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डॉक्टरों की सलाह: बदल रहे मौसम में बढ़े 30 प्रतिशत सांस के रोगी, सुबह-शाम घर से बाहर न निकलें ये मरीज

Sun, 28 Nov 2021 01:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 28 Nov 2021 01:25 PM IST
सार

बदलते मौसम में बीमार होने के कारण हर दिन बीआरडी और जिला अस्पताल में मरीज भर्ती हो रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत टीबी और सीओपीडी के मरीजों को है।

 

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weather change effect on 30 percent respiratory patients increased in changing season
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : istock

विस्तार

गोरखपुर जिले में बदल रहे मौसम ने सांस के रोगियों की संख्या बढ़ा दी है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक में ऐसे मरीज काफी संख्या में हर रोज पहुंच रहे हैं। सबसे अधिक मरीज चेस्ट विभाग की ओपीडी में आ रहे हैं। करीब 30 प्रतिशत मरीजों को सांस फूलने की शिकायत है। इसके अलावा क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मरीजों की भी संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों की सलाह है कि सांस, टीबी और दमा के मरीज इस मौसम में सुबह-शाम घर से बाहर बिल्कुल भी न निकलें।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि ठंड का असर अब सांस के मरीजों पर दिखने लगा है। ओपीडी में 30 प्रतिशत मरीज सांस फूलने की शिकायत के साथ आ रहे हैं, जबकि अन्य मरीजों में सीओपीडी और दमा के मरीज शामिल हैं। इसके अलावा तीन से चार प्रतिशत मरीज इमरजेंसी में सांस फूलने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इन मरीजों को ठंड के मौसम में इन्हेलर की सलाह दी जा रही है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसी श्रीवास्तव ने बताया कि ओपीडी में मरीजों की संख्या तो कम हुई है, लेकिन सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। जनरल ओपीडी में 30 प्रतिशत तक मरीज सांस फूलने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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30 प्रतिशत मरीजों में बीपी की शिकायत
सांस के मरीजों के साथ ही बीपी (ब्लड प्रेशर) के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। करीब 30 प्रतिशत मरीज बीपी से पीड़ित हैं, जो इलाज के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं। ठंड में बीपी बढ़ने का कारण लोगों का ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे होना होता है, क्योंकि ब्लड सप्लाई के लिए हार्ट पर ज्यादा दबाव पड़ता है। आर्टरीज और हार्ट पर ज्यादा दबाव पड़ने के कारण ब्लड प्रेशर उच्च (हाई) हो जाता है। इस वजह से लोग बीपी का शिकार होते हैं। हार्ट रेट बढ़ने, हार्मोनल बदलाव, एनवॉयरमेंटल बदलाव, डाइटरी हैबिट, नमक ज्यादा खाने और बहुत ज्यादा इमोशनल होने से भी बीपी बढ़ता है।
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