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Gorakhpur News: इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन के निर्माण से नीचे गया जलस्तर
Wed, 17 Apr 2024 05:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 17 Apr 2024 05:19 AM IST
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बरगदवां चौराहे के पास हो रहा निर्माण, गहराया पानी का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जलनिगम की ओर से बरगदवां चौराहे के पास 16 मीटर गहरे इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। इसकी वजह से वहां आसपास के घरों के सबमर्सिबल पंप ड्रेन हो गए हैं। वहां पर जलस्तर नीचे चला गया है जिससे पानी का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही जलकल के पास पेयजल कनेक्शन की मांग बढ़ गई है। यहां पर कंक्रीट का टैंक बनाने के लिए 28 पंप की मदद से भूजल ड्रेन किया गया। ऐसा करना जरूरी था नहीं तो 16 मीटर तक गहराई में टैंक नहीं जा पाता।
बरगदवां चौराहे पर सरकारी आवास परिसर में लोक निर्माण विभाग की जमीन पर गोरखपुर सीवरेज योजना जोन सी पार्ट दो (अमृत योजना 2.0) के तहत जलनिगम की ओर से 16 मीटर गहरे 16 एमएलडी के आईपीएस (इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन) निर्माणाधीन है। यहां आसपास के क्षेत्रों का सीवर इकट्ठा होगा।
इस सीवर को पंप की मदद से सूरजकुंड में मेन पंपिंग स्टेशन में पहुंचाया जाएगा। उसके बाद वहां सीवेज के जल को सूरजकुंड में पहले बने 10 एमएलडी के एसटीपी और निर्माणाधीन 30 एमएलडी के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) में ट्रीट कर रोहिन नदी में डाला जाएगा। जलनिगम के अधिकारियों का कहना है कि ड्रेन करने का काम पूरा हो चुका है, थोड़े दिनों के इंतजार के बाद जलस्तर में सुधार हो जाएगा।
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आईपीएस निर्माण की वजह से विकास नगर, बरगदवां, विस्तारनगर, आवास विकास कॉलोनी, लच्छीपुर यादव टोला में पानी का संकट खड़ा हो गया है। यह इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि तमाम लोगों ने घर के सामने से पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन जाने के बाद भी कनेक्शन नहीं लिया था, क्योंकि उनके घर में लगा सबमर्सिबल चल रहे थे।
नई पाइपलाइन के लिए निर्वाचन आयोग की अनुमति का इंतजार
बरगदवां चौक से रामलीला मैदान तक तकरीबन 700 मीटर इलाके में जलकल की पुरानी पाइपलाइन सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। यहां पर आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जानी थी जिसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन आचार संहिता लगने की वजह से पूूरी नहीं हो पाई। जलकल ने जनहित में निर्वाचन आयोग से जिलाधिकारी कार्यालय के जरिए अनुमति मांगी है। जलकल के अवर अभियंता सूर्यसेन मल्ल ने बताया कि अनुमति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
जलनिगम के अवर अभियंता राम प्रवेश ने बताया कि विकासनगर में आईपीएस टैंक बनाने के लिए भूजल को ड्रेन करने का काम पूरा हो गया है। स्थानीय कॉलोनियों में पेयजल के लिए टैंकर नियमित रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के सबमर्सिबल पंप पानी उठाने लगे हैं। कुछ दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जलनिगम की ओर से बरगदवां चौराहे के पास 16 मीटर गहरे इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। इसकी वजह से वहां आसपास के घरों के सबमर्सिबल पंप ड्रेन हो गए हैं। वहां पर जलस्तर नीचे चला गया है जिससे पानी का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही जलकल के पास पेयजल कनेक्शन की मांग बढ़ गई है। यहां पर कंक्रीट का टैंक बनाने के लिए 28 पंप की मदद से भूजल ड्रेन किया गया। ऐसा करना जरूरी था नहीं तो 16 मीटर तक गहराई में टैंक नहीं जा पाता।
बरगदवां चौराहे पर सरकारी आवास परिसर में लोक निर्माण विभाग की जमीन पर गोरखपुर सीवरेज योजना जोन सी पार्ट दो (अमृत योजना 2.0) के तहत जलनिगम की ओर से 16 मीटर गहरे 16 एमएलडी के आईपीएस (इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन) निर्माणाधीन है। यहां आसपास के क्षेत्रों का सीवर इकट्ठा होगा।
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इस सीवर को पंप की मदद से सूरजकुंड में मेन पंपिंग स्टेशन में पहुंचाया जाएगा। उसके बाद वहां सीवेज के जल को सूरजकुंड में पहले बने 10 एमएलडी के एसटीपी और निर्माणाधीन 30 एमएलडी के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) में ट्रीट कर रोहिन नदी में डाला जाएगा। जलनिगम के अधिकारियों का कहना है कि ड्रेन करने का काम पूरा हो चुका है, थोड़े दिनों के इंतजार के बाद जलस्तर में सुधार हो जाएगा।
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आईपीएस निर्माण की वजह से विकास नगर, बरगदवां, विस्तारनगर, आवास विकास कॉलोनी, लच्छीपुर यादव टोला में पानी का संकट खड़ा हो गया है। यह इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि तमाम लोगों ने घर के सामने से पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन जाने के बाद भी कनेक्शन नहीं लिया था, क्योंकि उनके घर में लगा सबमर्सिबल चल रहे थे।
नई पाइपलाइन के लिए निर्वाचन आयोग की अनुमति का इंतजार
बरगदवां चौक से रामलीला मैदान तक तकरीबन 700 मीटर इलाके में जलकल की पुरानी पाइपलाइन सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। यहां पर आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जानी थी जिसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन आचार संहिता लगने की वजह से पूूरी नहीं हो पाई। जलकल ने जनहित में निर्वाचन आयोग से जिलाधिकारी कार्यालय के जरिए अनुमति मांगी है। जलकल के अवर अभियंता सूर्यसेन मल्ल ने बताया कि अनुमति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
जलनिगम के अवर अभियंता राम प्रवेश ने बताया कि विकासनगर में आईपीएस टैंक बनाने के लिए भूजल को ड्रेन करने का काम पूरा हो गया है। स्थानीय कॉलोनियों में पेयजल के लिए टैंकर नियमित रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के सबमर्सिबल पंप पानी उठाने लगे हैं। कुछ दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।