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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   BJP MP Ramapati ram tripathi sentenced to one year for slapping sub inspector

UP: दरोगा को थप्पड़ मारने में सांसद रमापति को एक साल की सजा, लालकृष्ण आडवानी की रथयात्रा में हुई थी मारपीट

Fri, 14 Jul 2023 10:38 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 14 Jul 2023 10:38 AM IST
सार

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान देवरिया सांसद रमापति राम त्रिपाठी और संतराज यादव को सजा सुनाई गई है। यह घटना साल 1994 की है। जब तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष लालकृष्ण आडवानी की रथ यात्रा गोरखपुर पहुंची थी। इस दौरान पुलिस से मारपीट हुई थी।

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BJP MP Ramapati ram tripathi sentenced to one year for slapping sub inspector
देवरिया सांसद रमापति राम त्रिपाठी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सरकारी काम में बाधा डालने और दरोगा को थप्पड़ मारने के आरोपी देवरिया के भाजपा सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी के अलावा उनके सहयोगी नारहपुर के संतराज यादव को भी एक साल की सजा सुनाई गई है। जुर्म सिद्ध होने पर अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रभाष त्रिपाठी ने सजा सुनाते हुए दोनों लोगों पर 2300 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

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जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अम्बरीष चंद्र मल्ल ने कोर्ट को बताया कि उप निरीक्षक शिवमंगल सिंह अपने हमराहियों के साथ 16 जुलाई 1994 को भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष लालकृष्ण आडवानी की सुरक्षा व्यवस्था और शांति व्यवस्था के लिए नौसड़ में मौजूद थे। आडवानी के नौसड़ से गोरखपुर की तरफ जाने के कुछ देर बाद करीब 12 बजे मरवडिया कुआं की तरफ हुई घटना को लेकर भाजपा के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी के साथ गलौज करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया था।
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उप निरीक्षक शिवमंगल सिंह ने अपने हमराहियों के साथ समझाने का प्रयास किया तो आरोपी उग्र हो गए और शिवमंगल सिंह को पकड़कर थप्पड़-मुक्कों से पीटा। उनकी सर्विस रिवाल्वर छीनने की कोशिश की। घटना को देखकर हमराहियों और कर्मचारियों ने वादी को बचाने का प्रयास किया तो उपेंद्र दत्त शुक्ल के साथ आए सौ-डेढ़ सौ कार्यकर्ता एक राय होकर पुलिस वालों को जान से मारने की नीयत से टूट पड़े और ईंट, पत्थर, कोल्ड ड्रिंक की बोतल, डंडा और लात-मुक्कों से बुरी तरह से मारना शुरू कर दिया। इससे जनता में भय का माहौल व्याप्त हो गया और दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भागने लगे थे। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया है।



 

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