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आरटीई : गोरखपुर में 8,017 बच्चों के प्रवेश का होगा सत्यापन, कमेटी गठित
Sat, 03 Sep 2022 06:00 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 03 Sep 2022 06:00 AM IST
सार
बीएसए आरके सिंह ने बताया कि शासन स्तर से पिछले तीन वर्ष में आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के सत्यापन का निर्देश मिला है। प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पिछले तीन साल से शहर के निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश लेकर पढ़ने वाले 8,017 बच्चों का सत्यापन होगा। जिला और ब्लॉक स्तर पर गठित समितियां बच्चों का सत्यापन करेंगी। शासन ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद से शासन की ओर से शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चों का निशुल्क प्रवेेश होता है। शासन स्तर से प्रत्येक वर्ष दो से तीन चरणों में ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाते हैं। उसके बाद लॉटरी के माध्यम से स्कूल का आवंटन होता है।
इन बच्चों के स्कूल फीस का भुगतान शासन की ओर से शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में स्कूल प्रबंधन को किया जाता है। मगर, पिछले तीन साल से शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं हो सका है। निजी स्कूल काफी समय से शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान की मांग कर रहे है। अब शासन ने धनराशि जारी करने से पूर्व प्रवेशित बच्चों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। बीएसए आरके सिंह ने बताया कि शासन स्तर से पिछले तीन वर्ष में आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के सत्यापन का निर्देश मिला है। प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
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तीन साल 8017 बच्चों का प्रवेश
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आरटीई के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के बच्चों का निशुल्क प्रवेेश होता है। शासन स्तर से प्रत्येक वर्ष दो से तीन चरणों में ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाते हैं। उसके बाद लॉटरी के माध्यम से स्कूल का आवंटन होता है।
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इन बच्चों के स्कूल फीस का भुगतान शासन की ओर से शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में स्कूल प्रबंधन को किया जाता है। मगर, पिछले तीन साल से शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं हो सका है। निजी स्कूल काफी समय से शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान की मांग कर रहे है। अब शासन ने धनराशि जारी करने से पूर्व प्रवेशित बच्चों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। बीएसए आरके सिंह ने बताया कि शासन स्तर से पिछले तीन वर्ष में आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के सत्यापन का निर्देश मिला है। प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
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तीन साल 8017 बच्चों का प्रवेश
| वर्ष | आवंटन | प्रवेशित विद्यार्थी |
| 2020-21 | 3320 | 2955 |
| 2021-22 | 2561 | 2432 |
| 2022-23 | 2830 | 2630 |
| कुल संख्या | 8711 | 8017 |