{"_id":"38bd34ebc7dff676ae56e760ed49b5c1","slug":"70-thousand-compensation-in-towers","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतों में टावर लगाने पर किसानों को 70 हजार रुपये मुआवजा मिलेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतों में टावर लगाने पर किसानों को 70 हजार रुपये मुआवजा मिलेगा
गोहाना/ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2013 09:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के जिला सोनीपत के गोहाना में भाकियू के संघर्ष के बाद खेतों में लगाए जाने वाले बिजली के टावर लगाने के बदले सरकार अब किसानों को 70 हजार रुपये मुआवजा देगी।
खेतों के ऊपर से बिजली की तार गुजरने पर भी फसल बीजी होने की स्थिति में 25 हजार, जबकि खाली पड़े होने की स्थिति में 15 हजार हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा मिलेगा।
यह फैसला उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर की मौजूदगी में किसानों और बिजली निगम के अधिकारियोें की बैठक में लिया गया।
भाकियू ने तीन दिन पहले टावर खड़े करने के काम को रोक दिया था। बिजली निगम की ओर से गांव भंडेरी में 132 केवी का पावर हाउस स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए जसिया से टावर लाइन खड़ी की जा रही है।
विज्ञापन
इसके लिए कुल 35 टावर खड़े किए जाने हैं। इसकी जानकारी मिलने पर भारतीय किसान यूनियन के तहसील प्रधान सत्यवान नरवाल ने किसानों की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर काम बंद करा दिया था और चेतावनी दी थी कि जब तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा, काम नहीं करने देंगे।
इस मामले को गंभीरता से लेते डीसी डॉ. चंद्रशेखर ने किसानों और निगम के अधिकारियों को बुलाया और दोनों के बीच सहमति करा दी। दोनों पक्षों में सहमति बनने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, जबकि भारतीय किसान यूनियन ने भी खुशी जताई है।
विज्ञापन
खेतों के ऊपर से बिजली की तार गुजरने पर भी फसल बीजी होने की स्थिति में 25 हजार, जबकि खाली पड़े होने की स्थिति में 15 हजार हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा मिलेगा।
विज्ञापन
यह फैसला उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर की मौजूदगी में किसानों और बिजली निगम के अधिकारियोें की बैठक में लिया गया।
भाकियू ने तीन दिन पहले टावर खड़े करने के काम को रोक दिया था। बिजली निगम की ओर से गांव भंडेरी में 132 केवी का पावर हाउस स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए जसिया से टावर लाइन खड़ी की जा रही है।
विज्ञापन
इसके लिए कुल 35 टावर खड़े किए जाने हैं। इसकी जानकारी मिलने पर भारतीय किसान यूनियन के तहसील प्रधान सत्यवान नरवाल ने किसानों की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर काम बंद करा दिया था और चेतावनी दी थी कि जब तक किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा, काम नहीं करने देंगे।
इस मामले को गंभीरता से लेते डीसी डॉ. चंद्रशेखर ने किसानों और निगम के अधिकारियों को बुलाया और दोनों के बीच सहमति करा दी। दोनों पक्षों में सहमति बनने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, जबकि भारतीय किसान यूनियन ने भी खुशी जताई है।