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- अधिकारी के वेतन से काटी जाएगी किस्तों में यह रकम, कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
लावारिस पशुओं के मामले में निगम अधिकारियों की तकनीकी व प्रशासनिक ड्यूटियां क्या है, इस बारे में आरटीआई एक्ट के तहत मांगी जानकारी ही निगम ने उपलब्ध नहीं करवाई। अब राज्य सूचना आयुक्त ने निगम अधिकारी पर 25 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई है जो उनके वेतन से किस्तों में काटी जाएगी।
आरटीआई एक्ट के तहत सूचना मांगने वाले तरलोचन सिंह, जो स्वतंत्रता सेनानी जोध सिंह के बेटे हैं, ने बताया कि उन्होंने जुलाई 2015 में सूचना अधिकार के तहत नगर निगम से कुछ जानकारियां मांगी थीं। इसके तहत जानकारी मांगी गई थी कि लावारिस जानवरों को लेकर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की तकनीकी व प्रशासनिक ड्यूटियां क्या हैं? इसी पर तय समय में यह जानकारी उनको नहीं दी गई, जिसके बाद उन्होंने प्रथम अपील लगा दी। इसके बाद भी कोई जानकारी नहीं दी गई, जबकि एक किताब को पढ़कर यह जानकारी हासिल करने की नसीहत दे दी गई। लगातार इस मामले में निगम द्वारा ढिलाई बरती गई, लेकिन उनके द्वारा मांगी गई सूचना नहीं दी। इसके बाद उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त के पास अपील की। इसी अपील पर उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाया और बातचीत की। लेकिन बावजूद इसके उनको यह जानकारी नहीं दी गई। इसी पर राज्य सूचना आयुक्त प्रह्लाद रॉय मीना ने निगम अधिकारी पर 25 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई है। यह पेनल्टी अधिकारी के वेतन से पांच किश्तों में वसूली जाएगी और सरकारी खजाने में जमा होगी।
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अंबाला सिटी।
लावारिस पशुओं के मामले में निगम अधिकारियों की तकनीकी व प्रशासनिक ड्यूटियां क्या है, इस बारे में आरटीआई एक्ट के तहत मांगी जानकारी ही निगम ने उपलब्ध नहीं करवाई। अब राज्य सूचना आयुक्त ने निगम अधिकारी पर 25 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई है जो उनके वेतन से किस्तों में काटी जाएगी।
आरटीआई एक्ट के तहत सूचना मांगने वाले तरलोचन सिंह, जो स्वतंत्रता सेनानी जोध सिंह के बेटे हैं, ने बताया कि उन्होंने जुलाई 2015 में सूचना अधिकार के तहत नगर निगम से कुछ जानकारियां मांगी थीं। इसके तहत जानकारी मांगी गई थी कि लावारिस जानवरों को लेकर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की तकनीकी व प्रशासनिक ड्यूटियां क्या हैं? इसी पर तय समय में यह जानकारी उनको नहीं दी गई, जिसके बाद उन्होंने प्रथम अपील लगा दी। इसके बाद भी कोई जानकारी नहीं दी गई, जबकि एक किताब को पढ़कर यह जानकारी हासिल करने की नसीहत दे दी गई। लगातार इस मामले में निगम द्वारा ढिलाई बरती गई, लेकिन उनके द्वारा मांगी गई सूचना नहीं दी। इसके बाद उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त के पास अपील की। इसी अपील पर उन्होंने दोनों पक्षों को बुलाया और बातचीत की। लेकिन बावजूद इसके उनको यह जानकारी नहीं दी गई। इसी पर राज्य सूचना आयुक्त प्रह्लाद रॉय मीना ने निगम अधिकारी पर 25 हजार रुपये की पेनल्टी लगाई है। यह पेनल्टी अधिकारी के वेतन से पांच किश्तों में वसूली जाएगी और सरकारी खजाने में जमा होगी।
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