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विश्व अल्जाइमर दिवस: कोरोना को दी मात, अब कमजोर हो रही याददाश्त
Wed, 21 Sep 2022 02:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 21 Sep 2022 02:57 PM IST
सार
डॉ. अमित शाही ने बताया कि शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना, मोटापा, शुगर, सिर पर चोट लगना, सुनने की क्षमता का कमजोर होना, इस रोग की प्रमुख वजह है। यह रोग दिमाग में टाऊ टैंगल्स प्रोटीन के बनने से रोकता है। इससे दिमाग का संतुलन बिगड़ जाता है और लोग अजीब हरकतें करने लगते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
कोरोना संक्रमण से मुक्ति पा चुके मरीजों के दिमाग में प्रोटीन रिएक्शन का असर लोगों को डिमेंशिया का शिकार बना रहा है। इसकी वजह से मरीजों की याददाश्त कमजोर हो जा रही है। पहले यह बीमारी अधेड़ और बुजुर्गों को होती थी, लेकिन अब इसका शिकार युवा हो रहे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल में ऐसे मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक आमिल हयात खान ने बताया कि कोरोना के कारण दिमाग की तंत्रिकाओं पर असर पड़ा है। दिमाग में प्रोटीन और दूसरे रसायन का संतुलन बिगड़ा है। इसकी वजह से लोगों की याददाश्त कमजोर हुई है।
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बीआरडी के मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. तपस कुमार ने बताया कि अल्जाइमर्स यानी भूलने की बीमारी। कोरोना की वजह से इसका असर लोगों पर और बढ़ा है। कोरोना वायरस दिमाग की तंत्रिकाओं को डैमेज करती है। ऐसे मरीजों का एकांत में रखना खतरनाक है।
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जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही ने बताया कि यह एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट करता है। ऐसा होने पर सीधा असर मरीजों के दिमाग पर पड़ता है। मरीज की निर्णय लेने की क्षमता घट जाती है और उसके स्वभाव में बदलाव आ जाता है। उम्र के साथ-साथ मरीजों की याददाश्त कमजोर हो जाती है।
कोशिकाएं हो जाती हैं क्षतिग्रस्त
डॉ. अमित शाही ने बताया कि इस बीमारी में दिमाग की ऐसी कोशिकाएं, जो याददाश्त को कंट्रोल करती हैं, वह सूखने लगती हैं। इसका असर याददाश्त पर सीधे रूप से पड़ता है और इसे रिकवर करना बेहद मुश्किल हो जाता है। अल्जाइमर्स डिमेंशिया का एक प्रकार है।
मोटापा से हो सकता है अल्जाइमर
डॉ. अमित शाही ने बताया कि शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना, मोटापा, शुगर, सिर पर चोट लगना, सुनने की क्षमता का कमजोर होना, इस रोग की प्रमुख वजह है। यह रोग दिमाग में टाऊ टैंगल्स प्रोटीन के बनने से रोकता है। इससे दिमाग का संतुलन बिगड़ जाता है और लोग अजीब हरकतें करने लगते हैं।
मोटापा से हो सकता है अल्जाइमर
डॉ. अमित शाही ने बताया कि शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना, मोटापा, शुगर, सिर पर चोट लगना, सुनने की क्षमता का कमजोर होना, इस रोग की प्रमुख वजह है। यह रोग दिमाग में टाऊ टैंगल्स प्रोटीन के बनने से रोकता है। इससे दिमाग का संतुलन बिगड़ जाता है और लोग अजीब हरकतें करने लगते हैं।