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हरिजन बस्ती में नाले को मिट्टी डालकर किया बंद, घरों में घुसा पानी, सरपंच पति के खिलाफ किया प्रदर्शन
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निकासी नाले को मिट्टी डालकर किया बंद, दलित बस्ती में घरों में घुसा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। गांव डुलियानी स्थित दलित बस्ती में गंदे पानी की निकासी के लिए बने नाले को डंपर से मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। इस कारण गंदा पानी मोहल्ले और घरों में घुस गया। बस्ती में रहने वाले लोगों का आरोप है कि उन्होंने सरपंच पति को कई बार नाला खुलवाने की बात कही, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। लोगों ने बुधवार सुबह प्रदर्शन किया। इसके बाद वे पुलिस सुरक्षा के बीच में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम बराड़ा को लिखित में शिकायत की। उन्हें आशंका थी कि गांव का सरपंच उन लोगों को एसडीएम कार्यालय तक जाने में परेशानी खड़ी करेगा, जिसमें वह रास्ता भी रोक सकता है। इसके ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया और पुलिस पहरे में एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
इस दौरान जरनैल सिंह, प्रीतपाल सिंह, विनोद, लक्ष्मण दास, श्याम लाल, अंकुश, रूबी देवी, रेखा पंच, स्नेह लता चमेली देवी, पूनम, रिंकी देवी सहित बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि एक सप्ताह पहले गांव के सरपंच पति सुखविंदर सिंह ने उनके घरों से गंदे पानी की निकासी के लिए बने नाले को मिट्टी डालकर बंद कर दिया, जबकि पिछले कई दशकों से पानी निकासी उक्त जगह से हो रही है। ग्रामीणों ने सरपंच पति को रोका भी, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। नाला बंद होने के बाद दलित मोहल्ले में गंदा पानी जगह-जगह जाम हो गया, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे महामारी फैलने का भय सताने लगा है।
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गांव के लोग मेरे पास आए थे। इस मामले में संज्ञान लेते हुए बीडीपीओ और पंचायत सचिव को निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही बाधित पानी की निकासी को खुलवा दिया जाएगा। - भारत भूषण कौशिक, एसडीएम, बराड़ा
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ग्रामीणों के आरोप सरासर गलत हैं। मैंने नाला बंद नहीं किया। जिन्होंने बंद किया है वो मेरे परिवार में से हैं। उनकी जमीन है। नाले के पानी की निकासी उनके खेतों में होने के कारण उनकी फसल बर्बाद हो रही थी, इसलिए उन्होंने नाला बंद किया है। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी मैं इसकी जांच करूंगा। - सुखविंद्र सिंह, सरपंच पति, डुलियानी
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मैं मौके पर गया तो वहां पर ऐस कुछ नहीं था। लोगों को आशंका थी कि उन पर रास्ते में हमला हो सकता है। शांतिपूर्वक लोग वहां से एसडीएम कार्यालय गए और अपनी बात रखी। - जोरा जीत सिंह, सब इंस्पेक्टर
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अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। गांव डुलियानी स्थित दलित बस्ती में गंदे पानी की निकासी के लिए बने नाले को डंपर से मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। इस कारण गंदा पानी मोहल्ले और घरों में घुस गया। बस्ती में रहने वाले लोगों का आरोप है कि उन्होंने सरपंच पति को कई बार नाला खुलवाने की बात कही, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। लोगों ने बुधवार सुबह प्रदर्शन किया। इसके बाद वे पुलिस सुरक्षा के बीच में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम बराड़ा को लिखित में शिकायत की। उन्हें आशंका थी कि गांव का सरपंच उन लोगों को एसडीएम कार्यालय तक जाने में परेशानी खड़ी करेगा, जिसमें वह रास्ता भी रोक सकता है। इसके ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया और पुलिस पहरे में एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
इस दौरान जरनैल सिंह, प्रीतपाल सिंह, विनोद, लक्ष्मण दास, श्याम लाल, अंकुश, रूबी देवी, रेखा पंच, स्नेह लता चमेली देवी, पूनम, रिंकी देवी सहित बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि एक सप्ताह पहले गांव के सरपंच पति सुखविंदर सिंह ने उनके घरों से गंदे पानी की निकासी के लिए बने नाले को मिट्टी डालकर बंद कर दिया, जबकि पिछले कई दशकों से पानी निकासी उक्त जगह से हो रही है। ग्रामीणों ने सरपंच पति को रोका भी, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। नाला बंद होने के बाद दलित मोहल्ले में गंदा पानी जगह-जगह जाम हो गया, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे महामारी फैलने का भय सताने लगा है।
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गांव के लोग मेरे पास आए थे। इस मामले में संज्ञान लेते हुए बीडीपीओ और पंचायत सचिव को निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही बाधित पानी की निकासी को खुलवा दिया जाएगा। - भारत भूषण कौशिक, एसडीएम, बराड़ा
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ग्रामीणों के आरोप सरासर गलत हैं। मैंने नाला बंद नहीं किया। जिन्होंने बंद किया है वो मेरे परिवार में से हैं। उनकी जमीन है। नाले के पानी की निकासी उनके खेतों में होने के कारण उनकी फसल बर्बाद हो रही थी, इसलिए उन्होंने नाला बंद किया है। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी मैं इसकी जांच करूंगा। - सुखविंद्र सिंह, सरपंच पति, डुलियानी
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मैं मौके पर गया तो वहां पर ऐस कुछ नहीं था। लोगों को आशंका थी कि उन पर रास्ते में हमला हो सकता है। शांतिपूर्वक लोग वहां से एसडीएम कार्यालय गए और अपनी बात रखी। - जोरा जीत सिंह, सब इंस्पेक्टर