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- एक दिसंबर के बाद से मैनुअल खाद बेचने पर विक्रेता का होगा लाईसेंस रद्द
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:06 AM IST
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अब आधार और पीओएस मशीन के जरिये ही मिलेगी खाद
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
एक दिसंबर से किसानों को खाद की खरीदारी के लिए आधार कार्ड लेकर जाना जरूरी होगी, क्योंकि बिना आधार कार्ड लिंक किए अब किसी भी किसान को खाद नहीं मिल पाएंगी। कृषि विभाग की ओर से सभी थोक और फुटकर खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई खाद विक्रेता किसी किसान को बिना पीओएस मशीन में डाटा फीड किए खाद बेचता है तो उसका लाइसेंस बिना कोई निर्देश के रद्द किया जाएगा। विभाग का दावा है कि योजना के तहत खाद बिक्री में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन महीने से चल रहा काम
इस योजना पर विभाग पिछले तीन महीनों से काम कर रहा है जिसको लेकर कई बार विक्रेताओं को पीओएस मशीन चलाने के लिए वर्कशॉप भी आयोजित की जा चुकी है। ताकि एक दिसंबर से पूरे जिले में 100 फीसदी पीओएस मशीन से खाद की बिक्री की जा सके। इस स्कीम को पूरे जिले में बेहतरी के साथ लागू करने के लिए कृषि उप निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया है ताकि कोई भी खाद विक्रेता बिना पीओएस मशीन के खाद की खरीदारी न कर सके। कृषि उपनिदेशक डॉ. अदित्य प्रताप डबास की अध्यक्षता में उपमंडल कृषि अधिकारी अंबाला डॉ. सूरज भान, अंबाला डॉ. जागीर सिंह, डॉ. शेखर जिंदल, स्वराज मलिक पूरे जिले में विक्रेताओं का निरीक्षण कर पीओएस मशीन द्वारा खाद खरीदारी की जांच करेंगे।
तीन लेवल पर हुई विभाग और विक्रेताओं की मीटिंग
पूरे जिले में पीओएस मशीन द्वारा खाद की बिक्री सौ प्रतिशत करने और मशीन को किस को प्रकार से संचालित किए जाए, इसकी जानकारी देने के लिए विभाग और विक्रेताओं की तीन स्तर पर मीटिंग आयोजित की गई। इसमें सबसे पहले जिला स्तर पर, दूसरी ब्लॉक और तीसरे में जिन विक्रेताओं को मशीन के बारे में भी कोई शंका हो और उनको कुछ समझ न आ रहा हो, को लेकर मीटिंग की गई थी। साथ ही विक्रेताओं को यह भी कहा गया कि अगर किसी विक्रेता को एक दिसंबर से पूर्व मशीन से संबंधित कोई शंका है तो वह विभाग में आकर इस बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।
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समस्या : कई क्षेत्रों में नहीं आते सिग्नल
जहां जिले के तकरीबन 350 से अधिक विक्रेताओं को सरकार की ओर से निशुल्क में पीओएस मशीन वितरित की गई है, वहीं इंटरनेट का सारा खर्च दुकानदार के सर आने वाला है। इसके साथ ही कुछ गांव ऐसे भी जहां पर इंटरनेट के सिग्नल ही नहीं आते जिस कारण विक्रेताओं में शंका बनी हुई है कि वह खाद की बिक्री किस प्रकार से करेंगे और इससे पूर्व भी विभिन्न योजनाओं में पीओएस मशीन के न चलने से हंगामे भी हुए है, अगर ऐसी स्थिति पैदा हो गई तो फिर क्या समाधान होगा।
पीओएस मशीन से खाद की बिक्री होने से खाद की होनी वाली कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। इसका पूरा फायदा किसान को मिलेगा। खाद में होनी वाली गड़बड़ी पर पूर्ण रूप से रोक लजाएगी और पूरे जिले के सभी विक्रेताओं पर नजर रखते हुए 100 प्रतिशत पीओएस मशीन के द्वारा खाद की बिक्री करने की जांच जाएगी। अगर कोई विक्रेता ऐसा न करता हुआ पकड़ा गया तो उसका बिना किसी निर्देश के लाइसेंस रद्द हो जाएगा। -डॉ. सूरजभान, उपमंडल कृषि अधिकारी, अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
