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पैर फिसलने से नदी में गिरी महिला, पानी में बहकर घर से पहुंची 45 किलोमीटर दूर

Thu, 16 Jul 2020 09:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 16 Jul 2020 09:51 PM IST
सार

  • महिला को जीवित देख गांव के लोग आश्चर्य चकित
  • महिला ने बताया कि नदी का पानी मुंह में जाने पर होती थी उल्टी

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Women reached Deoria after 45 kilometers flowing in river at Gorakhpur
पैर फिसलने से नदी में गिर गई थी नगीना देवी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

'जाको राखे साइयां मार सके न कोय, बाल न बांका कर सके तो जग बैरी होय।' यह कहावत गुरुवार को गोरखपुर जिले के झंगहा इलाके में सच साबित हो गई। जहां एक महिला नदी में पैर फिसलने से लापता हो गई थी। वह नदी के पानी में बहते हुए 45 किलोमीटर दूर देवरिया पहुंच गई। फिर भी वह पूरी तरह स्वस्थ है।

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महिला को देवरिया की रहने वाली उसकी एक परिचित दूसरी महिला ने घर पहुंचाया। जिसके बाद उसके गांव के लोग आश्चर्यचकित हो गए। उसे देखने के लिए घरपर गांववालों का तांता लग गया। लोगों के पूछने पर महिला ने बताया कि जब नदी का  पानी उसके मुंह में जाता था तो उसे अनायास ही उल्टी हो जाती थी।
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जानकारी के अनुसार झंगहा के राजधानी गांव निवासी राजबली की पत्नी नगीना देवी (55) बुधवार की शाम करीब सात बजे गांव के बाहर स्थित गोर्रा नदी के गोड़िया घाट पर गई थीं। पैर फिसलने से वह नदी में गिर गईं और पानी में लापता हो गईं।

इधर, पति उसकी तलाश कर परेशान थे। उधर, महिला नदी में बहते हुए करीब 45 किलोमीटर दूर देवरिया के रूद्रपुर स्थित पिड़रा घाट के पास पहुंच गईं। पिड़रा घाट के आसपास के लोगों ने उसे पानी में बहते हुए देखा और नदी में बाहर निकाला।
 
महिला को पानी में जिंदा देखकर आसपास के गांव के लोग जुट गए। तभी, पिड़रा घाट के पास स्थित पचलड़ी गांव निवासी अतरवासी देवी ने महिला को पहचान लिया। अतरवासी ने अपने गांव के प्रधान देवी प्रसाद को बताया कि बह कर आई महिला झंगहा के राजधानी स्थित उसके मायके की है।

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ग्राम प्रधान देवी प्रसाद  नगीना देवी को साथ लेकर गुरुवार को  राजधानी गांव पहुंचे और उसे उसके पति को सौंप दिया। पत्नी को देखते ही पति के  खुशी का ठिकाना ही नही रहा।  महिला को देखने के लिए राजबली के घर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

मुंह में नदी का पानी जाते ही उल्टी होने की प्रक्रिया ने बचाई महिला की जान

महिला बिल्कुल सुरक्षित और अपने परिवार में है। नगीना देवी ने बताया कि नदी में बहते समय उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।  उसने बताया कि पानी से बाहर निकलने के लिए कई बार  प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाई। वह तैरना भी नहीं जानती है।

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जैसा महिला बता रही है कि उसके मुंह में जैसे ही पानी जाता था, उसे उल्टी होने लगती थी। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अखिलेश सिंह का कहना है कि इसी प्रक्रिया ने महिला की जान बचाई। दरअसल, पानी में डूबने वाले व्यक्ति के फेफड़ों में जब पानी भर जाता है तो वह पानी में डूब जाता है और ऑक्सीजन के अभाव में थोड़ी देर में ही दम तोड़ देता है। इस मामले में ज्योंहि पानी महिला के मुंह में जा रहा था, उसे उल्टी होने लगती थी, इस प्रक्रिया में  संभव है कि पानी फेफड़ों में नहीं घुस सका और महिला की सांस चलती रही और उसे देवरिया में बचा लिया गया।  
 
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