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Gorakhpur News: शिवकुमार हत्याकांड में चार्जशीट की तैयारी, हलका इंचार्ज की भूमिका की भी जांच
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- कम गवाहों के साथ वायरल वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बनेंगे विवेचना का आधार
- तलवार और खंती की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार, अभियोजन से ली जा रही राय
गोरखपुर। सिकरीगंज के अहिरौली खुर्द निवासी शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड में पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है। जेल भेजे जा चुके सात बालिग और एक नाबालिग समेत सभी आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। आरोप पत्र को अंतिम रूप देने से पहले पुलिस अभियोजन अधिकारियों से कानूनी राय ले रही है। वहीं, मामले में हलका इंचार्ज की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम शिवकुमार त्रिपाठी को अहिरौली गांव में छेदी चौधरी के ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि वहां पुरानी रंजिश को लेकर राहुल चौधरी, विनोद, उसकी पत्नी राजकुमारी, छेदी के बेटे विंध्यनिवास चौधरी समेत सात लोगों ने उन पर हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद वह अचेत हो गए। ग्रामीण उन्हें ऑटो से अस्पताल ले जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में हमलावरों ने ऑटो को रोककर शिवकुमार को बाहर खींच लिया और तलवार से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।
मृतक के भाई रामकुमार की तहरीर पर सिकरीगंज थाने में अपहरण कर हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना में पुलिस ने तलवार और खंती बरामद की है। दोनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। घटना से संबंधित वायरल वीडियो भी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की संख्या कम होने के कारण तकनीकी साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अभियोजन की राय के बाद आरोपपत्र
पुलिस गवाहों के बयान, बरामदगी, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का आपस में मिलान कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद उसे भी विवेचना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद अभियोजन की राय के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। साथ ही घटना से पहले और बाद में पुलिस स्तर पर हुई कार्रवाई को लेकर हलका इंचार्ज की भूमिका की जांच भी की जा रही है।
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- तलवार और खंती की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार, अभियोजन से ली जा रही राय
गोरखपुर। सिकरीगंज के अहिरौली खुर्द निवासी शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड में पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है। जेल भेजे जा चुके सात बालिग और एक नाबालिग समेत सभी आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। आरोप पत्र को अंतिम रूप देने से पहले पुलिस अभियोजन अधिकारियों से कानूनी राय ले रही है। वहीं, मामले में हलका इंचार्ज की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम शिवकुमार त्रिपाठी को अहिरौली गांव में छेदी चौधरी के ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि वहां पुरानी रंजिश को लेकर राहुल चौधरी, विनोद, उसकी पत्नी राजकुमारी, छेदी के बेटे विंध्यनिवास चौधरी समेत सात लोगों ने उन पर हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद वह अचेत हो गए। ग्रामीण उन्हें ऑटो से अस्पताल ले जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में हमलावरों ने ऑटो को रोककर शिवकुमार को बाहर खींच लिया और तलवार से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।
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मृतक के भाई रामकुमार की तहरीर पर सिकरीगंज थाने में अपहरण कर हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना में पुलिस ने तलवार और खंती बरामद की है। दोनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। घटना से संबंधित वायरल वीडियो भी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की संख्या कम होने के कारण तकनीकी साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अभियोजन की राय के बाद आरोपपत्र
पुलिस गवाहों के बयान, बरामदगी, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का आपस में मिलान कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद उसे भी विवेचना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद अभियोजन की राय के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। साथ ही घटना से पहले और बाद में पुलिस स्तर पर हुई कार्रवाई को लेकर हलका इंचार्ज की भूमिका की जांच भी की जा रही है।