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Ambala News: घर घर जाकर डेंगू का लारवा जांचेंगे 50 ब्रीड चैकर
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अंबाला सिटी। बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में डेंगू फैलने का खतरा बढ़ेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर-घर जाकर सर्वे करने के लिए 50 ब्रीड चैकर नियुक्त किए गए हैं। जो अंबाला शहर, छावनी और नारायणगढ़ के क्षेत्रों में घरों में डेंगू के लारवा की जांच करेंगे। लारवा पाए जाने पर लोगों को नोटिस भी जारी करेंगे।
ये ब्रीड चैकर स्वंयसेवी के तौर पर नियुक्त किए गए हैं। जिन्हें आठ हजार 500 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाएगा। चार माह तक ये अपनी सेवाएं देंगे। इसके साथ ही विभाग की ओर से एफेरेसिस मशीन भी मिलेगी। इससे मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की सुविधा शहर और छावनी के नागरिक अस्पताल में मिलेगी।
फिलहाल विभाग दो निजी अस्पतालों के सहारे ही प्लेटलेट्स का इंतजाम कर रहा है। जिसके लिए प्रति केस 11 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। जबकि मरीज के लिए यह निशुल्क ही होता है। बीते वर्ष 25 मरीजों को प्लेटलेट्स की चढ़वाए गए थे। डेंगू के गंभीर मरीजों को ही प्लेटलेट्स दिए जाते हैं। मशीन के आने से निजी अस्पतालों को खर्च नहीं देना पड़ेगा।
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रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव मामले को नहीं मिलेगी मान्यता
डेंगू विभाग से डॉ. सुनील हरि ने बताया कि किसी भी अस्पताल में अगर रैपिड टेस्ट में मरीज डेंगू पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे पॉजिटिव नहीं माना जाएगा। उन्होंने बताया कि एलाइजर टेस्ट की रिपोर्ट ही डेंगू के लिए मान्य होगी। शहर नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों का भी रैपिड टेस्ट किए जा रहे है। जिसके आधार पर एलाइजर टेस्ट करवाया जाता है।
अभी तक विभाग ने 300 से अधिक लोगों के रैपिड टेस्ट किए हैं। फिलहाल विभाग के पास कोई भी डेंगू का मामला नहीं आया है। अस्पतालों को भी विभाग की ओर से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं कि टेस्ट के लिए 600 रुपए से अधिक वसूलने पर उचित कार्रवाई होगी।
विभाग ने फागिंग को लेकर 200 लीटर दवाई मंगवाई है। इसमें से अंबाला छावनी नगर परिषद और शहर नगर निगम को चार से पांच लीटर दवा दे दी गई है। विभाग की ओर से अस्पतालों को टेस्ट संबंधी निर्देश दे दिए गए हैं। रैपिड टैस्ट की रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। टेस्ट के लिए रेट भी निर्धारित कर दिया गया है।
डॉ सुनील हरि, डेंगू विभाग जिला अंबाला
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ये ब्रीड चैकर स्वंयसेवी के तौर पर नियुक्त किए गए हैं। जिन्हें आठ हजार 500 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाएगा। चार माह तक ये अपनी सेवाएं देंगे। इसके साथ ही विभाग की ओर से एफेरेसिस मशीन भी मिलेगी। इससे मरीजों के लिए प्लेटलेट्स की सुविधा शहर और छावनी के नागरिक अस्पताल में मिलेगी।
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फिलहाल विभाग दो निजी अस्पतालों के सहारे ही प्लेटलेट्स का इंतजाम कर रहा है। जिसके लिए प्रति केस 11 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। जबकि मरीज के लिए यह निशुल्क ही होता है। बीते वर्ष 25 मरीजों को प्लेटलेट्स की चढ़वाए गए थे। डेंगू के गंभीर मरीजों को ही प्लेटलेट्स दिए जाते हैं। मशीन के आने से निजी अस्पतालों को खर्च नहीं देना पड़ेगा।
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रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव मामले को नहीं मिलेगी मान्यता
डेंगू विभाग से डॉ. सुनील हरि ने बताया कि किसी भी अस्पताल में अगर रैपिड टेस्ट में मरीज डेंगू पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे पॉजिटिव नहीं माना जाएगा। उन्होंने बताया कि एलाइजर टेस्ट की रिपोर्ट ही डेंगू के लिए मान्य होगी। शहर नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों का भी रैपिड टेस्ट किए जा रहे है। जिसके आधार पर एलाइजर टेस्ट करवाया जाता है।
अभी तक विभाग ने 300 से अधिक लोगों के रैपिड टेस्ट किए हैं। फिलहाल विभाग के पास कोई भी डेंगू का मामला नहीं आया है। अस्पतालों को भी विभाग की ओर से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं कि टेस्ट के लिए 600 रुपए से अधिक वसूलने पर उचित कार्रवाई होगी।
विभाग ने फागिंग को लेकर 200 लीटर दवाई मंगवाई है। इसमें से अंबाला छावनी नगर परिषद और शहर नगर निगम को चार से पांच लीटर दवा दे दी गई है। विभाग की ओर से अस्पतालों को टेस्ट संबंधी निर्देश दे दिए गए हैं। रैपिड टैस्ट की रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। टेस्ट के लिए रेट भी निर्धारित कर दिया गया है।
डॉ सुनील हरि, डेंगू विभाग जिला अंबाला