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- पुलिस बल की टुकड़ी ने दी सैनिक को सलामी
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:21 AM IST
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हृदय गति रुकने से फौजी की मौत, सैनिक सम्मान के साथ अंत्येष्टि
बराड़ा/मुलाना। गांव उगाला के रहने वाले फौजी नीरज चौहान की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। वे बीकानेर में तैनात थे, जबकि उनकी पोस्टिंग जम्मू हुई थी। सैनिक की मौत से गांव में शोक की लहर है। सेना की ओर से जहां सैनिक को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, वही पुलिस की टुकड़ी ने सैनिक को सलामी दी।
नीरज चौहान साल 2004 में सेना में भर्ती हुआ था और 20 लांसर में बतौर सिपाही बीकानेर में तैनात था। हाल ही में उसकी पोस्टिंग जम्मू में हुई थी और इन दिनों वे छुट्टियों पर घर आया था। सैनिक नीरज चौहान की मौत के बाद गांव में सन्नाटा छा गया पूरा गांव मातम में डूब गया। उसके अंतिम संस्कार में गांव के बच्चे, जवान, बूढ़े व महिलाएं शामिल थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि नीरज चौहान गांव में जब छुट्टी आता तो वह अपना अधिकांश समय दोस्तों के साथ गुजारता। जब भी वह गांव में छुट्टी आता को देश हित की बातें बताता था। वह जम्मू में हुई अपनी पोस्टिंग को लेकर उत्साहित था और वहां देश विरोधी काम कर रहे लोगों को सबक सिखाना चाहता था। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव वारिसों को सौंप दिया। इसके बाद गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने नम आंखों से सैनिक को विदाई दी। इस दौरान डीएसपी बराड़ा अनिल कुमार, बराड़ा थाना प्रभारी सुनील मुकार, सूबेदार एके मायती सहित अन्य मौजूद रहे।
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बराड़ा/मुलाना। गांव उगाला के रहने वाले फौजी नीरज चौहान की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। वे बीकानेर में तैनात थे, जबकि उनकी पोस्टिंग जम्मू हुई थी। सैनिक की मौत से गांव में शोक की लहर है। सेना की ओर से जहां सैनिक को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, वही पुलिस की टुकड़ी ने सैनिक को सलामी दी।
नीरज चौहान साल 2004 में सेना में भर्ती हुआ था और 20 लांसर में बतौर सिपाही बीकानेर में तैनात था। हाल ही में उसकी पोस्टिंग जम्मू में हुई थी और इन दिनों वे छुट्टियों पर घर आया था। सैनिक नीरज चौहान की मौत के बाद गांव में सन्नाटा छा गया पूरा गांव मातम में डूब गया। उसके अंतिम संस्कार में गांव के बच्चे, जवान, बूढ़े व महिलाएं शामिल थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि नीरज चौहान गांव में जब छुट्टी आता तो वह अपना अधिकांश समय दोस्तों के साथ गुजारता। जब भी वह गांव में छुट्टी आता को देश हित की बातें बताता था। वह जम्मू में हुई अपनी पोस्टिंग को लेकर उत्साहित था और वहां देश विरोधी काम कर रहे लोगों को सबक सिखाना चाहता था। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव वारिसों को सौंप दिया। इसके बाद गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने नम आंखों से सैनिक को विदाई दी। इस दौरान डीएसपी बराड़ा अनिल कुमार, बराड़ा थाना प्रभारी सुनील मुकार, सूबेदार एके मायती सहित अन्य मौजूद रहे।
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