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Ambala News: 12 दिनों में गेहूं का 98 फीसदी उठान
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अंबाला सिटी। कई दिनों के संघर्ष और व्यवस्थाओं में बदलाव के चलते उठान का कार्य लगभग पूरा हुआ है तो वहीं किसानों का भुगतान भी लगभग निपट चुका है। बीते 10 से 12 दिनों में जो प्रणाली अपनाई गई अगर वह प्रणाली पहले ही अपना ली गई होती हो उठान में इतना समय नहीं लगता।
किसानों और आढ़तियों को भी रोष व्यक्त नहीं करना पड़ता। आढ़तियों के रोष के बाद ही उपायुक्त अंबाला ने उठान को लेकर कड़ा संज्ञान लिया और गेहूं को शेडों के नीचे लगवाने के लिए निर्देश दिए। इसके बाद एजेंसी ने आढ़तियों की गेहूं को उठाकर शैडों में लगाना शुरू कर दिया। इससे उठान भी तेजी से हुआ और किसानों को भी भुगतान मिल गया।
जिले में सभी मंडियों में 98 प्रतिशत उठान पूरा हो चुका है। इसके साथ ही अभी तक एजेंसियों ने 541 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया है। अब सिर्फ 17 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। उठान को देखा जाए तो सात मंडियों को छोड़ कर सभी मंडियों में शत प्रतिशत उठान किया जा चुका है। आवक को देखें तो सिर्फ 4 प्रतिशत भुगतान ही बाकी है। जो कि एक दो दिन में कर दिया जाएगा।
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ये व्यवस्थाएं पहले होती तो नहीं होती समस्या
- मंडियों में उठान के लिए प्रर्याप्त संख्या ट्रक पहले ही बढ़ाने चाहिए थे।
- उठान के लिए एजेंसी को पहले ही गेहूं को शैडों के नीचे लगा देना चाहिए था। जिससे आढ़तियों की गेहूं भी चोरी न होती और समय पर उठान भी हो जाता।
- अंबाला शहर नई अनाज मंडी में उठान के लिए स्पेशल ट्रेन में रैक की संख्या को पहले ही अधिक रखा जाना चाहिए था। इससे एक तो ट्रकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और उठान में देरी हुई।
- एजेंसी को पहले ही गोदामों में प्रर्याप्त जगह बनवानी चाहिए थी। गोदामों में पहले ही चावल पड़ा था। जिससे गेहूं के लिए जगह कम पड़ गई और नए गोदाम को समय बीत जाने के बाद लिया गया।
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किसानों और आढ़तियों को भी रोष व्यक्त नहीं करना पड़ता। आढ़तियों के रोष के बाद ही उपायुक्त अंबाला ने उठान को लेकर कड़ा संज्ञान लिया और गेहूं को शेडों के नीचे लगवाने के लिए निर्देश दिए। इसके बाद एजेंसी ने आढ़तियों की गेहूं को उठाकर शैडों में लगाना शुरू कर दिया। इससे उठान भी तेजी से हुआ और किसानों को भी भुगतान मिल गया।
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जिले में सभी मंडियों में 98 प्रतिशत उठान पूरा हो चुका है। इसके साथ ही अभी तक एजेंसियों ने 541 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया है। अब सिर्फ 17 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। उठान को देखा जाए तो सात मंडियों को छोड़ कर सभी मंडियों में शत प्रतिशत उठान किया जा चुका है। आवक को देखें तो सिर्फ 4 प्रतिशत भुगतान ही बाकी है। जो कि एक दो दिन में कर दिया जाएगा।
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ये व्यवस्थाएं पहले होती तो नहीं होती समस्या
- मंडियों में उठान के लिए प्रर्याप्त संख्या ट्रक पहले ही बढ़ाने चाहिए थे।
- उठान के लिए एजेंसी को पहले ही गेहूं को शैडों के नीचे लगा देना चाहिए था। जिससे आढ़तियों की गेहूं भी चोरी न होती और समय पर उठान भी हो जाता।
- अंबाला शहर नई अनाज मंडी में उठान के लिए स्पेशल ट्रेन में रैक की संख्या को पहले ही अधिक रखा जाना चाहिए था। इससे एक तो ट्रकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और उठान में देरी हुई।
- एजेंसी को पहले ही गोदामों में प्रर्याप्त जगह बनवानी चाहिए थी। गोदामों में पहले ही चावल पड़ा था। जिससे गेहूं के लिए जगह कम पड़ गई और नए गोदाम को समय बीत जाने के बाद लिया गया।