबाला कैंट के लिए हैं। इसमें परिवहन समिति संचालकाें के लिए पेंच यह फंस गया है कि मल्टीपल रूट नहीं मिल पाएंगे। इसको लेकर अब समिति संचालक लामबंद हो रहे हैं। समिति संचालकों का कहना है कि नई ट्रांसपोर्ट पालिसी उनके लिए जहां रूट लेकर आई है, लेकिन वहीं एक ही रूट पर कई परमिट जारी करने की बात भी कर रही है। यदि एक ही रूट पर कई परमिट जारी कर दिए गए, तो कंपटीशन बढ़ेगा और मुनाफा कम होगा। इसको लेकर समिति संचालक सरकार के पास आपत्ति दर्ज करवा रहे हैं। यही नहीं पालिसी में यह व्यवस्था भी की गई है कि यदि पुराना समिति संचालक नए रूट के लिए अप्लाई करता है और उसे यह रूट मिल जाता है, तो पुराना परमिट सरेंडर करना होगा।
कोट्स
‘नई पालिसी बेशक कुछ मायनों में बेहतर है, लेकिन पुराने संचालकों के लिए कुछ खास नहीं है। नया रूट मिलता है, तो पुराना सरेंडर करना होगा या फिर एक ही रूट पर कई परमिट दिए जा सकते हैं, यह बिंदु पुराने आपरेटरों को वहीं रखेंगे, जहां पर वे आज हैं। इसी पर आपत्ति है, जिसे सरकार को दूर करना चाहिए।’
- दलबीर सिंह मोर, प्रदेश अध्यक्ष, द हरियाणा सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ
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कोट्स
‘नई पालिसी बेशक कुछ मायनों में बेहतर है, लेकिन पुराने संचालकों के लिए कुछ खास नहीं है। नया रूट मिलता है, तो पुराना सरेंडर करना होगा या फिर एक ही रूट पर कई परमिट दिए जा सकते हैं, यह बिंदु पुराने आपरेटरों को वहीं रखेंगे, जहां पर वे आज हैं। इसी पर आपत्ति है, जिसे सरकार को दूर करना चाहिए।’
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- दलबीर सिंह मोर, प्रदेश अध्यक्ष, द हरियाणा सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