{"_id":"613f218971dbe83a35440582","slug":"water-level-of-all-major-rivers-decreased-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर बाढ़: घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर, राप्ती का भी पानी घटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर बाढ़: घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर, राप्ती का भी पानी घटा
Mon, 13 Sep 2021 03:31 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 13 Sep 2021 03:31 PM IST
सार
नेपाल में बारिश होने के कारण तीन दिनों से बढ़ रहा था सरयू नदी का पानी। सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर घटा, किनारा छोड़ने से बांधों पर दबाव नहीं।
विज्ञापन
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेपाल में हो रही बारिश के कारण तीन दिनों से बढ़ रहा घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है। यह नदी खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। शनिवार को भी इसी स्तर पर बह रही थी। वहीं, राप्ती नदी का भी पानी रविवार को तेजी से नीचे आया। अब यह नदी खतरे के निशान से केवल 92 सेमी ऊपर बह रही है। 24 घंटे में इसका जलस्तर 24 सेमी कम हुआ है।
जनपद में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों का उफान अब शांत है। लगभग सभी नदियों का जलस्तर नीचे की तरफ आ रहा है। केवल राप्ती और गोर्रा नदी ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, लेकिन दोनों ही एक मीटर से नीचे आ गई हैं, इस कारण अब खतरा नहीं रह गया है। सबसे अधिक भयभीत करने वाली राप्ती नदी शनिवार तक खतरे के निशान से एक मीटर से ऊपर बह रही थी। रविवार को वह खतरे के निशान से 92 सेमी ऊपर रह गई है। वहीं, गोर्रा नदी खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर रह गई है।
रोहिन नदी खतरे के निशान से 2.62 सेमी नीचे बह रही है। घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में अब बाढ़ का खतरा नहीं रह गया है। पानी घटने के कारण नदियों ने किनारा छोड़ना शुरू कर दिया है। तटबंधों के कटने या रिसाव होने का खतरा नहीं है।
विज्ञापन
गोरखपुर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय ने बताया कि नेपाल से निकलने वाली घाघरा और शारदा नदियों का संगम मैदान में आकर लखीमपुर खीरी के पास होता है। पिछले दिनों घाघरा के एरिया में बारिश हुई थी। इससे घाघरा का जलस्तर बढ़ गया। राप्ती सहित अन्य नदियां तेजी से घट रही हैं। नदियों ने किनारा छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे अब खतरे की कोई बात नहीं है।
विज्ञापन
जनपद में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों का उफान अब शांत है। लगभग सभी नदियों का जलस्तर नीचे की तरफ आ रहा है। केवल राप्ती और गोर्रा नदी ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, लेकिन दोनों ही एक मीटर से नीचे आ गई हैं, इस कारण अब खतरा नहीं रह गया है। सबसे अधिक भयभीत करने वाली राप्ती नदी शनिवार तक खतरे के निशान से एक मीटर से ऊपर बह रही थी। रविवार को वह खतरे के निशान से 92 सेमी ऊपर रह गई है। वहीं, गोर्रा नदी खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर रह गई है।
विज्ञापन
रोहिन नदी खतरे के निशान से 2.62 सेमी नीचे बह रही है। घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में अब बाढ़ का खतरा नहीं रह गया है। पानी घटने के कारण नदियों ने किनारा छोड़ना शुरू कर दिया है। तटबंधों के कटने या रिसाव होने का खतरा नहीं है।
विज्ञापन
गोरखपुर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय ने बताया कि नेपाल से निकलने वाली घाघरा और शारदा नदियों का संगम मैदान में आकर लखीमपुर खीरी के पास होता है। पिछले दिनों घाघरा के एरिया में बारिश हुई थी। इससे घाघरा का जलस्तर बढ़ गया। राप्ती सहित अन्य नदियां तेजी से घट रही हैं। नदियों ने किनारा छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे अब खतरे की कोई बात नहीं है।