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Gorakhpur News: कानून की जानकारी और व्यावहारिक अमल आवश्यक
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय महिला कल्याण संघ एवं महिला अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुक्रवार को 'लीगल अवेयरनेस एंड लीगल हेल्थ' विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि कानून की जानकारी और व्यावहारिक अमल आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विशाखा समिति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कैंपस में आईसीसी का गठन किया गया है। अधिवक्ता यशपाल सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान महिलाओं को समानता, गरिमा एवं स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में महिला को तुरंत प्राथमिकी दर्ज कराने, महिला हेल्पलाइन (1090/181) से संपर्क करने व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। डिजिटल युग में उन्होंने सतर्कता पर भी जोर दिया।
संयोजन महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्यारानी सिंह व प्रो. नंदिता सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. सुनीता मुर्मू, डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. तूलिका मिश्रा, डॉ. नीता सिंह, डॉ. कल्पना, डॉ. अफरोजा, डॉ. प्रतिमा जायसवाल व डॉ. विस्मिता पालीवाल आदि उपस्थित रहीं।
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उन्होंने कहा कि विशाखा समिति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कैंपस में आईसीसी का गठन किया गया है। अधिवक्ता यशपाल सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान महिलाओं को समानता, गरिमा एवं स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में महिला को तुरंत प्राथमिकी दर्ज कराने, महिला हेल्पलाइन (1090/181) से संपर्क करने व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। डिजिटल युग में उन्होंने सतर्कता पर भी जोर दिया।
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संयोजन महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्यारानी सिंह व प्रो. नंदिता सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. अनुभूति दुबे, प्रो. सुनीता मुर्मू, डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. तूलिका मिश्रा, डॉ. नीता सिंह, डॉ. कल्पना, डॉ. अफरोजा, डॉ. प्रतिमा जायसवाल व डॉ. विस्मिता पालीवाल आदि उपस्थित रहीं।
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