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Ambala News: एयरपोर्ट टर्मिनल के लिए चढ़ी 300 पेड़ों की बलि
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अंबाला। छावनी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन एयरपोर्ट टर्मिनल के लिए 300 हरे पेड़ों की बलि दे दी गई। इन पेड़ाें को मशीनों की मदद से काट दिया गया। जबकि अंबाला की एडीसी ने इन जीवित पेड़ों को दूसरी जगह रोपित करने के निर्देश दिए थे इन पेड़ों को सहेजने के बजाय काटना उचित समझा गया।
एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण में जुटे अधिकारियों का कहना है कि विमान की उड़ान में ये पेड़ बाधा डाल सकते हैं। इनकी भरपाई के लिए टमिर्नल के आसपास ही ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिससे कि एयरपोर्ट की हरियाली बरकरार रहे और यह पूरा क्षेत्र पर्यावरण संरक्षित भी रहे। ऐसे में पर्यावरणविद् गिरीश आहूजा सहित अन्य का कहना है कि अगर पूरे क्षेत्र को हरा-भरा ही रखना था तो जीवित पेड़ों को काटने की क्या जरूरत थी, उन्हें भी जड़ सहित उठाकर दूसरी जगह रोपित किया जा सकता था।
वन विभाग को नहीं मिली जमीन
एडीसी के निर्देश पर वन विभाग ने एयरपोर्ट टर्मिनल में लहरा रहे पेड़ों को स्थानांतरित करने की योजना भी तैयार की थी, जिससे कि पर्यावरण सुरक्षित रहे। इसके लिए टीम की तैनाती की गई। टीम ने जब जिले के अलग-अलग हिस्सों में जाकर सरकारी जमीन का मुआयना किया तो कहीं पर इमारतों का निर्माण हो रहा था तो कहीं कुछ दूसरी समस्या थी। कुछ जगह काफी कम थी और यहां 300 पेड़ों को रोपित करना मुश्किल था। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली कि इन पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाने में भी लाखों रुपये का खर्च था जोकि विभाग के लिए वहन करना मुश्किल था। इसलिए इन सब परेशानियों से बचने के लिए ही विभाग ने पेड़ों को काटना ही उचित समझा।
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अगस्त में शुरू करने की तैयारी
डोमेस्टिक एयरपोर्ट टर्मिनल का मुख्य हिस्सा तैयार हो गया है और इसकी साज-सज्जा का काम शुरु हो गया है जोकि जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा। टर्मिनल का 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है ताकि अगस्त तक टर्मिनल से फ्लाइट उड़ान भर सके। टर्मिनल के अंदर एक समय में 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसमें एक साथ 50 लोग फ्लाइट में चढ़ सकेंगे और अन्य 50 लोग बोर्डिंग प्वाइंट पर अगली फ्लाइट में सवार होंगे। डोमेस्टिक एयरपोर्ट का निर्माण 3 करोड़ 76 लाख 95 हजार 945 रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह कार्य 4 नवंबर 2023 को आरंभ हुआ था।
छावनी में सिविल एन्क्लेव यानी डोमेस्टिक एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। इस सुविधा के लिए एयरफोर्स स्टेशन के ठीक साथ 20 एकड़ भूमि हरियाणा सरकार ने रक्षा मंत्रालय को 133 करोड़ रुपये देकर ट्रांसफर कराई थी।
वर्जन
एयरपोर्ट टर्मिनल का जिस जगह निर्माण हो रहा है, वो क्षेत्र पहले सेना का डेयरी फार्म था। टर्मिनल के निर्माण के लिए आसपास की जगह को साफ व स्वच्छ रखना बेहद जरूरी है ताकि पशु और पक्षी उड़ान के दौरान बाधा पैदा न कर सकें। वहीं कुछ पेड़ों की ऊंचाई काफी थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जब निरीक्षण किया तो उन्हें ऐसे कई पेड़ नजर आए। इन्हें मजबूरन काटना पड़ा। यह कार्य वन विभाग की ओर करवाया जा रहा है हालांकि टर्मिनल का निर्माण पूरा होते ही यहां ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षित रहे और हरियाली भी बरकरार रहे।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्लयूडी, अंबाला।