एक दिसंबर से किसानों को खाद की खरीदारी के लिए आधार कार्ड लेकर जाना जरूरी होगी, क्योंकि बिना आधार कार्ड लिंक किए अब किसी भी किसान को खाद नहीं मिल पाएंगी। कृषि विभाग की ओर से सभी थोक और फुटकर खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई खाद विक्रेता किसी किसान को बिना पीओएस मशीन में डाटा फीड किए खाद बेचता है तो उसका लाइसेंस बिना कोई निर्देश के रद्द किया जाएगा। विभाग का दावा है कि योजना के तहत खाद बिक्री में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन महीने से चल रहा काम
इस योजना पर विभाग पिछले तीन महीनों से काम कर रहा है जिसको लेकर कई बार विक्रेताओं को पीओएस मशीन चलाने के लिए वर्कशॉप भी आयोजित की जा चुकी है। ताकि एक दिसंबर से पूरे जिले में 100 फीसदी पीओएस मशीन से खाद की बिक्री की जा सके। इस स्कीम को पूरे जिले में बेहतरी के साथ लागू करने के लिए कृषि उप निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया है ताकि कोई भी खाद विक्रेता बिना पीओएस मशीन के खाद की खरीदारी न कर सके। कृषि उपनिदेशक डॉ. अदित्य प्रताप डबास की अध्यक्षता में उपमंडल कृषि अधिकारी अंबाला डॉ. सूरज भान, अंबाला डॉ. जागीर सिंह, डॉ. शेखर जिंदल, स्वराज मलिक पूरे जिले में विक्रेताओं का निरीक्षण कर पीओएस मशीन द्वारा खाद खरीदारी की जांच करेंगे।
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तीन लेवल पर हुई विभाग और विक्रेताओं की मीटिंग
पूरे जिले में पीओएस मशीन द्वारा खाद की बिक्री सौ प्रतिशत करने और मशीन को किस को प्रकार से संचालित किए जाए, इसकी जानकारी देने के लिए विभाग और विक्रेताओं की तीन स्तर पर मीटिंग आयोजित की गई। इसमें सबसे पहले जिला स्तर पर, दूसरी ब्लॉक और तीसरे में जिन विक्रेताओं को मशीन के बारे में भी कोई शंका हो और उनको कुछ समझ न आ रहा हो, को लेकर मीटिंग की गई थी। साथ ही विक्रेताओं को यह भी कहा गया कि अगर किसी विक्रेता को एक दिसंबर से पूर्व मशीन से संबंधित कोई शंका है तो वह विभाग में आकर इस बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।
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समस्या : कई क्षेत्रों में नहीं आते सिग्नल
जहां जिले के तकरीबन 350 से अधिक विक्रेताओं को सरकार की ओर से निशुल्क में पीओएस मशीन वितरित की गई है, वहीं इंटरनेट का सारा खर्च दुकानदार के सर आने वाला है। इसके साथ ही कुछ गांव ऐसे भी जहां पर इंटरनेट के सिग्नल ही नहीं आते जिस कारण विक्रेताओं में शंका बनी हुई है कि वह खाद की बिक्री किस प्रकार से करेंगे और इससे पूर्व भी विभिन्न योजनाओं में पीओएस मशीन के न चलने से हंगामे भी हुए है, अगर ऐसी स्थिति पैदा हो गई तो फिर क्या समाधान होगा।
पीओएस मशीन से खाद की बिक्री होने से खाद की होनी वाली कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। इसका पूरा फायदा किसान को मिलेगा। खाद में होनी वाली गड़बड़ी पर पूर्ण रूप से रोक लजाएगी और पूरे जिले के सभी विक्रेताओं पर नजर रखते हुए 100 प्रतिशत पीओएस मशीन के द्वारा खाद की बिक्री करने की जांच जाएगी। अगर कोई विक्रेता ऐसा न करता हुआ पकड़ा गया तो उसका बिना किसी निर्देश के लाइसेंस रद्द हो जाएगा। -डॉ. सूरजभान, उपमंडल कृषि अधिकारी, अंबाला।