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%लेटर टू माई मदर लैंड’ को मिला 25 हजार का ईनाम
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हरियाणा में सर्वश्रेष्ठ चुना गया ‘लेटर टू माई मदर लैंड’, मिला 25 हजार का इनाम
फोटो नंबर : 24
-आर्मी स्कूल की टीचर द्वारा लिखा गया पत्र प्रदेशभर में आंका गया सर्वश्रेष्ठ
-डाक विभाग द्वारा आयोजित की गई थी राष्ट्रीय स्तर पर पत्र लेखन प्रतियोगिता
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। मोबाइल फोन विद्यार्थियों में पढ़ने और लिखने की क्षमता को समाप्त करने जा रहे हैं और बच्चों को पठन और लेखन के प्रति जागरूक करना मेरी प्राथमिकता में शामिल है। यह कहना है आर्मी पब्लिक स्कूल की सीनियर टीचर और रिटायर्ड कर्नल की पत्नी मधु सिंह का। उन्होंने डाक विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पत्र लेखन प्रतियोगिता में हरियाणा में प्रथम स्थान हासिल किया है।
टीचर मधु सिंह के लिखे गए पत्र ‘लेटर टू माई मदर लैंड’ को प्रदेशभर में सर्वश्रेष्ठ आंका गया है। चीफ पोस्ट मास्टर जनरल रंजू प्रसाद ने मधु सिंह को 25 हजार रुपये का पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। करनाल में हुए समारोह के दौरान यह सम्मान मधु सिंह को प्रदान किया गया। इससे पहले भी मधु सिंह पत्र लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं। मधु सिंह ने एक हजार शब्दों का पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने देश के विभिन्न पहलुओं को पत्र के जरिए अवगत कराया। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की इस प्रतियोगिता में डाक विभाग को हरियाणा से पांच हजार से अधिक एंट्रियां मिली थीं जिसमें से मधु सिंह के पत्र को श्रेष्ठ आंका गया। इससे पहले भी वर्ष 2017 में मधु सिंह डाक विभाग द्वारा आयोजित इसी प्रतियोगिता में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आधारित ‘बापू यू इंस्पायर मी’ विषय पर पत्र लिख चुकी हैं। इसमें भी इन्हें प्रथम स्थान मिला था।
मोबाइल युवा पीढ़ी के लिए घातक
मधु सिंह बताती हैं कि पढ़ाई-लिखाई बेहद जरूरी है, पर आज की युवा पीढ़ी मोबाइल की आदी होती जा रही है। मोबाइल के कारण लिखना और किताबों को पढ़ना बेहद कम हो गया है, जोकि युवा पीढ़ी के लिए घातक है। उन्होंने बताया कि वह स्कूल में भी बच्चों को पाठन और लेखन के लिए प्रेरित करती हैं। बच्चों से उनके विचार लिखवाकर उनसे बुलवाती हैं ताकि उनकी कम्यूनिकेशन स्किल बेहतर हो सके। मधु सिंह व उनके पति रिटायर्ड कर्नल आरडी सिंह सामाजिक कार्यों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। आरडी सिंह ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति लोगों को सजग करने के लिए गठित संस्था इंटैक अंबाला चैप्टर के कन्वीनर भी हैं।
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फोटो नंबर : 24
-आर्मी स्कूल की टीचर द्वारा लिखा गया पत्र प्रदेशभर में आंका गया सर्वश्रेष्ठ
-डाक विभाग द्वारा आयोजित की गई थी राष्ट्रीय स्तर पर पत्र लेखन प्रतियोगिता
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। मोबाइल फोन विद्यार्थियों में पढ़ने और लिखने की क्षमता को समाप्त करने जा रहे हैं और बच्चों को पठन और लेखन के प्रति जागरूक करना मेरी प्राथमिकता में शामिल है। यह कहना है आर्मी पब्लिक स्कूल की सीनियर टीचर और रिटायर्ड कर्नल की पत्नी मधु सिंह का। उन्होंने डाक विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पत्र लेखन प्रतियोगिता में हरियाणा में प्रथम स्थान हासिल किया है।
टीचर मधु सिंह के लिखे गए पत्र ‘लेटर टू माई मदर लैंड’ को प्रदेशभर में सर्वश्रेष्ठ आंका गया है। चीफ पोस्ट मास्टर जनरल रंजू प्रसाद ने मधु सिंह को 25 हजार रुपये का पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। करनाल में हुए समारोह के दौरान यह सम्मान मधु सिंह को प्रदान किया गया। इससे पहले भी मधु सिंह पत्र लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं। मधु सिंह ने एक हजार शब्दों का पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने देश के विभिन्न पहलुओं को पत्र के जरिए अवगत कराया। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की इस प्रतियोगिता में डाक विभाग को हरियाणा से पांच हजार से अधिक एंट्रियां मिली थीं जिसमें से मधु सिंह के पत्र को श्रेष्ठ आंका गया। इससे पहले भी वर्ष 2017 में मधु सिंह डाक विभाग द्वारा आयोजित इसी प्रतियोगिता में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आधारित ‘बापू यू इंस्पायर मी’ विषय पर पत्र लिख चुकी हैं। इसमें भी इन्हें प्रथम स्थान मिला था।
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मोबाइल युवा पीढ़ी के लिए घातक
मधु सिंह बताती हैं कि पढ़ाई-लिखाई बेहद जरूरी है, पर आज की युवा पीढ़ी मोबाइल की आदी होती जा रही है। मोबाइल के कारण लिखना और किताबों को पढ़ना बेहद कम हो गया है, जोकि युवा पीढ़ी के लिए घातक है। उन्होंने बताया कि वह स्कूल में भी बच्चों को पाठन और लेखन के लिए प्रेरित करती हैं। बच्चों से उनके विचार लिखवाकर उनसे बुलवाती हैं ताकि उनकी कम्यूनिकेशन स्किल बेहतर हो सके। मधु सिंह व उनके पति रिटायर्ड कर्नल आरडी सिंह सामाजिक कार्यों में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। आरडी सिंह ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति लोगों को सजग करने के लिए गठित संस्था इंटैक अंबाला चैप्टर के कन्वीनर भी हैं।
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