फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   water quality will be tested in Gorakhpur villages

गोरखपुर: गांवों में जांची जाएगी पानी की गुणवत्ता, बताई जा रही ये खास वजह

Mon, 31 May 2021 02:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 31 May 2021 02:15 PM IST
सार

पहले चरण में इंसेफेलाइटिस प्रभावित 200 गांवों में होगी जांच, 2020 में इन गांवों में नहीं मिला था शुद्ध पानी।

विज्ञापन
water quality will be tested in Gorakhpur villages
इंसेफेलाइटिस। (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इंसेफेलाइटिस को लेकर सतर्कता तेज हो गई है। इसी क्रम में जिले के गांवों में पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। पहले चरण में इंसेफेलाइटिस एवं कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित रहे 200 गांवों में यह जांच होगी। रविवार को इसकी शुरूआत भी हो गई। विभिन्न ब्लाकों के 50 गांवों में जांच की गई। एक गांव में करीब 10 जल स्रोतों का परीक्षण किया जा रहा है।

विज्ञापन


कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने 31 मई की शाम तक सभी गांवों में पेयजल की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। शासन की ओर से पेयजल की शुद्धता जांचने के लिए जिले को हाइड्रोजन सल्फाइड (एचटूएस) के दो हजार वायल दिए गए हैं। एक वायल से किसी एक जल स्रोत की जांच की जा सकती है। इसलिए पंचायत राज विभाग ने एक गांव में 10 वायल दिया है और 10 जल स्रोतों की जांच करने को कहा है।
विज्ञापन


शनिवार को ही सहायक विकास अधिकारी पंचायत को वायल उपलब्ध करा दिए गए थे। रविवार को इससे जांच भी शुरू हो गई। जल्द ही अन्य गांवों के लिए भी वायल आने की संभावना है। यह जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत की देखरेख में हो रही है। जांच में पंचायत सचिव, रोजगार सेवक व सफाई कर्मियों को लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिन ब्लाकों में पानी में आर्सेनिक होने की आशंका है, वहां भी जांच की जाएगी। जिन गांवों में पेयजल दूषित मिलेगा, वहां शुद्ध पेयजल के लिए उपाय किए जाएंगे। सबसे पहले ब्लीचिंग पाउडर व लाल दवा डाली जाएगी। यदि लगातार पीला पानी आ रहा होगा तो हैंडपंप का जीआई पाइप भी बदला जाएगा। कुछ हैंडपंपों को रीबोर भी कराया जाएगा। इसके लिए पंचायती राज के 15वें वित्त से धन खर्च होगा।

 

200 गांवों में पानी पीने लायक नहीं मिला था

2019 में भी एचटूएस के जरिए गांवों में पेजलय की शुद्धता की जांच हो चुकी है। करीब दो हजार राजस्व गांवों की जांच में 200 में पानी पीने लायक नहीं मिला था। उनमें से कई गांवों में हैंडपंप रीबोर कराए गए थे और ब्लीचिंग पाउडर व लाल दवा डाली गई थी।

डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर का कहना है कि  गांवों में पेयजल की शुद्धता की जांच की जानी है। प्रथम चरण में 2000 वायल मिले हैं, इससे कोरोना एवं इंसेफेलाइटिस से प्रभावित 200 गांवों में जांच की जा रही है। हर गांव में 10 वायल दिए गए हैं और वहां 10-10 जल स्रोतों की जांच होगी। 31 मई को रिपोर्ट आ जाने की संभावना है, उसके बाद पेयजल को शुद्ध बनाने के उपाय किए जाएंगे।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed