{"_id":"5aa975914f1c1b71778b5608","slug":"161521055121-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैफिक लाइट्स बंद, ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक बदहाल, कैसे मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैफिक लाइट्स बंद, ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक बदहाल, कैसे मिलेगी राहत
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रैफिक लाइट्स बंद, ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक बदहाल, कैसे मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। ट्विन सिटी की ट्रैफिक लाइट्स बंद हैं, जबकि कैंट ओवरब्रिज के आसपास ट्रैफिक बेलगाम है। ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बनाई गई तमाम व्यवस्थाएं दम तोड़ चुकी हैं। इस ओर कोई ध्यान भी नहीं दिया जा रहा। है। अब कैंट में गीता गोपाल चौक एसडी कॉलेज के पास ट्रैफिक लाइट्स लगाने की कवायद की जा रही है। जनता का कहना है कि पहले लगाई गईं ट्रैफिक लाइट्स भी शुरू करवाई जाएं। ट्विन सिटी में लगीं तमाम ट्रैफिक लाइट्स यातायात को कंट्रोल करने के लिए लगाई थीं। यह अब शोपीस बनकर रह गई हैं। अंबाला कैंट इंदिरा चौक (गोल चक्कर), बलदेव नगर, पॉलीटेक्निक चौक, कालका चौक की ट्रैफिक लाइट्स बंद हैं। सिर्फ नेशनल हाईवे नंबर एक पर लगी ट्रैफिक लाइट ही चल रही हैं। अन्य सभी लाइट्स कुछ समय चलने के बाद बंद हो चुकी हैं। अब अंबाला कैंट के गीता गोपाल चौक और एसडी कॉलेज के पास सुभाष पार्क के लिए जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक लाइट्स लगाने की योजना है।
कैंट ओवरब्रिज के नीचे हालात बुरे
कैंट ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक के हालात बेहद खराब हैं। यहां पर सुधारने के लिए डीसी ने निर्देश दिए थे। इसके बाद भी सुधार नहीं आया। यहां पर पुलिस ने बैरिकेड्स भी रखे हुए हैं। इनका इस्तेमाल कभी कभार ही होता है। इसी एरिया में प्राइवेट और सरकारी बसें खड़ी होकर सवारियां लेती हैं। दूसरी ओर दिल्ली, पंजाब और अंबाला कैंट के स्टाफ रोड से आने वाला सारा ट्रैफिक इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। यह भी कहा जा सकता है कि अंबाला में एंट्री और एग्जिट का यह सबसे संवेदनशील प्वाइंट है। इसके बाद भी ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या आज तक सुलझ नहीं पाई है।
यह कहते हैं लोग
सिटी में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए जो भी लाइट्स लगाई गईं थीं, वह कुछ समय के बाद ही बंद हो गईं। बीच में कुछ समय के लिए बेशक यह चली हों, लेकिन अधिकतर समय यह बंद ही रही हैं। बढ़ते हुए ट्रैफिक को यदि कंट्रोल करना है तो ट्रैफिक लाइट्स शुरू करनी होंगी। कुछ प्वाइंट पर लगानी भी होंगी।
विज्ञापन
- अमित कुमार, शॉपकीपर अंबाला सिटी
ट्रैफिक के लिए जो भी व्यवस्थाएं की गई हैं, वह नाकाफी रही हैं। जनता को इसका कोई फायदा नहीं है। सिविल अस्पताल के पास जो व्यवस्था बनाई गई है, उसे छोड़कर लोग डिवाइडर के ऊपर से ही दोपहिया वाहन ले जाते हैं। सख्ती करनी होगी तभी लोगों को राहत मिल सकेगी।
- शेखर कुमार, नौकरीपेशा, अंबाला सिटी
अंबाला कैंट के इंदिरा चौक पर ट्रैफिक लाइट लगाई गईं थीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ओवरब्रिज से आते या जाते समय ट्रैफिक सबसे ज्यादा रहता है, लेकिन इस पर कोई कंट्रोल नहीं है। ट्रैफिक संभालने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। नियमों को सख्ती से लागू करना होगा।
- पुष्कर कुमार, नौकरीपेशा, अंबाला कैंट
सारी व्यवस्थाओं का तभी फायदा मिलेगा, जब उन्हें सही तरीके से लागू किया जाए। कुछ दिनों की व्यवस्था के बाद मामला ठंडा पड़ जाता है, जबकि ट्रैफिक के मामले में यही स्थिति है। ट्रैफिक लाइट्स राहत तो देंगी, लेकिन उन प्वाइंट्स पर भी फोकस करना होगा, जहां ट्रैफिक ज्यादा है।
- बृजभूषण गुप्ता, अंबाला कैंट
