Gorakhpur News: घर में ही कर सकते हैं मावे में मिलावट की पहचान, सेहत से न करें खिलवाड़
खाद्य सुरक्षा विभाग सहायक आयुक्त कुमार गुंजन ने कहा कि आगामी त्योहार के मद्देनजर मिलावटी सामान के खिलाफ जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। अगले सप्ताह इस संबंध में शासन की ओर से गाइडलाइन भी आ जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मिठाइयों के बिना कोई भी त्योहार पूरा नहीं हो पाता है। लेकिन, मिलावटखोर सिर्फ मुनाफा के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से नहीं चूकते हैं। मावे में जमकर मिलावट करते हैं। वैसे खाद्य सुरक्षा विभाग इसके खिलाफ अभियान चलाता है, लेकिन आप घर में ही मावे में मिलावट की पहचान कर सकते हैं।
दरअसल, पर्व में मावा की डिमांड काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में मावे और मिठाइयों में मिलावट का धंधा बढ़ जाता है और मिलावटखोरों की चांदी हो जाती है।
जानकार बताते हैं कि मिलावटी मावा को तैयार करने के लिए सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल किया जाता है। मिलावटी मावे के सेवन से कैंसर होने का डर रहता है। इतना ही नहीं, नकली मावा के सेवन से लीवर में सूजन और आंतों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त कुमार गुंजन ने मिलावट की पहचान के लिए दिए टिप्स
- थोड़ा मावा लेकर अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़े और कुछ देर बाद चेक करें। अगर मावा असली होगा तो इसकी महक काफी देर तक आती रहेगी।
- मावा खरीदने से पहले पहले चखें। अगर इसका स्वाद कसैला है तो इसमें मिलावट है।
- थोड़ा सा मावा हाथ में लेकर इसकी गोली बना लें। अगर ये गोली फटने लगे, तो यह नकली है। मावे को हाथ में लेते हुए अगर चिकनापन न लगे, तो यह भी यह नकली है।
- मावे को एक बर्तन में थोड़ा पानी डालकर गर्म करें। उसके बाद उसमें टिंचर आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। मावा मिलावटी होगा तो उसका रंग नीला हो जाएगा। अगर रंग नहीं बदलता मतलब आपका मावा असली है।
खाद्य सुरक्षा विभाग सहायक आयुक्त कुमार गुंजन ने कहा कि आगामी त्योहार के मद्देनजर मिलावटी सामान के खिलाफ जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। अगले सप्ताह इस संबंध में शासन की ओर से गाइडलाइन भी आ जाएगी।