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एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण में जुटे अधिकारियों का कहना है कि विमान की उड़ान में ये पेड़ बाधा डाल सकते हैं। इनकी भरपाई के लिए टमिर्नल के आसपास ही ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिससे कि एयरपोर्ट की हरियाली बरकरार रहे और यह पूरा क्षेत्र पर्यावरण संरक्षित भी रहे। ऐसे में पर्यावरणविद् गिरीश आहूजा सहित अन्य का कहना है कि अगर पूरे क्षेत्र को हरा-भरा ही रखना था तो जीवित पेड़ों को काटने की क्या जरूरत थी, उन्हें भी जड़ सहित उठाकर दूसरी जगह रोपित किया जा सकता था।
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वन विभाग को नहीं मिली जमीन
एडीसी के निर्देश पर वन विभाग ने एयरपोर्ट टर्मिनल में लहरा रहे पेड़ों को स्थानांतरित करने की योजना भी तैयार की थी, जिससे कि पर्यावरण सुरक्षित रहे। इसके लिए टीम की तैनाती की गई। टीम ने जब जिले के अलग-अलग हिस्सों में जाकर सरकारी जमीन का मुआयना किया तो कहीं पर इमारतों का निर्माण हो रहा था तो कहीं कुछ दूसरी समस्या थी। कुछ जगह काफी कम थी और यहां 300 पेड़ों को रोपित करना मुश्किल था। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली कि इन पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाने में भी लाखों रुपये का खर्च था जोकि विभाग के लिए वहन करना मुश्किल था। इसलिए इन सब परेशानियों से बचने के लिए ही विभाग ने पेड़ों को काटना ही उचित समझा।
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अगस्त में शुरू करने की तैयारी
डोमेस्टिक एयरपोर्ट टर्मिनल का मुख्य हिस्सा तैयार हो गया है और इसकी साज-सज्जा का काम शुरु हो गया है जोकि जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा। टर्मिनल का 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है ताकि अगस्त तक टर्मिनल से फ्लाइट उड़ान भर सके। टर्मिनल के अंदर एक समय में 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसमें एक साथ 50 लोग फ्लाइट में चढ़ सकेंगे और अन्य 50 लोग बोर्डिंग प्वाइंट पर अगली फ्लाइट में सवार होंगे। डोमेस्टिक एयरपोर्ट का निर्माण 3 करोड़ 76 लाख 95 हजार 945 रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह कार्य 4 नवंबर 2023 को आरंभ हुआ था।
छावनी में सिविल एन्क्लेव यानी डोमेस्टिक एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। इस सुविधा के लिए एयरफोर्स स्टेशन के ठीक साथ 20 एकड़ भूमि हरियाणा सरकार ने रक्षा मंत्रालय को 133 करोड़ रुपये देकर ट्रांसफर कराई थी।
वर्जन
एयरपोर्ट टर्मिनल का जिस जगह निर्माण हो रहा है, वो क्षेत्र पहले सेना का डेयरी फार्म था। टर्मिनल के निर्माण के लिए आसपास की जगह को साफ व स्वच्छ रखना बेहद जरूरी है ताकि पशु और पक्षी उड़ान के दौरान बाधा पैदा न कर सकें। वहीं कुछ पेड़ों की ऊंचाई काफी थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जब निरीक्षण किया तो उन्हें ऐसे कई पेड़ नजर आए। इन्हें मजबूरन काटना पड़ा। यह कार्य वन विभाग की ओर करवाया जा रहा है हालांकि टर्मिनल का निर्माण पूरा होते ही यहां ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया जाएगा ताकि पर्यावरण संरक्षित रहे और हरियाली भी बरकरार रहे।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्लयूडी, अंबाला।