ट्रैफिक कंट्रोल के लिए काम किया जा रहा है। सिटी में जाम की स्थिति के चलते ट्रैफिक लाइट्स बंद हैं। आम जनता भी यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग करें और नियमों की पालना करें।
- नीतिका गहलोत, डीएसपी अंबाला
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। ट्विन सिटी की ट्रैफिक लाइट्स बंद हैं, जबकि कैंट ओवरब्रिज के आसपास ट्रैफिक बेलगाम है। ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बनाई गई तमाम व्यवस्थाएं दम तोड़ चुकी हैं। इस ओर कोई ध्यान भी नहीं दिया जा रहा। है। अब कैंट में गीता गोपाल चौक एसडी कॉलेज के पास ट्रैफिक लाइट्स लगाने की कवायद की जा रही है। जनता का कहना है कि पहले लगाई गईं ट्रैफिक लाइट्स भी शुरू करवाई जाएं। ट्विन सिटी में लगीं तमाम ट्रैफिक लाइट्स यातायात को कंट्रोल करने के लिए लगाई थीं। यह अब शोपीस बनकर रह गई हैं। अंबाला कैंट इंदिरा चौक (गोल चक्कर), बलदेव नगर, पॉलीटेक्निक चौक, कालका चौक की ट्रैफिक लाइट्स बंद हैं। सिर्फ नेशनल हाईवे नंबर एक पर लगी ट्रैफिक लाइट ही चल रही हैं। अन्य सभी लाइट्स कुछ समय चलने के बाद बंद हो चुकी हैं। अब अंबाला कैंट के गीता गोपाल चौक और एसडी कॉलेज के पास सुभाष पार्क के लिए जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक लाइट्स लगाने की योजना है।
कैंट ओवरब्रिज के नीचे हालात बुरे
कैंट ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक के हालात बेहद खराब हैं। यहां पर सुधारने के लिए डीसी ने निर्देश दिए थे। इसके बाद भी सुधार नहीं आया। यहां पर पुलिस ने बैरिकेड्स भी रखे हुए हैं। इनका इस्तेमाल कभी कभार ही होता है। इसी एरिया में प्राइवेट और सरकारी बसें खड़ी होकर सवारियां लेती हैं। दूसरी ओर दिल्ली, पंजाब और अंबाला कैंट के स्टाफ रोड से आने वाला सारा ट्रैफिक इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। यह भी कहा जा सकता है कि अंबाला में एंट्री और एग्जिट का यह सबसे संवेदनशील प्वाइंट है। इसके बाद भी ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या आज तक सुलझ नहीं पाई है।
विज्ञापन
यह कहते हैं लोग
सिटी में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए जो भी लाइट्स लगाई गईं थीं, वह कुछ समय के बाद ही बंद हो गईं। बीच में कुछ समय के लिए बेशक यह चली हों, लेकिन अधिकतर समय यह बंद ही रही हैं। बढ़ते हुए ट्रैफिक को यदि कंट्रोल करना है तो ट्रैफिक लाइट्स शुरू करनी होंगी। कुछ प्वाइंट पर लगानी भी होंगी।
विज्ञापन
- अमित कुमार, शॉपकीपर अंबाला सिटी
ट्रैफिक के लिए जो भी व्यवस्थाएं की गई हैं, वह नाकाफी रही हैं। जनता को इसका कोई फायदा नहीं है। सिविल अस्पताल के पास जो व्यवस्था बनाई गई है, उसे छोड़कर लोग डिवाइडर के ऊपर से ही दोपहिया वाहन ले जाते हैं। सख्ती करनी होगी तभी लोगों को राहत मिल सकेगी।
- शेखर कुमार, नौकरीपेशा, अंबाला सिटी
अंबाला कैंट के इंदिरा चौक पर ट्रैफिक लाइट लगाई गईं थीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ओवरब्रिज से आते या जाते समय ट्रैफिक सबसे ज्यादा रहता है, लेकिन इस पर कोई कंट्रोल नहीं है। ट्रैफिक संभालने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। नियमों को सख्ती से लागू करना होगा।
- पुष्कर कुमार, नौकरीपेशा, अंबाला कैंट
सारी व्यवस्थाओं का तभी फायदा मिलेगा, जब उन्हें सही तरीके से लागू किया जाए। कुछ दिनों की व्यवस्था के बाद मामला ठंडा पड़ जाता है, जबकि ट्रैफिक के मामले में यही स्थिति है। ट्रैफिक लाइट्स राहत तो देंगी, लेकिन उन प्वाइंट्स पर भी फोकस करना होगा, जहां ट्रैफिक ज्यादा है।
- बृजभूषण गुप्ता, अंबाला कैंट
ट्रैफिक कंट्रोल के लिए काम किया जा रहा है। सिटी में जाम की स्थिति के चलते ट्रैफिक लाइट्स बंद हैं। आम जनता भी यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग करें और नियमों की पालना करें।
- नीतिका गहलोत, डीएसपी अंबाला