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Gorakhpur: गीडा के खाली भूखंड बने अवैध कारोबार का ठिकाना, छापे के दौरान पकड़ी जा चुकी हैं प्रतिबंधित दवाएं
Wed, 17 Aug 2022 12:23 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 17 Aug 2022 12:23 PM IST
सार
गीडा प्रशासन औद्योगिक, कामर्शियल और आवासीय प्रयोग के लिए भूखंड का आवंटन करता है। इनमें से ज्यादातर ने न तो फैक्ट्री लगाई है और न ही कामर्शियल भूखंड का ही कोई उपयोग किया है। आवंटियों ने भूखंड की किस्त जमा करने के लिए अवैध तरीके से गोदाम बना रखा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गीडा के खाली भूखंड अवैध कारोबार का ठिकाना बनते जा रहे हैं। जब भी किसी विभाग द्वारा छापा मारा जाता है तो प्रतिबंधित चीजें बरामद होती हैं। पिछले कुछ महीनों में गीडा में प्रतिबंधित कफ सिरप, पॉलिथीन और दूसरे राज्यों की शराब पकड़ी गई। इसको देेखते हुए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने ऐसे भूखंडों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। उन्हें नोटिस देकर भूखंड निरस्त करने की कवायद हो रही है।
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दरअसल, गीडा प्रशासन औद्योगिक, कामर्शियल और आवासीय प्रयोग के लिए भूखंड का आवंटन करता है। इनमें से ज्यादातर ने न तो फैक्ट्री लगाई है और न ही कामर्शियल भूखंड का ही कोई उपयोग किया है। आवंटियों ने भूखंड की किस्त जमा करने के लिए अवैध तरीके से गोदाम बना रखा है। जिसे किराये पर दिया गया है। कामर्शियल भूखंडों को गीडा से एग्रीमेंट कर मामूली शुल्क जमा कर किराये पर दिया गया है। ऐसे में गीडा में न तो औद्योगिक विकास हो रहा है और न ही कामर्शियल गतिविधियां ही बढ़ रहीं हैं।
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पिछले दिनों पकड़े गए कई मामले
पिछले दिनों भालोटिया मार्केट के दवा कारोबारियों द्वारा नशे के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। इन कारोबारियों ने अपना गोदाम गीडा के सेक्टर 15 में बना रखा था। जहां हर महीने करोड़ों कीमत का कफ सिरप रखा जाता था। कफ सिरप को नेपाल के साथ ही पूर्वांचल के कई जिलों में भेजा जाता था। इसके पहले हरियाणा की अवैध शराब भी ऐसे ही गोदाम में पकड़ी गई थी। इन्हीं गोदाम में अवैध शराब रखी जाती थी। जहां से बिहार से लेकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों को सप्लाई होती थी। प्रतिबंधित पॉलीथिन का कारोबार भी ऐसे ही गोदामों में होता है।
सर्वे में पकड़ी गई 40 आवंटियों की गड़बड़ियां
गीडा प्रशासन की ओर से प्रत्येक सेक्टर में सर्वे कर आवंटियों द्वारा भूखंड के इस्तेमाल की जानकारियां जुटाई जा रहीं हैं। फिलहाल 40 से अधिक ऐसे आवंटी चिह्नित हुए हैं जो भूखंड का गलत उपयोग कर रहे हैं। गीडा के जानकारों का मानना है कि इस बार आवंटियों पर कार्रवाई तय है। क्योंकि प्रदेश के आला अधिकारी मामले की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
हर सेक्टर में भूमि आवंटन की वर्तमान स्थिति को लेकर सर्वे किया जा रहा है। कुछ सेक्टर में सर्वे पूरा भी हो गया है। तीन से चार दिनों में सर्वे पूरा हो जाएगा। भूखंड का गलत उपयोग करने वालों के साथ ही उद्योग नहीं लगाने वालों को नोटिस भेजा जा रहा है। इस बार बड़े पैमाने पर भूखंड का निरस्तीकरण किया जाएगा।- पवन अग्रवाल, सीईओ, गीडा
पिछले दिनों भालोटिया मार्केट के दवा कारोबारियों द्वारा नशे के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। इन कारोबारियों ने अपना गोदाम गीडा के सेक्टर 15 में बना रखा था। जहां हर महीने करोड़ों कीमत का कफ सिरप रखा जाता था। कफ सिरप को नेपाल के साथ ही पूर्वांचल के कई जिलों में भेजा जाता था। इसके पहले हरियाणा की अवैध शराब भी ऐसे ही गोदाम में पकड़ी गई थी। इन्हीं गोदाम में अवैध शराब रखी जाती थी। जहां से बिहार से लेकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों को सप्लाई होती थी। प्रतिबंधित पॉलीथिन का कारोबार भी ऐसे ही गोदामों में होता है।
सर्वे में पकड़ी गई 40 आवंटियों की गड़बड़ियां
गीडा प्रशासन की ओर से प्रत्येक सेक्टर में सर्वे कर आवंटियों द्वारा भूखंड के इस्तेमाल की जानकारियां जुटाई जा रहीं हैं। फिलहाल 40 से अधिक ऐसे आवंटी चिह्नित हुए हैं जो भूखंड का गलत उपयोग कर रहे हैं। गीडा के जानकारों का मानना है कि इस बार आवंटियों पर कार्रवाई तय है। क्योंकि प्रदेश के आला अधिकारी मामले की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
हर सेक्टर में भूमि आवंटन की वर्तमान स्थिति को लेकर सर्वे किया जा रहा है। कुछ सेक्टर में सर्वे पूरा भी हो गया है। तीन से चार दिनों में सर्वे पूरा हो जाएगा। भूखंड का गलत उपयोग करने वालों के साथ ही उद्योग नहीं लगाने वालों को नोटिस भेजा जा रहा है। इस बार बड़े पैमाने पर भूखंड का निरस्तीकरण किया जाएगा।- पवन अग्रवाल, सीईओ, गीडा